CJP Protest से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि जब तक कानून-व्यवस्था के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं आती, तब तक मेट्रो का संचालन सामान्य तरीके से जारी रहना चाहिए। इसके साथ ही इंटरनेट सेवाएं चालू करने और बैरिकेड हटाने को लेकर भी निर्देश दिए गए।
मेट्रो संचालन सामान्य रखने पर जोर
आम आवाजाही प्रभावित न होने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सामान्य रूप से चलाया जाना चाहिए, बशर्ते कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर चुनौती पैदा न करे।
इंटरनेट बहाली और बैरिकेड हटाने के निर्देश
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›इंटरनेट बहाली और बैरिकेड हटाने पर सुनवाई
सुनवाई के दौरान इंटरनेट सेवाएं बहाल करने और अनावश्यक बैरिकेड हटाने का मुद्दा भी उठा। कोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य आम नागरिकों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाना है।
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प्रदर्शन के मद्देनजर लगाए गए बैरिकेड और प्रतिबंधों से लोगों को होने वाली परेशानी पर भी ध्यान दिया गया। हालांकि, पूरे शहर से सभी बैरिकेड हटाने और इंटरनेट बहाली के आदेश की सटीक शर्तों की पुष्टि विस्तृत न्यायिक आदेश से की जानी चाहिए।
वकीलों के काम में बाधा नहीं डालने की बात
अदालत पहुंच और कानूनी कामकाज सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर काम से नहीं रोका जा सकता। अदालतों तक पहुंच और कानूनी कामकाज प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद अब संबंधित प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। मामले में अंतिम स्थिति और आदेश की पूरी शर्तों के लिए सुप्रीम कोर्ट का आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.