बिजनौर (11 मई, 2026): उत्तर प्रदेश में आधी आबादी यानी महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए शासन और प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में बिजनौर जनपद की महिलाओं के लिए एक बेहद राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। अक्सर देखा जाता है कि पीड़ित महिलाओं को न्याय पाने के लिए थानों और सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से टूट जाती हैं। महिलाओं की इसी पीड़ा को समझते हुए और उन्हें त्वरित न्याय (Quick Justice) दिलाने के उद्देश्य से बिजनौर में एक विशेष 'महिला जनसुनवाई' (Mahila Jansunwai) का आयोजन किया जा रहा है।READ ALSO:-बिजनौर के युवाओं की चमकेगी किस्मत: 'एग्रीजंक्शन योजना' से कृषि स्नातकों को मिलेगा अपना शानदार बिजनेस शुरू करने का बंपर मौका!
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इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी, बिजनौर ने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि आगामी 14 मई, 2026 (गुरुवार) को जनपद में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग (UP State Women's Commission) की एक विशेष अदालत लगेगी। इस अदालत में महिलाओं से जुड़ी हर उस समस्या को सुना जाएगा, जिसे लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं।
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विकास भवन सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू होगी जनसुनवाई

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जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ की माननीय सदस्या श्रीमती अवनी सिंह 14 मई 2026 को बिजनौर जनपद के भ्रमण पर आ रही हैं। उनके इस दौरे का मुख्य एजेंडा ही महिलाओं की समस्याओं का सीधा और त्वरित निस्तारण करना है।
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कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, यह विशेष 'महिला जनसुनवाई' और आंगनवाड़ी कार्यक्रम पूर्वाह्न 11:00 बजे से बिजनौर के 'विकास भवन सभागार' में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिले के तमाम उच्च अधिकारी, पुलिस महकमे के जिम्मेदार अफसर और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि माननीय सदस्या द्वारा दिए गए निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित किया जा सके और पीड़ित महिलाओं को उसी समय (On the spot) न्याय मिल सके।
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महिला उत्पीड़न की रोकथाम और त्वरित न्याय पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस

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इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य (Main Objective of Jansunwai) समाज में बढ़ रहे महिला उत्पीड़न के मामलों पर लगाम कसना है। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल पर शोषण, छेड़छाड़, संपत्ति विवाद या फिर पुलिस द्वारा मामलों की अनदेखी—ऐसी किसी भी प्रकार की शिकायत लेकर पीड़ित महिलाएं सीधे राज्य महिला आयोग की सदस्या के समक्ष पेश हो सकती हैं।
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आयोग का स्पष्ट मानना है कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। इसलिए, इस जनसुनवाई को 'सुगमता' (Convenience) के दृष्टिकोण से आयोजित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं बिना किसी झिझक या डर के अपनी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचा सकें। जब महिला आयोग स्वयं जिले में आकर सुनवाई करता है, तो स्थानीय प्रशासन भी अधिक जवाबदेही और तेजी के साथ मामलों का निपटारा करता है।
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आंगनवाड़ी कार्यक्रम की भी होगी विस्तृत समीक्षा

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महिलाओं के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर भी सरकार बेहद गंभीर है। 14 मई को होने वाले इस कार्यक्रम में केवल जनसुनवाई ही नहीं होगी, बल्कि 'आंगनवाड़ी कार्यक्रम' की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
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श्रीमती अवनी सिंह जिले में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति, वहां मिलने वाले पोषाहार की गुणवत्ता, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लेंगी। इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल विकास और पुष्टाहार योजनाएं धरातल पर सही मायनों में लागू हो रही हैं या नहीं।
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शहर से गांव तक दस्तक: तह० धामपुर के ग्राम बिलन्दी में सजेगी 'खास चौपाल'

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अक्सर ऐसा होता है कि दूर-दराज के गांवों में रहने वाली महिलाएं संकोच या यातायात की कमी के कारण जिला मुख्यालय (विकास भवन) तक नहीं पहुंच पाती हैं। उनकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए कार्यक्रम को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा गया है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि विकास भवन में जनसुनवाई के सफलतापूर्वक संपन्न होने के पश्चात, दोपहर बाद माननीय सदस्या श्रीमती अवनी सिंह का काफिला सीधे ग्रामीण अंचल का रुख करेगा। विकास खण्ड स्योहारा और तहसील धामपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिलन्दी में एक वृहद 'चौपाल कार्यक्रम' (Chaupal Program) का आयोजन किया जाएगा।
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इस 'गांव की चौपाल' में ग्रामीण महिलाएं सीधे राज्य महिला आयोग की सदस्या से रूबरू होंगी। चौपाल का माहौल बहुत ही अनौपचारिक और अपनापन भरा रखा जाता है, ताकि घूंघट और पर्दे में रहने वाली ग्रामीण महिलाएं भी निडर होकर अपनी पारिवारिक, सामाजिक या प्रशासनिक समस्याएं साझा कर सकें। इस दौरान स्थानीय ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे ताकि गांव स्तर की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
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पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष अपील और निर्देश

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बिजनौर जिला प्रशासन और प्रोबेशन विभाग ने जिले की सभी महिलाओं, विशेषकर उन महिलाओं से जो किसी प्रकार के उत्पीड़न का शिकार हैं या जिन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है, एक विशेष अपील की है।
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प्रशासन ने आग्रह किया है कि जो भी पीड़िता अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहती है, वह 14 मई को सुबह 11 बजे से पहले विकास भवन सभागार पहुंच जाए। आते समय महिलाएं कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें:
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    लिखित प्रार्थना पत्र: अपनी शिकायत को एक साफ कागज पर स्पष्ट रूप से लिखकर लाएं।
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    दस्तावेज (Documents): यदि मामले से संबंधित कोई पुरानी एफआईआर (FIR) कॉपी, मेडिकल रिपोर्ट या अन्य कोई प्रमाण है, तो उसकी फोटोकॉपी जरूर साथ लाएं।
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    पहचान पत्र: अपना आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र अपने पास रखें।
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महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम

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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा बिजनौर में आयोजित की जा रही यह जनसुनवाई और ग्राम चौपाल वास्तव में 'महिला सशक्तिकरण' (Women Empowerment) की दिशा में एक बेहद ठोस और सराहनीय कदम है। इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास पैदा होता है, बल्कि सिस्टम (प्रशासन और पुलिस) में भी एक डर और जवाबदेही बनती है।
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जब महिलाओं को यह अहसास होता है कि राज्य का एक सर्वोच्च आयोग सीधे उनकी दहलीज पर आकर उनकी पीड़ा सुन रहा है, तो उनका लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होता है। 14 मई 2026 का दिन बिजनौर की उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आ रहा है, जो लंबे समय से न्याय की आस में बैठी हैं। उम्मीद है कि इस जनसुनवाई के बाद जिले में कई रुके हुए मामलों में तेजी आएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
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