भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जो देश के कई हिस्सों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत और सतर्कता दोनों का कारण बन सकता है। IMD Weather Alert 2 June के तहत, 2 जून 2026 के लिए देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाओं का हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया गया है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों और उपग्रह से प्राप्त डेटा को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के लगभग 17 राज्यों में मौसम तेजी से बिगड़ने की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ों में भी मौसम का बेहद रौद्र और डरावना रूप देखने को मिल सकता है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों (Disaster Management) ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की सख्त अपील की है।READ ALSO:-Monsoon 2026 Mega Update: केरल पहुंचने में अटका मानसून, इस साल 'अल नीनो' सुखाएगा हलक! जानें यूपी-बिहार समेत 27 राज्यों के मौसम का हाल
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IMD Weather Alert 2 June: मौसम में अचानक क्यों आ रहा है यह महा-बदलाव?

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मौसम विज्ञानियों के अनुसार, देश के मौसम में अचानक आए इस व्यापक बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भौगोलिक और वायुमंडलीय कारण हैं।
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    पहला कारण उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के मैदानी क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का पूरी तरह से मौजूद होना है। पश्चिमी विक्षोभ अक्सर भूमध्य सागर से नमी लेकर उत्तर भारत की ओर बढ़ता है, जो अचानक बारिश और आंधी का कारण बनता है।
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    दूसरा सबसे बड़ा कारण बंगाल की खाड़ी के पूर्वोत्तर हिस्से और अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (Upper-Air Cyclonic Circulations) का निर्माण होना है।
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इन दोनों मौसमी प्रणालियों (Weather Systems) के आपस में टकराने से नमी वाली हवाएं तेजी से मैदानी और पहाड़ी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। यही वजह है कि अचानक उमस भरी गर्मी के बीच भयंकर आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का माहौल बन रहा है। 
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दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मिजाज, मिलेगी चिलचिलाती और झुलसाती गर्मी से राहत

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (NCR) के इलाकों (जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में पिछले कुछ हफ्तों से मौसम काफी अस्थिर और गर्म बना हुआ था। चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रखा था। लेकिन अब लोगों को इस भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए विशेष तौर पर अलर्ट जारी किया है।
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    तेज हवाएं और बारिश: 2 जून को दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पुख्ता अनुमान है।
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    हवा की रफ्तार: इस मौसमी गतिविधि के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। वहीं, स्थानीय चेतावनी के अनुसार कुछ खुले इलाकों में यह 50 से 80 किमी प्रति घंटे की खतरनाक रफ्तार तक भी पहुंच सकती है। इससे कई जगह पेड़ गिरने या होर्डिंग उखड़ने का भी खतरा है।
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    तापमान में भारी गिरावट: लगातार बारिश और तेज ठंडी हवाओं के कारण राजधानी का अधिकतम तापमान गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
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यूपी और बिहार में आंधी-तूफान और वज्रपात की सख्त चेतावनी

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उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए आगामी 24 से 48 घंटे काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। दोनों ही राज्यों के अधिकांश हिस्सों में मौसम विभाग ने भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और तेज आंधी-तूफान की सख्त चेतावनी जारी की है।
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    उत्तर प्रदेश का विस्तृत हाल: यूपी के कई पश्चिमी और पूर्वी जिलों में मौसम पूरी तरह से करवट ले सकता है। जिन जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सहारनपुर, बहराइच, हरदोई, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, मेरठ, कानपुर, हमीरपुर, अयोध्या, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और ललितपुर मुख्य रूप से शामिल हैं। इस दौरान लखनऊ का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
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    बिहार में मौसम का भयानक अलर्ट: बिहार के कई जिलों में भी तूफान का असर देखने को मिलेगा। पटना, रोहतास, गया, नवादा, अरवल, जमुई, लखीसराय, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर और भोजपुर जिलों में 2 जून को भारी बारिश और भयंकर आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जबकि पटना का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
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भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे राजस्थान और मध्य प्रदेश में बड़ी राहत

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मई के महीने में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का कहर झेल रहे राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में यह पश्चिमी विक्षोभ बड़ी राहत लेकर आ रहा है।
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    राजस्थान का धूलभरा मौसम: मरुस्थलीय राज्य राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, अजमेर और अलवर जैसे बड़े इलाकों में तेज धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की प्रबल संभावना जताई गई है। इस आंधी से दृश्यता (Visibility) काफी कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। हालांकि, इस धूलभरी आंधी और छिटपुट बारिश के बाद तापमान में कई डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को लू से मुक्ति मिलेगी।
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    मध्य प्रदेश में अलर्ट: मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विभाग ने विदिशा, जबलपुर, उज्जैन और बालाघाट जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया है। 
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पहाड़ों पर डरा रहा है मौसम: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर हाई अलर्ट पर

