नई दिल्ली (Weather Desk): अप्रैल का महीना अमूमन अपनी चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार कुदरत के मिजाज में एक खौफनाक बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्यों में जहां लोग भीषण गर्मी और 'हीटवेव' (Heatwave) से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, वहीं अब एक नई और जानलेवा आफत उनके सिर पर मंडरा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अप्रैल के लिए एक बेहद गंभीर और डराने वाला 'वेदर बुलेटिन' जारी किया है।READ ALSO:-उत्तर प्रदेश को मिलेगी 'रफ्तार की नई सौगात': 594 किमी लंबा और 37 हजार करोड़ का गंगा एक्सप्रेस-वे तैयार, 29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे भव्य उद्घाटन!
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मौसम विभाग के अनुसार, देश के 9 बड़े राज्यों में अगले कुछ घंटों के भीतर भारी तबाही मचने की आशंका है। आसमान से आग के बजाय अब पानी और बिजली गिरने वाली है। इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रचंड रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ फेंकने की ताकत रखती हैं। इसके साथ ही आसमानी बिजली (वज्रपात) गिरने की भी सख्त चेतावनी जारी की गई है, जो खुले में काम करने वाले लोगों और मवेशियों के लिए मौत का पैगाम बन सकती है।
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क्यों अचानक बिगड़ रहा है मौसम? (मौसम का विज्ञान)
\r\n\r\nमौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस अचानक आए मौसमी बदलाव के पीछे क्षोभमंडल (Troposphere) में हो रही हलचल जिम्मेदार है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऊपर एक बेहद मजबूत 'चक्रवाती सर्कुलेशन सिस्टम' (Cyclonic Circulation System) बन गया है। इस सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं तेजी से मैदानी इलाकों की तरफ खिंच रही हैं। जब ये ठंडी और नमी वाली हवाएं मैदानी इलाकों की भीषण गर्म हवाओं से टकरा रही हैं, तो इससे भयंकर 'थंडरस्टॉर्म' (गरज-चमक के साथ तूफान) की स्थिति पैदा हो रही है। यही कारण है कि मौसम विभाग ने इसे लेकर 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) और कुछ जगहों पर 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है।
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राजधानी दिल्ली में 'लू' का टॉर्चर, तो यूपी-बिहार में आंधी का खौफ
\r\n\r\nदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का एकदम विपरीत प्रभाव देखने को मिलेगा:
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- \r\n दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): देश की राजधानी दिल्ली में कुदरत का एक अलग ही कहर जारी रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 अप्रैल को यहाँ आसमान से सचमुच आग बरसेगी। दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। दिन भर चलने वाली गर्म और शुष्क हवाएं (लू) लोगों का घरों से निकलना मुहाल कर देंगी। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के बाहर न निकलने की सलाह दी है।\r\n \r\n
- \r\n उत्तर प्रदेश और बिहार (UP & Bihar): दिल्ली से सटे यूपी और पड़ोसी राज्य बिहार में स्थिति बिल्कुल उलट होगी। यहाँ के कई प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और गया में आसमान में काले बादल छाएंगे और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश होगी। बिहार के कई जिलों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी है। विशेष रूप से बिहार में वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर रेड अलर्ट है, क्योंकि यहाँ हर साल बिजली गिरने से भारी जनहानि होती है। वहीं, यूपी के करीब 20 से ज्यादा जिलों में 28 अप्रैल से मौसम और भी ज्यादा भयावह रूप ले सकता है।\r\n \r\n
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पहाड़ों से लेकर मैदानों तक: खौफनाक होगा 27 अप्रैल का दिन
\r\n\r\nइस चक्रवाती सिस्टम का असर केवल मध्य भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार उत्तर भारत के पहाड़ों और रेगिस्तानी इलाकों तक देखा जाएगा:
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1. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर):
\r\n\r\nपर्यटकों से गुलजार रहने वाले पहाड़ी राज्यों—उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश—में भी कल से मौसम का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहाँ भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर शुरू होगा। लगातार बारिश के कारण कच्ची पहाड़ियों के खिसकने यानी भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भी मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने चार धाम यात्रा की तैयारी कर रहे तीर्थयात्रियों और स्थानीय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की हिदायत दी है।
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2. राजस्थान में 'काली आंधी' और पंजाब-हरियाणा में बारिश:
