उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व सहित यूपी के सभी 4 टाइगर रिजर्व के लिए पर्यटन की समय सीमा 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी है। बाघ, हाथी और किंग कोबरा देखने के शौकीन
Published at : 12 Jun 2026, 08:57 AM
Updated at : 10 Sep 2026, 10:57 PM
विज्ञापन
विज्ञापन
Yogi Govt Extends Tourist Safari Season in Amangarh Tiger Reserve Till June 30
रिपोर्टर:शकील अहमद स्थान: बिजनौर, उत्तर प्रदेश
\r\n\r\n
बिजनौर (Bijnor Eco-Tourism News): चिलचिलाती गर्मी के बीच वन्यजीव प्रेमियों और जंगल सफारी का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर दी है। अगर आप प्रकृति के करीब जाकर जंगली जानवरों की अठखेलियां देखने का मन बना रहे हैं, तो अब आपके पास इसके लिए और अधिक समय है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजनौर के प्रसिद्ध अमानगढ़ टाइगर रिजर्व (Amangarh Tiger Reserve) सहित राज्य के सभी चारों टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के भ्रमण की समय सीमा को बढ़ा दिया है। पहले जहां यह रिजर्व 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाते थे, वहीं अब इस अवधि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।Read also:-Fuel Rule 2026: पेट्रोल पंपों से अब थोक में नहीं मिलेगा डीजल-पेट्रोल! सरकार ने लगाया 90 दिनों का सख्त बैन, जानें आम जनता पर क्या होगा असर
\r\n\r\n
\r\n\r\n
इस फैसले के बाद से न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में भारी खुशी की लहर है, बल्कि वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय पर्यटन से जुड़े लोग भी सरकार के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम
\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जंगलों के संरक्षण के साथ-साथ राज्य सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि आम जनता और प्रकृति के बीच का जुड़ाव मजबूत हो।
\r\n\r\n
\r\n
@Shakeel57767846 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व सहित यूपी के सभी 4 टाइगर रिजर्व के लिए पर्यटन की समय सीमा 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी है। बाघ, हाथी और किंग कोबरा देखने के शौकीनों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। pic.twitter.com/xydlEMpWGg
आमतौर पर मानसून की शुरुआत को देखते हुए 15 जून से जंगलों में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित कर दिया जाता था, ताकि वन्यजीवों के प्रजनन काल में कोई बाधा न आए और बारिश के कारण कच्चे रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। लेकिन इस वर्ष मौसम की अनुकूलता और पर्यटकों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक छूट दी है। इस फैसले का सीधा लाभ उन हजारों पर्यटकों को मिलेगा जो गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ प्रकृति की गोद में समय बिताना चाहते हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व: वन्यजीवों का एक अद्भुत संसार
\r\n\r\n
बिजनौर जिले की सीमा में स्थित अमानगढ़ टाइगर रिजर्व अपनी अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक छटा के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मशहूर है। इसे अक्सर 'मिनी कॉर्बेट' (Mini Corbett) के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटा हुआ है और उसी इकोलॉजिकल जोन का हिस्सा है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अमानगढ़ के घने जंगलों में सफारी करना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को कई प्रकार के दुर्लभ और खूबसूरत जंगली जानवरों के दर्शन होते हैं।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
बाघों की दहाड़: अमानगढ़ मुख्य रूप से अपने बाघों की अच्छी खासी आबादी के लिए जाना जाता है। शांत जंगल में अचानक बाघ के दर्शन हो जाना पर्यटकों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा होता है।
\r\n
\r\n
\r\n
हाथियों का झुंड: यहाँ एशियाई हाथियों के बड़े-बड़े झुंड पानी के स्रोतों के पास अठखेलियां करते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं।
\r\n
\r\n
\r\n
दुर्लभ किंग कोबरा: बहुत कम लोग जानते हैं कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व दुनिया के सबसे लंबे और बेहद जहरीले सांप 'किंग कोबरा' (King Cobra) का भी प्राकृतिक आवास है। वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
\r\n
\r\n
\r\n
अन्य वन्यजीव: इसके अलावा चीतल, हिरण, भालू, सांभर, तेंदुए और विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षी इस जंगल की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बिजनौर DFO की बाइट: 3500 से अधिक पर्यटक कर चुके हैं दीदार
\r\n\r\n
सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाए जाने के फैसले से वन विभाग के अधिकारी भी बेहद उत्साहित हैं। बिजनौर के डीएफओ (DFO) जय सिंह कुशवाहा ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
"इस साल पर्यटन सत्र की शुरुआत (नवंबर) से लेकर अब तक लगभग 3500 पर्यटक अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की सैर कर चुके हैं। अमानगढ़ की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पहले अमानगढ़ टाइगर रिजर्व 15 जून तक ही पर्यटकों के लिए खोला जाता था, लेकिन इस बार शासन ने समय सीमा बढ़ाकर 30 जून कर दी है। इस 15 दिन के अतिरिक्त समय से हमें पूरी उम्मीद है कि पर्यटकों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी और वन्यजीव प्रेमी इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएंगे।"— जय सिंह कुशवाहा, DFO बिजनौर
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
स्थानीय पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
\r\n\r\n
समय सीमा बढ़ने का लाभ सिर्फ पर्यटकों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि यह बिजनौर और उसके आसपास के स्थानीय लोगों की आर्थिकी को भी मजबूत करेगा।
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n
सफारी जिप्सी चालकों को फायदा: अतिरिक्त 15 दिनों तक सफारी चलने से जिप्सी मालिकों और चालकों को अच्छी कमाई का मौका मिलेगा।
\r\n
\r\n
\r\n
स्थानीय गाइड: अमानगढ़ के चप्पे-चप्पे से वाकिफ स्थानीय नेचर गाइड (Nature Guides) के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
\r\n
\r\n
\r\n
होटल और ढाबा संचालक: पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास के होटलों, रिसॉर्ट्स और खाने-पीने की जगहों पर भी रौनक बनी रहेगी, जिससे स्थानीय व्यापार को सीधा फायदा पहुंचेगा।
\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
पर्यटकों के लिए एक सुनहरा अवसर
\r\n\r\n
बिजनौर जिले के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में लोग वीकेंड पर यहाँ पहुँच रहे हैं। जो लोग किसी कारणवश अब तक अमानगढ़ नहीं जा पाए थे, उनके लिए सरकार का यह फैसला एक लाइफलाइन की तरह है। छुट्टियां खत्म होने से पहले परिवार के साथ अमानगढ़ की ट्रिप प्लान करने का यह सबसे बेहतरीन समय है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
क्या बरतें सावधानियां? वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि जंगल की पवित्रता और शांति बनाए रखें। सफारी के दौरान शोर न मचाएं, प्लास्टिक या कोई भी कचरा जंगल में न फेंकें और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक माहौल में बिना परेशान किए निहारें।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अंततः, योगी सरकार का यह फैसला इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की एक सफल पहल साबित हो रहा है। अगर आप भी रोमांच के शौकीन हैं और बाघों को करीब से देखना चाहते हैं, तो बिना देर किए 30 जून से पहले बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व का रुख करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.