धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं अक्सर समाज की भावनाओं को आहत करती हैं। लेकिन जब सुरक्षाकर्मी पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी से अपना फर्ज निभाते हैं, तो अपराधियों के मंसूबे धरे के धरे रह जाते हैं। बिजनौर जिले के चांदपुर इलाके में बीती रात कुछ ऐसा ही देखने को मिला। नूरपुर मार्ग (Noorpur Road) पर स्थित एक प्रमुख शिक्षण संस्थान, भगवत शकुंतला डिग्री कॉलेज (Bhagwat Shakuntala Degree College) के परिसर में बने एक प्राचीन और पवित्र मंदिर को एक चोर ने अपना निशाना बनाने की कोशिश की।READ ALSO:-खाकी का खौफ और मुनादी की गूंज: 27 मुकदमों वाले 'क्राइम सिंडिकेट' पर बिजनौर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, 31 लाख की कोठियां कुर्क
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रात के अंधेरे और सन्नाटे का फायदा उठाकर यह शातिर चोर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया था और उसने भगवान की मूर्ति से लेकर दानपात्र तक पर हाथ साफ कर लिया था। लेकिन वह इस बात से बेखबर था कि परिसर की सुरक्षा में एक ऐसा सजग प्रहरी (Security Guard) तैनात है, जिसकी पैनी नजरों से बचना नामुमकिन है। गार्ड की तत्परता और बहादुरी के चलते न केवल मंदिर की बेशकीमती और आस्था की प्रतीक मूर्ति चोरी होने से बच गई, बल्कि अपराधी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
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वारदात का पूरा विवरण: कैसे घुसा आरोपी मंदिर में?

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घटना बीती रात लगभग 11 बजे की है। उस समय पूरा चांदपुर शहर और कॉलेज परिसर गहरी नींद के आगोश में था। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। इसी खामोशी का फायदा उठाकर एक युवक चुपके से भगवत शकुंतला डिग्री कॉलेज की चारदीवारी फांदकर अंदर दाखिल हुआ।
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    चोर का निशाना: आरोपी सीधे कॉलेज परिसर के भीतर बने उस शांत मंदिर की ओर बढ़ा, जहां प्रतिदिन छात्र और शिक्षक पूजा-अर्चना करते हैं।
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    मूर्ति और दानपात्र से छेड़छाड़: बेखौफ चोर ने मंदिर में घुसकर सबसे पहले वहां स्थापित पवित्र 'नाग देवता' की मूर्ति को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उसकी नजर वहां रखे दानपात्र (Donation Box) पर पड़ी, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया चढ़ावा रखा था। उसने दानपात्र को तोड़कर उसमें रखी सारी नकदी अपनी जेब में भर ली।
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    वह अपना काम पूरी तरह से अंजाम दे चुका था और बस वहां से फरार होने ही वाला था कि तभी कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया।
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हीरो बना सिक्योरिटी गार्ड: अंकित कुमार की बहादुरी की दास्तान

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इस पूरे घटनाक्रम का असली हीरो कॉलेज परिसर का सिक्योरिटी गार्ड अंकित कुमार रहा। रात की ड्यूटी पर तैनात अंकित परिसर में लगातार गश्त कर रहा था।
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    संदेह और आहट: गश्त के दौरान अंकित कुमार को मंदिर के पास से कुछ खटपट की हल्की सी आहट सुनाई दी। अमूमन रात के 11 बजे मंदिर परिसर में किसी के होने का कोई कारण नहीं था।
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    रंगे हाथों दबोचा: आहट पाते ही अंकित तुरंत सतर्क हो गया और बिना कोई आवाज किए दबे पांव मंदिर की ओर बढ़ा। वहां उसने देखा कि एक अज्ञात युवक मंदिर के अंदर से सामान समेट कर भागने की फिराक में है। अंकित ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत झपट्टा मारा और चोर को मौके पर ही धर दबोचा।
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    पुलिस को त्वरित सूचना: चोर ने गार्ड की पकड़ से छूटने और भागने की बहुत कोशिश की, लेकिन अंकित की मजबूत पकड़ और हौसले के सामने उसकी एक न चली। गार्ड ने तुरंत शोर मचाया और बिना समय गंवाए डायल 112 तथा थाना चांदपुर पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी।
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पुलिस का त्वरित एक्शन और माल की बरामदगी