\r\n\r\nरेगिस्तानी राज्य राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खौफनाक धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने का अलर्ट है। यह आंधी विजिबिलिटी (दृश्यता) को शून्य कर सकती है, जिससे हाईवे पर बड़े सड़क हादसे होने का डर है। इसके साथ ही हल्की बारिश भी होगी। वहीं, कृषि प्रधान राज्यों पंजाब और हरियाणा में भी गरज-चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से तो फौरी राहत मिलेगी, लेकिन सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगा।
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3. मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार चेतावनी:
\r\n\r\nमध्य भारत की बात करें तो, मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई संभागों में 27 से 29 अप्रैल के बीच जोरदार और लगातार बारिश होने की प्रबल संभावना है। वहीं, झारखंड और पश्चिम बंगाल में निचले क्षोभमंडल में बन रहे सर्कुलेशन के कारण हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। रांची और कोलकाता जैसे महानगरों में तापमान भले ही स्थिर रहे, लेकिन अचानक उठने वाला तूफान शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली के तारों, होर्डिंग्स और पुराने पेड़ों) को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इन दोनों राज्यों के लिए मौसम विभाग ने विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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एक नज़र में: 9 राज्यों में मौसम का हाल (Weather Snapshot)
\r\n\r\n| \r\n प्रभावित राज्य \r\n | \r\n \r\n संभावित मौसम का मिजाज \r\n | \r\n \r\n मुख्य चेतावनी (Alerts) \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर प्रदेश \r\n | \r\n \r\n तेज आंधी और बारिश \r\n | \r\n \r\n 75 km/h की हवाएं, वज्रपात \r\n | \r\n
| \r\n बिहार \r\n | \r\n \r\n आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश \r\n | \r\n \r\n वज्रपात (बिजली गिरने) का रेड अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n मध्य प्रदेश \r\n | \r\n \r\n गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश \r\n | \r\n \r\n 27-29 अप्रैल तक अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n झारखंड \r\n | \r\n \r\n अचानक तूफान और तेज बारिश \r\n | \r\n \r\n निचले इलाकों में जलभराव, ऑरेंज अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n पश्चिम बंगाल \r\n | \r\n \r\n तूफानी हवाएं और बारिश \r\n | \r\n \r\n होर्डिंग्स व पेड़ गिरने का खतरा \r\n | \r\n
| \r\n राजस्थान \r\n | \r\n \r\n धूल भरी आंधी (Dust storm) \r\n | \r\n \r\n 60 km/h की आंधी, जीरो विजिबिलिटी \r\n | \r\n
| \r\n उत्तराखंड \r\n | \r\n \r\n भारी बारिश और तेज हवाएं \r\n | \r\n \r\n भूस्खलन (Landslide) का खतरा \r\n | \r\n
| \r\n हिमाचल प्रदेश \r\n | \r\n \r\n मूसलाधार बारिश \r\n | \r\n \r\n पर्यटकों के लिए विशेष चेतावनी \r\n | \r\n
| \r\n जम्मू-कश्मीर \r\n | \r\n \r\n लगातार भारी बारिश \r\n | \r\n \r\n यात्रा मार्गों पर रुकावट की आशंका \r\n | \r\n
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किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट: खड़ी फसलों को नुकसान का डर
\r\n\r\nइस बेमौसम बारिश और तूफान का सबसे ज्यादा खामियाजा देश के अन्नदाताओं यानी किसानों को उठाना पड़ सकता है। अप्रैल के अंत में कई राज्यों में रबी की फसल (विशेषकर गेहूं) की कटाई का काम अंतिम चरण में होता है या कटी हुई फसल खेतों/मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी होती है। ऐसे में यह तूफान और बारिश किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
\r\n\r\nकृषि विभाग और मौसम विज्ञानियों ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के गोदामों में भंडारण करें।\r\n \r\n
- \r\n खेतों में कटी हुई फसल को तिरपाल या वाटरप्रूफ शीट से अच्छी तरह ढक दें।\r\n \r\n
- \r\n खेतों में जलभराव न होने दें, जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।\r\n \r\n
- \r\n तूफान और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले खेतों में बिल्कुल भी आश्रय न लें।\r\n \r\n
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प्रशासन हुआ मुस्तैद: आपदा प्रबंधन इकाइयां अलर्ट मोड पर
\r\n\r\nमौसम के इस खतरनाक और जानलेवा मिजाज को देखते हुए केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों ने कमर कस ली है। सभी 9 राज्यों के जिलाधिकारियों (DM) और स्थानीय प्रशासन को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन वार्डों को तैयार रहने को कहा गया है। बिजली विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि तार टूटने की स्थिति में तुरंत बिजली आपूर्ति काटी जाए ताकि करंट फैलने से होने वाले हादसों को रोका जा सके।
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आम जनता से भी अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और जब तक बहुत जरूरी न हो, खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें। कुदरत की इस मार से बचने का एकमात्र उपाय सतर्कता और सावधानी ही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.