देश की आर्थिक राजधानी मुंबई हमेशा से नए विचारों और प्रगति का केंद्र रही है। इसी कड़ी में, भारत के अग्रणी ऊर्जा संक्रमण समूहों में से एक, अवादा ग्रुप (Avaada Group) ने एक बेहद शानदार पहल की है। मुंबई के व्यस्ततम इलाकों में से एक, जुहू में सोलर इन फुल ब्लूम नामक एक अद्भुत सार्वजनिक कलाकृति स्थापित की गई है।READ ALSO:-मेरठ में न्याय की हुंकार: वंश कुशवाहा हत्याकांड में पुलिस को सोमवार तक का अल्टीमेटम, शोषित क्रांति दल का धरना अस्थाई रूप से स्थगित
\r\n\r\n\r\n\r\n
यह कलाकृति केवल शहर की सुंदरता ही नहीं बढ़ा रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही है। जुहू गार्डन और लिंक रोड को जोड़ने वाले मुख्य चौराहे पर स्थापित यह 'सोलर इन फुल ब्लूम' प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई बहस और जागरूकता की शुरुआत कर रहा है। आइए इस अनूठी पहल के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कलाकृति का शानदार अनावरण और प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
\r\n\r\nइस महत्वपूर्ण और आकर्षक कलाकृति का उद्घाटन बेहद भव्य तरीके से किया गया। कार्यक्रम में राजनीति, कला और व्यापार जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
\r\n\r\n 
इसके अलावा, मुंबई नगर निगम (BMC) की नगरसेविका हेतल गाला और अवादा ग्रुप की उपाध्यक्ष सिंदुर मित्तल ने भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लिया। इन सभी हस्तियों की मौजूदगी ने सोलर इन फुल ब्लूम पहल को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
'सोलर इन फुल ब्लूम' का मुख्य उद्देश्य और गहरा संदेश
\r\n\r\nआज के समय में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। ऐसे में सोलर इन फुल ब्लूम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) की अपार क्षमताओं से परिचित कराना है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
यह कलाकृति स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक शहरी जीवन और एक टिकाऊ (शाश्वत) भविष्य के बीच के गहरे संबंध को दर्शाती है। यह सिर्फ एक लोहे या पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की उस सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के प्रति निभानी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अवादा ग्रुप का मानना है कि पर्यावरण को बचाना अब केवल सरकारों का काम नहीं है। बुनियादी ढांचे से आगे बढ़कर अब पर्यावरण संरक्षण को आम जनता के दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा और एक जनआंदोलन बनना चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जानी-मानी कलाकार संगीता बबानी का जादुई स्पर्श
\r\n\r\nइस खूबसूरत और अर्थपूर्ण कलाकृति को प्रसिद्ध और प्रतिभाशाली कलाकार संगीता बबानी ने अपने हाथों से तराशा है। संगीता बबानी अपनी सार्वजनिक कलाकृतियों के लिए पूरे देश में मशहूर हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उन्होंने सोलर इन फुल ब्लूम के माध्यम से सूर्य की ऊर्जा और प्रकृति के खिलने की प्रक्रिया को बेहद कलात्मक ढंग से पेश किया है। उनके रंगों और डिजाइन का चयन इतना सटीक है कि यह राहगीरों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी कलाकृतियां स्थापित करने का एक बड़ा फायदा यह होता है कि कला सीधे आम आदमी से जुड़ जाती है। यह कलाकृति मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को कुछ पल रुककर प्रकृति के बारे में सोचने पर मजबूर करती है।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
अवादा ग्रुप की पर्यावरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
\r\n\r\nअवादा ग्रुप भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा नाम है। यह ग्रुप लगातार ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जो कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकें।
\r\n\r\nउद्घाटन के इस खास अवसर पर अवादा ग्रुप की उपाध्यक्ष सुश्री सिंदुर मित्तल ने अपने विचार बड़ी स्पष्टता से रखे। उन्होंने कहा कि स्थिरता या शाश्वतता को केवल भारी-भरकम तकनीक और बड़े बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उनका दृढ़ विश्वास है कि स्वच्छ ऊर्जा को हमारे शहरों के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने का हिस्सा बनना होगा। सोलर इन फुल ब्लूम के जरिए कंपनी यह संदेश देना चाहती है कि प्रकृति और तकनीक एक साथ मिलकर चल सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
नागरिकों के बीच संवाद और जन-जागरूकता की शुरुआत
\r\n\r\nसुश्री सिंदुर मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सार्वजनिक कलाकृति नागरिकों के बीच प्रकृति और हमारे सामूहिक भविष्य के बारे में एक नया संवाद शुरू करेगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जब लोग जुहू जैसे व्यस्त चौराहे से गुजरेंगे और इस कलाकृति को देखेंगे, तो उनके मन में सौर ऊर्जा को लेकर जिज्ञासा उत्पन्न होगी। ऐसे आयोजनों के माध्यम से शहरी नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इससे समाज और समुदायों में स्थिरता (Sustainability) की भावना और अधिक मजबूत होती है। लोगों को यह समझ आता है कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत बदलाव भी पर्यावरण को बचाने में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
'अवादा भारत उदय यात्रा' से लेकर मुंबई की सड़कों तक
\r\n\r\nअवादा ग्रुप की यह पर्यावरण प्रेम की कहानी सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है। इससे पहले कंपनी ने 'अवादा भारत उदय यात्रा' का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उस राष्ट्रव्यापी यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हरित ऊर्जा का प्रचार-प्रसार करना था। उस यात्रा के जरिए लाखों लोगों को सौर ऊर्जा के फायदों के बारे में जागरूक किया गया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अब देश की आर्थिक राजधानी के मध्य क्षेत्र में स्थापित की गई सोलर इन फुल ब्लूम कलाकृति उसी कड़ी का एक नया और शहरी हिस्सा है। यह शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ जागरूकता का भी काम कर रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मुंबईवासियों और देश के लिए एक नई प्रेरणा
\r\n\r\nमुंबई, जो कभी नहीं सोती, वहां इस तरह की शांति और प्रकृति का संदेश देने वाली कलाकृति का होना अपने आप में अद्भुत है। यह सिर्फ मुंबईवासियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हरित ऊर्जा को अपनाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। यह कलाकृति हर नागरिक को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) जीवन शैली अपनाने के लिए लगातार प्रेरित करती रहेगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अंत में, जुहू चौराहे पर स्थापित सोलर इन फुल ब्लूम केवल एक कला का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह एक हरित और सुरक्षित भविष्य की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है। अवादा ग्रुप, स्थानीय प्रशासन और कलाकारों के इस संयुक्त प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब कला और जिम्मेदारी एक साथ मिलते हैं, तो वह समाज में एक सकारात्मक और बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। सौर ऊर्जा ही भविष्य है, और यह कलाकृति इसी सुनहरे भविष्य की एक खूबसूरत झलक है।
Sabse pehle comment karne wale banein.