​हर दिन की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की नजरें पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर टिकी होती हैं। देश के करोड़ों घरों की रसोई और लाखों छोटे-बड़े व्यापार गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमतों में थोड़ा सा भी बदलाव सीधे तौर पर घर के मासिक बजट और व्यापार के मुनाफे को प्रभावित करता है।
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​अगर आप आज अपने घर या रेस्टोरेंट के लिए गैस स‍िलेंडर बुक करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आज के ताजा रेट क्या हैं। सरकारी तेल व‍िपणन कंपन‍ियां (Oil Marketing Companies) हर द‍िन पेट्रोल-डीजल की तरह ही एलपीजी गैस के नए भाव भी जारी करती हैं। नई रेट ल‍िस्‍ट देखकर ही बुकिंग करना समझदारी है, ताकि आपको सही कीमत का अंदाजा रहे। आइए, विस्तार से जानते हैं आज का बाजार भाव और डिलीवरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
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​घरेलू और कमर्शियल एलपीजी: आज बाजार का क्या है हाल?

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​एलपीजी बाजार को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है—घरेलू उपयोग (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल उपयोग (19 किलोग्राम)। दोनों के ग्राहकों और बाजार की मांग में बड़ा अंतर होता है, इसलिए इनकी कीमतों का निर्धारण भी अलग-अलग तरीके से किया जाता है।
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​1. घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) की कीमतें

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​आम आदमी और गृहणियों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए रेट्स को स्थिर रखा है। इसका मतलब है कि आपको अपने रसोई गैस के लिए उतना ही भुगतान करना होगा, जितना आपने पिछले महीने किया था। उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी भी उनके खातों में नियमानुसार ट्रांसफर की जा रही है।
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​2. कमर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) पर मिली राहत

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​व्यापारिक वर्ग, खासकर होटल, रेस्तरां, ढाबा और छोटे फूड स्टॉल चलाने वालों के लिए अच्छी खबर बनी हुई है। 19 किग्रा वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इस महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों द्वारा कटौती की गई थी। यह कटौती अभी भी लागू है, जिससे छोटे कारोबारियों की उत्पादन लागत (Production Cost) में कमी आई है। इससे बाजार में खाने-पीने की चीजों की महंगाई को भी कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
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देश के 14 प्रमुख शहरों में आज गैस स‍िलेंडर के दाम (Rate List)

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​अलग-अलग राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन के खर्च के कारण गैस सिलेंडर की कीमतें हर शहर में अलग होती हैं। नीचे दी गई टेबल में भारत के प्रमुख शहरों के ताजा भाव विस्तार से दिए गए हैं:
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शहर का नाम
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घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 kg)
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कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 kg)
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नई दिल्ली (New Delhi)
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₹942.00
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₹2,930.00
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नोएडा (Noida)
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₹939.50
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₹2,930.00
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गुरुग्राम (Gurugram)
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₹950.50
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₹2,947.50
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चंडीगढ़ (Chandigarh)
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₹951.50
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₹2,954.50
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जयपुर (Jaipur)
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₹945.50
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₹2,957.50
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लखनऊ (Lucknow)
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₹979.50
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₹3,052.50
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पटना (Patna)
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₹1,031.50
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₹3,227.00
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कोलकाता (Kolkata)
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₹968.00
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₹3,081.50
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भुवनेश्वर (Bhubaneswar)
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₹968.00
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₹3,114.50
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मुंबई (Mumbai)
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₹941.50
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₹2,885.50
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बेंगलुरु (Bengaluru)
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₹944.50
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₹3,021.00
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हैदराबाद (Hyderabad)
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₹994.00
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₹3,191.00
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चेन्नई (Chennai)
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₹957.50
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₹3,106.00
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तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram)
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₹951.00
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₹2,971.50
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आखिर कैसे तय होते हैं गैस सिलेंडर के रेट्स?

