इंडिया मोबाइल कांग्रेस (India Mobile Congress) के इस साल के आयोजन में तकनीकी दुनिया के कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। IMC 2026 Top Innovations में आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाली कई नई तकनीकें पेश की गई हैं। रिलायंस जियो का स्मार्ट चश्मा, मिनटों में बीमारियों की जांच करने वाले मेडिकल कियोस्क और सीमाओं की सुरक्षा करने वाले आधुनिक ड्रोन इस ग्लोबल इवेंट का मुख्य आकर्षण रहे। आइए इन सभी अत्याधुनिक उपकरणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

जियो AI चश्मे से सीधे होगा UPI भुगतान 

रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने अपनी नई और सबसे खास पेशकश के रूप में AI स्मार्टग्लासेज (AI Smartglasses) को प्रदर्शित किया है। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए यूजर्स बिना अपना स्मार्टफोन जेब से निकाले, सीधे चश्मे की मदद से UPI पेमेंट कर सकेंगे।

कंपनी इस डिवाइस को दो अलग-अलग मॉडल्स में बाजार में उतारेगी। इनमें पहला 'ऑडियो ओनली' मॉडल और दूसरा 'कैमरा मॉडल' होगा। हालांकि जियो ने अभी तक इसके सभी स्पेसिफिकेशन्स की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन कंपनी का दावा है कि इसकी कीमत आम भारतीय ग्राहकों के बजट के अनुकूल रखी जाएगी।

स्मार्ट केयर कियोस्क: 30 मिनट में 80 से ज्यादा मेडिकल जांच 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में हेल्थ टेक स्टार्टअप क्योरबे (CureBay) ने एक आधुनिक हेल्थ ATM पेश किया है। इसे 'स्मार्ट केयर कियोस्क' का नाम दिया गया है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस सेंसर्स पर काम करता है।

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इस मशीन की मदद से मरीजों को रूटीन जांच के लिए लैब में घंटों या दिनों का इंतजार नहीं करना होगा। यह स्मार्ट कियोस्क एक ही जगह पर ब्लड प्रेशर, शुगर, लिवर प्रोफाइल और हीमोग्लोबिन सहित 80 से ज्यादा मेडिकल टेस्ट कर सकता है। जांच के मात्र 30 मिनट के भीतर सटीक डिजिटल रिपोर्ट सीधे मरीज के स्मार्टफोन पर मिल जाती है।

डेंटिस्ट रोबोट: एक मिनट में ओरल हेल्थ की पूरी जांच 

भारत के एक मेडटेक स्टार्टअप द्वारा विकसित किया गया अनोखा 'डेंटिस्ट रोबोट' भी IMC 2026 में चर्चा का विषय बना। यह रोबोटिक डेंटल कियोस्क बिना किसी दर्द या लंबे इंतजार के केवल 60 सेकंड में दांतों और मसूड़ों की जांच कर लेता है।

इसमें लगे रोबोटिक आर्म और हाई-टेक कैमरे की मदद से मुंह के अंदर की 360-डिग्री स्कैनिंग की जाती है। मशीन में मौजूद AI सिस्टम तुरंत दांतों की सड़न, प्लाक और मसूड़ों की सूजन को पहचान लेता है। जांच पूरी होने के एक मिनट के भीतर रिपोर्ट मशीन की स्क्रीन पर आ जाती है और यूजर के वॉट्सएप पर भी भेज दी जाती है। इससे शुरुआती स्टेज में ही बीमारी पकड़ में आ जाती है।

'ड्रोनास्त्र' से आसमान में ही खत्म होंगे दुश्मन के ड्रोन 

सुरक्षा के मोर्चे पर भारत में बना 'ड्रोनास्त्र' (Dronastra) एक अहम इनोवेशन साबित हुआ है। यह AI तकनीक से लैस एक इंटेलिजेंट 'एयर गार्ड' ड्रोन है, जिसे बॉर्डर और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है।

इसके हाई-टेक कैमरे और सेंसर्स खराब मौसम, घने कोहरे या बादलों के पीछे छिपे छोटे ड्रोन्स को भी आसानी से डिटेक्ट कर लेते हैं। खतरा महसूस होने पर यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक तरीके से काम करता है। यह दो तरह से हमला करता है। पहला, यह दुश्मन के ड्रोन का जीपीएस और कंट्रोल सिग्नल जाम कर देता है। दूसरा, अगर जामिंग काम न करे, तो यह 'हंटर ड्रोन' सीधा दुश्मन के डिवाइस से टकराकर या उस पर हवा में जाल फेंककर उसे आसमान में ही नष्ट कर देता है।

क्वालकॉम का ओपन आर्म रोबोट 

दिग्गज टेक कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) ने इवेंट में एक नया ओपन आर्म रोबोट प्रदर्शित किया। यह एडवांस रोबोटिक आर्म बिल्कुल इंसानी हाथों और बाजुओं की तरह सटीक मूवमेंट करने में सक्षम है। इसे ऐसे खतरनाक या जानलेवा स्थानों पर काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां इंसानों का जाना सुरक्षित नहीं होता। यह क्वालकॉम के आधुनिक चिपसेट और AI प्लेटफॉर्म पर काम करता है।

आपदा में इमरजेंसी नेटवर्क देगा रिलायंस का 'पतंग' ड्रोन 

प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप या तूफान के दौरान अक्सर इलाके के मोबाइल टावर टूट जाते हैं और संचार पूरी तरह ठप हो जाता है। इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी एस्टेरिया एयरोस्पेस (Asteria Aerospace) ने 'पतंग' (PATANG) नाम का खास ड्रोन तैयार किया है।

यह ड्रोन आसमान में काफी देर तक एक ही जगह पर टिक कर इमरजेंसी नेटवर्क प्रदान कर सकता है। इसमें तेज सिग्नल देने वाले पावरफुल ट्रांसमीटर और साफ रिकॉर्डिंग वाला 4K कैमरा लगा है। इस तकनीक से रेस्क्यू टीम और आपदा में फंसे लोग इमरजेंसी के समय एक-दूसरे से फोन पर आसानी से संपर्क कर सकेंगे।

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