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मैदानी इलाकों के अलावा देश के पहाड़ी राज्यों में मौसम काफी खतरनाक और जानलेवा रूप ले चुका है। चारधाम यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
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    हिमाचल प्रदेश: पहाड़ों की रानी हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना, मनाली और हमीरपुर में भारी बारिश तथा भयंकर तूफान का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते मनाली जैसे ऊंचे इलाकों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड लौट सकती है।
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    उत्तराखंड (देवभूमि): देवभूमि उत्तराखंड में भूस्खलन (Landslide), चट्टानें खिसकने और सड़कें बाधित होने की गहरी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 2 से 5 जून के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। 3 से 5 जून के बीच कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, बागेश्वर, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग जिलों में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और भारी ओले (Hailstorm) गिरने का गंभीर अलर्ट है। 
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    जम्मू-कश्मीर: घाटी में भी मौसम का कहर जारी रहेगा। मुजफ्फराबाद, कुपवाड़ा, पुंछ, उधमपुर, कुलगाम, गांदरबल, जम्मू, कठुआ, डोडा, श्रीनगर, राजौरी और अनंतनाग में 3 और 4 जून के बीच भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
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पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब और असम का मौसम अपडेट

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पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के साथ-साथ पंजाब में भी IMD Weather Alert 2 June का व्यापक और स्पष्ट असर देखने को मिलेगा।
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    पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के मालदा, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद, कालिम्पोंग, दुर्गापुर, नादिया, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और हुगली में 2 से 5 जून के बीच मध्यम से अत्यंत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा। इस दौरान यहां 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, जो कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से मालदा, जलपाईगुड़ी, हुगली और बीरभूम के लिए भी चेतावनी जारी की है।
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    झारखंड: झारखंड के प्रमुख शहरों जैसे रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर में मंगलवार (2 जून) को 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
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    पंजाब और असम: उत्तर भारत में पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और भटिंडा में भी 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम के गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और नगांव में मूसलाधार बारिश का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
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केरल में मानसून की एंट्री में हुई देरी: कब आएगा मानसून?

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जहां एक तरफ उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत आंधी-बारिश से सराबोर होने वाला है, वहीं देश के दक्षिणी छोर यानी केरल में बहुप्रतीक्षित दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) के आगमन में इस बार थोड़ी देरी दर्ज की गई है। आम तौर पर भारत में मानसून की आधिकारिक शुरुआत 1 जून तक केरल तट से मानी जाती है, लेकिन इस साल यह अपने निर्धारित समय से 2 से 3 दिन पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, अब मानसून के 3 या 4 जून को केरल तट पर पूरी तरह से दस्तक देने की उम्मीद है। 
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IMD Weather Alert 2 June के बीच रखें अपना और अपनों का ख्याल

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IMD Weather Alert 2 June स्पष्ट रूप से यह संकेत देता है कि देश के एक बहुत बड़े हिस्से में मौसम तेजी से और अप्रत्याशित रूप से बदल रहा है। मैदानी इलाकों में जहां यह मौसमी बदलाव भीषण लू और गर्मी से लोगों को फौरी राहत दिलाएगा, वहीं पहाड़ों पर यह प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूस्खलन और फ्लैश फ्लड) का कारण भी बन सकता है। तेज हवाओं, भारी ओलावृष्टि और आसमानी बिजली के कहर से बचने के लिए लोगों को खुले मैदानों में न जाने और सुरक्षित, पक्के स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को अपनी फसलों का बचाव करने और पर्यटकों को अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों की अपनी यात्रा स्थगित करने का सख्त सुझाव दिया गया है। मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जुड़े रहें।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 जून 2026 के लिए देश के 17 प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और भयंकर बिजली गिरने का हाई अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, झारखंड और मध्य प्रदेश में जहां भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी, वहीं उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन तथा 60-70 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, किसानों के लिए महत्वपूर्ण दक्षिण-पश्चिम मानसून के अब 3 या 4 जून तक केरल तट पर पहुंचने की उम्मीद है, जो अपने सामान्य समय से 2-3 दिन पीछे है।
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