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​कई बार लोगों के मन में यह सवाल आता है कि गैस के दाम अचानक से कैसे बढ़ या घट जाते हैं। इसके पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आर्थिक कारक जिम्मेदार होते हैं। एलपीजी गैस के दाम मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों पर निर्भर करते हैं:
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    ​ग्लोबल मार्केट में गैस के रेट्स: भारत अपनी जरूरत की अधिकांश एलपीजी गैस का आयात (Import) करता है। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार (Global Market) में प्रोपेन और ब्यूटेन (LPG के मुख्य घटक) की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे भारतीय कीमतों को प्रभावित करता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    ​क्रूड ऑयल की कीमत (Crude Oil Prices): एलपीजी कच्चे तेल के शोधन (Refining) का ही एक सह-उत्पाद (By-product) है। जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ गैस की कीमतों पर भी दबाव पड़ता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    ​करेंसी एक्सचेंज रेट (USD-INR): अंतरराष्ट्रीय बाजार में सारा व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है। अगर रुपये के मुकाबले डॉलर मजबूत होता है, तो भारत को गैस आयात करने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं।
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  • \r\n
    ​ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट: समुद्र तटों पर स्थित रिफाइनरी से लेकर देश के भीतरी हिस्सों (जैसे पटना या लखनऊ) तक गैस पहुंचाने का खर्च (Freight Cost) भी अंतिम कीमत में जोड़ा जाता है। यही कारण है कि तटीय इलाकों (जैसे मुंबई) के मुकाबले पहाड़ी या दूरदराज के इलाकों में गैस महंगी होती है।
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उपभोक्ता रहें सतर्क: डिलीवरी लेते समय जरूर जांचें ये 4 चीजें

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​गैस सिलेंडर एक अत्यंत ज्वलनशील (Flammable) उत्पाद है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके अलावा, गैस चोरी के मामले भी अक्सर सामने आते रहते हैं। इसलिए, जब भी आपके घर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हो, तो एक जागरूक उपभोक्ता के तौर पर इन 4 बातों की जांच अनिवार्य रूप से करें:
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    ​सील की अच्छी तरह जांच करें (Check the Seal): सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि सिलेंडर के वाल्व पर लगी प्लास्टिक की फैक्ट्री सील पूरी तरह से सुरक्षित (Intact) है। अगर सील टूटी हुई है, उसमें कोई कट है, या वह दोबारा चिपकाई गई लग रही है, तो ऐसे सिलेंडर को बिल्कुल न लें। यह गैस चोरी होने का सीधा संकेत है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    ​सही वजन तोलें (Weight Check): कई बार उपभोक्ताओं को शिकायत होती है कि उनका सिलेंडर समय से पहले खत्म हो गया। इससे बचने के लिए, डिलीवरी मैन से अपने सामने सिलेंडर तोलने को कहें। हर डिलीवरी बॉय के पास डिजिटल वजन मशीन होना अनिवार्य है। एक भरे हुए घरेलू सिलेंडर का कुल वजन लगभग 29-30 किलो (14.2 किलो गैस + 15-16 किलो खाली सिलेंडर का वजन) होता है।
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  4. \r\n
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    ​गैस लीक की तुरंत जांच करें (Leakage Test): सिलेंडर घर में रखते वक्त ध्यान दें कि उसमें से किसी तरह की गैस की गंध (एलपीजी में मिलाया जाने वाला एथिल मर्कैप्टन) तो नहीं आ रही है। आप चाहें तो वाल्व के पास थोड़ा सा पानी या साबुन का झाग लगाकर भी चेक कर सकते हैं। अगर बुलबुले उठें, तो इसका मतलब है कि रिसाव (Leakage) हो रहा है। ऐसे सिलेंडर को तुरंत वापस कर दें।
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  6. \r\n
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    ​पक्का बिल (Official Receipt) लेना न भूलें: कैश या ऑनलाइन भुगतान करने के बाद डिलीवरी मैन से आधिकारिक डिलीवरी रसीद (Bill) जरूर लें। यह बिल न केवल यह साबित करता है कि आपने सिलेंडर वैध तरीके से खरीदा है, बल्कि किसी भी दुर्घटना या शिकायत की स्थिति में यह आपके लिए कानूनी सुरक्षा का काम भी करता है।
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आज के समय में जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है। गैस सिलेंडर की सही कीमत की जानकारी होने से आप किसी भी तरह की ओवरचार्जिंग से बच सकते हैं। साथ ही, डिलीवरी के समय थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रख सकती है। अगली बार जब भी आपके दरवाजे पर डिलीवरी बॉय आए, तो इन सुरक्षा नियमों का पालन करना न भूलें।
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