अगर आप अपनी कार से अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। 10 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी टोल प्लाजा पर सफर करने के नियम पूरी तरह से बदलने जा रहे हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाईवे पर सफर को और भी आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस NHAI Toll Tax New Rule के तहत 10 अप्रैल से किसी भी टोल प्लाजा पर कैश (नकद) में पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब टोल प्लाजा पूरी तरह से कैशलेस और डिजिटल हो जाएंगे। आपके वाहन में FASTag का होना अब पहले से कहीं ज्यादा अनिवार्य हो गया है। अगर किसी वजह से आपके पास फास्टैग नहीं है, तो आपको UPI का सहारा लेना होगा, लेकिन यह विकल्प आपकी जेब पर काफी भारी पड़ सकता है।READ ALSO:-मध्य पूर्व युद्ध की आंच से झुलसा ड्रैगन: कच्चे तेल में उबाल के कारण चीन ने 15 दिन में दूसरी बार बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, दुनिया भर में मचेगा हाहाकार!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

FASTag नहीं है? तो UPI से देना पड़ेगा 25% ज्यादा पैसा

\r\n\r\n
NHAI ने अपने हालिया नोटिफिकेशन में स्पष्ट कर दिया है कि टोल वसूली का मुख्य माध्यम केवल FASTag ही रहेगा। लेकिन, यदि किसी वाहन में एक्टिव FASTag नहीं है, वह काम नहीं कर रहा है या ब्लैकलिस्टेड है, तो ऐसी स्थिति में ड्राइवर टोल प्लाजा पर UPI के माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर सकता है। हालांकि, नए NHAI Toll Tax New Rule के अनुसार, UPI से पेमेंट करने पर आपको पेनाल्टी के रूप में सामान्य टोल फीस से 25% ज्यादा (यानी 1.25 गुना) पैसा देना पड़ेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझें: यदि किसी टोल प्लाजा पर सामान्य टोल टैक्स 100 रुपये है और आपके पास फास्टैग नहीं है, तो UPI से पेमेंट करते समय आपको 125 रुपये चुकाने होंगे। इसलिए, जो लोग अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, उनके लिए अपनी गाड़ी पर FASTag लगवाना और उसमें पर्याप्त बैलेंस रखना ही सबसे सस्ता और आसान विकल्प है। इससे न केवल पैसे बचेंगे बल्कि समय भी बचेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ई-नोटिस और जुर्माने का सख्त प्रावधान

\r\n\r\n
कई बार ऐसा होता है कि वाहन चालक न तो FASTag से पेमेंट करते हैं और न ही जुर्माना भरकर UPI से पेमेंट करने को राजी होते हैं। नए नियमों के तहत अगर कोई ड्राइवर दोनों तरीकों से पेमेंट करने से स्पष्ट मना करता है, तो टोल कर्मचारी उसे बैरियर से आगे जाने से रोक सकते हैं। यह नियम नेशनल हाईवे शुल्क नियमों के तहत सख्ती से लागू किया गया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इतना ही नहीं, इस मामले में विवाद करने वाले वाहनों की पहचान करके गाड़ी के पंजीकृत मालिक के मोबाइल और ईमेल पर तुरंत एक ई-नोटिस (e-notice) जारी किया जाएगा। नियम यह कहता है कि यदि इस ई-नोटिस के मिलने के 3 दिन (72 घंटे) के भीतर टोल का बकाया पैसा ऑनलाइन माध्यम से जमा नहीं किया गया, तो आपको जुर्माने के तौर पर टोल की दोगुनी रकम भरनी पड़ सकती है। यदि 15 दिन तक भुगतान नहीं होता है, तो गाड़ी को सरकारी वाहन पोर्टल पर दर्ज कर लिया जाएगा, जिससे भविष्य में गाड़ी बेचने या फिटनेस सर्टिफिकेट लेने में भारी परेशानी हो सकती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आईडी कार्ड दिखाकर फ्री निकलने की सुविधा अब खत्म