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सिक्योरिटी गार्ड की सूचना मिलते ही थाना चांदपुर पुलिस की एक टीम तुरंत हरकत में आई और कुछ ही मिनटों में भगवत शकुंतला डिग्री कॉलेज परिसर पहुंच गई।
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पुलिस ने गार्ड अंकित कुमार से पूरी घटना की जानकारी ली और आरोपी युवक को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। जब पुलिस ने मौके पर ही आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से चोरी का सारा सामान ज्यों का त्यों बरामद हो गया।
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पुलिस की बरामदगी का विवरण:

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    नाग देवता की पवित्र मूर्ति (जिसे वह चुराकर ले जा रहा था)।
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    732 रुपये नकद (यह वह धनराशि थी जो उसने मंदिर के दानपात्र को तोड़कर चुराई थी)।
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पुलिस ने बरामद किए गए सामान को सील कर दिया है और मूर्ति को सम्मानपूर्वक वापस मंदिर प्रबंधन को सौंपने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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कौन है आरोपी? (पुलिस की जांच और सीओ का बयान)

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हिरासत में लेने के बाद जब पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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    आरोपी की पहचान: पकड़े गए शातिर चोर की पहचान शादाब के रूप में हुई है। आरोपी शादाब चांदपुर थाना क्षेत्र के ही अहमद नगर मोहल्ले का रहने वाला है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या शादाब का पहले से कोई आपराधिक इतिहास (Criminal Record) रहा है या क्या उसने आस-पास के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
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    सीओ देश दीपक की बाइट: इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए चांदपुर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) श्री देश दीपक ने बताया, "बीती रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि भगवत शकुंतला डिग्री कॉलेज के मंदिर में एक युवक चोरी कर भागने का प्रयास कर रहा है। वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने अत्यधिक सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए आरोपी शादाब के पास से चोरी की गई नाग देवता की मूर्ति और 732 रुपये की नकदी बरामद कर ली गई है। थाना चांदपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"
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समाज में सुरक्षा और जागरूकता का बड़ा संदेश

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यह घटना केवल एक चोरी के विफल होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में ड्यूटी के प्रति निष्ठा और जागरूकता का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड अंकित कुमार ने जिस बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया है, उसकी पूरे चांदपुर क्षेत्र में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
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कॉलेज प्रशासन और स्थानीय लोगों ने गार्ड की पीठ थपथपाई है। पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि यदि हर नागरिक और सुरक्षाकर्मी इसी तरह की जागरूकता दिखाए, तो अपराध को घटित होने से पहले ही रोका जा सकता है और अपराधियों में कानून का खौफ कायम किया जा सकता है।
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सलाखों के पीछे पहुंचा आस्था का गुनहगार

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अंततः, चांदपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एक निहत्थे लेकिन बहादुर गार्ड की सतर्कता ने एक अपराधी को उसके सही अंजाम तक पहुंचा दिया है। आरोपी शादाब अब सलाखों के पीछे है और पुलिस की कड़ी पूछताछ का सामना कर रहा है। यह घटना स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि समाज की सुरक्षा केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती; एक सजग नागरिक और एक मुस्तैद सुरक्षाकर्मी किसी भी पुलिस फोर्स से कम नहीं होता। बिजनौर पुलिस अब रात की गश्त को और अधिक सघन करने की योजना बना रही है ताकि भविष्य में इस तरह के असामाजिक तत्व किसी भी धार्मिक स्थल या संस्थान को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत न कर सकें।
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