\r\n\r\n
भारत में टोल प्लाजा पर अक्सर यह देखा जाता था कि बहुत से लोग अपनी प्राइवेट गाड़ियों में किसी सरकारी विभाग, पुलिस या सुरक्षा बल का आईडी कार्ड (ID Card) दिखाकर बिना टोल दिए ही निकल जाया करते थे। भले ही वे किसी निजी काम से, परिवार के साथ या छुट्टी के दिन यात्रा कर रहे हों, लेकिन आईडी कार्ड का रौब दिखाकर वे टोल टैक्स बचाने की कोशिश करते थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस भारी दुरुपयोग से निपटने के लिए भी सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इस NHAI Toll Tax New Rule के तहत अब प्राइवेट गाड़ियों में कोई भी सरकारी या विभागीय आईडी कार्ड दिखाकर टोल फ्री निकलने की सुविधा को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ उन्हीं चुनिंदा और अधिकृत गाड़ियों को बिना टोल दिए जाने की अनुमति होगी, जिनमें आधिकारिक रूप से मान्य 'Exempted FASTag' (छूट वाला फास्टैग) लगा होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस बड़े बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर कर्मचारियों और रसूखदार लोगों के बीच अक्सर होने वाले विवाद और झगड़े काफी हद तक कम हो जाएंगे। अब टोल की छूट किसी व्यक्ति विशेष को नहीं, बल्कि उस गाड़ी के आधिकारिक और ड्यूटी पर होने के उपयोग के आधार पर ही मिलेगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

FASTag एनुअल पास (Annual Pass) को बढ़ावा

\r\n\r\n
NHAI केवल सख्त नियम ही लागू नहीं कर रहा है, बल्कि नियमित यात्रियों को वित्तीय राहत देने के लिए सुविधाओं का दायरा भी बढ़ा रहा है। अथॉरिटी अब FASTag एनुअल पास (Annual Pass) को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दे रही है। जो लोग अपने काम के सिलसिले में, व्यापार के लिए या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एक ही टोल प्लाजा से बार-बार गुजरते हैं, उनके लिए यह पास बहुत फायदेमंद है। एनुअल पास के जरिए यात्रियों को बार-बार पैसे कटने की चिंता नहीं रहती और लंबी अवधि में उनका अच्छा खासा पैसा बच जाता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आखिर क्यों लागू किया गया NHAI Toll Tax New Rule?

\r\n\r\n
सरकार और NHAI द्वारा उठाए गए इस डिजिटल कदम के पीछे कई अहम कारण छिपे हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    लंबे जाम से मुक्ति: सप्ताहांत (Weekends) और त्योहारों के दौरान टोल प्लाजा पर भारी जाम लग जाता है। कैश लेनदेन के कारण एक गाड़ी को निकलने में काफी समय लगता है। 100% डिजिटल पेमेंट से गाड़ियां बिना रुके तेजी से निकल सकेंगी और प्रतीक्षा समय (Waiting Time) न के बराबर रह जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सिस्टम में पारदर्शिता: नकद लेनदेन में कई बार कर्मचारियों द्वारा खुले पैसों की किल्लत का बहाना बनाया जाता था और राजस्व की हेराफेरी की शिकायतें भी मिलती थीं। पूरी तरह डिजिटल होने से सिस्टम में पूरी पारदर्शिता आएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ईंधन की बचत और पर्यावरण: गाड़ियों के लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने से ईंधन (Fuel) बर्बाद होता है और भारी प्रदूषण बढ़ता है। कतारें छोटी होने से देश का ईंधन बचेगा और पर्यावरण को भी फायदा होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कुल मिलाकर, 10 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर लागू होने वाला यह बदलाव भारत के परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक नई डिजिटल क्रांति लेकर आ रहा है। NHAI Toll Tax New Rule के लागू होने से न केवल यात्रियों के कीमती समय की बचत होगी, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाला भीषण जाम भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। अगर आप 25% एक्स्ट्रा चार्ज और 3 दिन बाद लगने वाली दोगुनी पेनाल्टी से बचना चाहते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी पर एक एक्टिव फास्टैग जरूर लगा हो। यात्रा से पहले उसका बैलेंस चेक करना न भूलें। इसके साथ ही, फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर फ्री निकलने वालों पर रोक लगने से व्यवस्था में काफी सुधार होगा। यह नियम लंबी अवधि में आम आदमी और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभदायक साबित होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
10 अप्रैल से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के नए नियमों के तहत देश के सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजैक्शन को पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। अब टोल का भुगतान सिर्फ FASTag के जरिए ही संभव होगा। यदि किसी के पास फास्टैग नहीं है, तो वह UPI से पेमेंट कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे सामान्य फीस से 25% अतिरिक्त चार्ज (जुर्माना) देना होगा। पेमेंट न करने पर ई-नोटिस भेजा जाएगा और 3 दिन के भीतर भुगतान न होने पर रकम दोगुनी हो सकती है। इसके अलावा, प्राइवेट गाड़ियों में सरकारी आईडी कार्ड दिखाकर टोल फ्री निकलने की पुरानी सुविधा को भी समाप्त कर दिया गया है; अब केवल 'Exempted FASTag' लगी गाड़ियां ही फ्री निकल सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें