बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली और तानाशाही रवैये के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। अभिभावक संघ के सदस्यों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में इकट्ठा होकर निजी स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित अभिभावकों ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री और जिला मजिस्ट्रेट को संबोधित अपनी मांगों का एक चार सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।READ ALSO:-बिजनौर का 17 वर्षीय नाबालिग कश्मीर में बना 'हमजा': मस्जिद में कलमा पढ़ते वीडियो वायरल; परिजनों का जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप, पुलिस टीम J&K रवाना
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अभिभावकों का आरोप है कि जिले के कई नामचीन स्कूल शिक्षा के नाम पर व्यापार चला रहे हैं और शासन के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन स्कूलों की मनमानी पर जल्द लगाम नहीं लगाई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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डीडीपीएस (DDPS) स्कूल पर जबरन वसूली और धमकी देने का संगीन आरोप
\r\n\r\nप्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में जिला मुख्यालय पर संचालित डी.डी.पी.एस. (DDPS) स्कूल के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रशासन द्वारा उनसे जबरन 750 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है। जब अभिभावकों ने इस ₹750 की वसूली का स्पष्ट औचित्य (कारण) जानना चाहा, तो स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
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अभिभावकों का कहना है कि जब उन्होंने इस नाजायज वसूली का विरोध किया, तो स्कूल प्रबंधन ने सुधरने के बजाय तानाशाही रवैया अपना लिया। आरोप है कि विरोध करने वाले अभिभावकों को सीधे तौर पर उनके बच्चों का नाम स्कूल से काट देने (TC काटने) की धमकी दी गई, जिससे बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
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प्रतिबंध के बावजूद चल रहे हैं 'बुक सेंटर', जबरन बेचा जा रहा सामान
\r\n\r\nप्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में मीडिया और अधिकारियों के सामने स्कूलों के एक और बड़े नेक्सस का भंडाफोड़ किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कई निजी स्कूलों ने अपने खुद के अवैध बुक सेंटर खोल रखे हैं या फिर किसी खास दुकान से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं।
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इसके अलावा, इन सेंटरों पर केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही नहीं, बल्कि पुस्तकों के साथ जबरन अन्य गैर-जरूरी और अत्यधिक महंगी सामग्री (जैसे कॉपियां, कवर, स्टेशनरी और स्कूल बैग) भी थमाई जा रही है। स्कूल हर साल केवल मुनाफा कमाने के उद्देश्य से जानबूझकर पाठ्यक्रम (Syllabus) बदल देते हैं, जिससे पुरानी किताबें किसी काम की नहीं रह जातीं और अभिभावकों पर हर साल हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
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अभिभावक संघ का 4 सूत्रीय मांग पत्र: मुख्य मांगें
\r\n\r\nअभिभावकों ने प्रशासन के सामने जो मुख्य मांगें रखी हैं, वे निम्नलिखित हैं:
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- \r\n सालाना फीस वृद्धि पर पूर्ण रोक: जिले के सभी निजी स्कूलों में प्रतिवर्ष होने वाली अवैध और बेतहाशा फीस वृद्धि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।\r\n \r\n
- \r\n अतिरिक्त मदों में वसूली बंद हो: ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी भी अज्ञात या अनावश्यक मद (Charges) के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को बंद किया जाए।\r\n \r\n
- \r\n अवैध बुक सेंटरों पर कार्रवाई: प्रदेश सरकार के आदेशों का उल्लंघन कर स्कूल परिसर या चुनिंदा दुकानों से जबरन किताबें और सामग्री बेचने वाले स्कूलों पर सख्त विधिक कार्रवाई हो।\r\n \r\n
- \r\n पाठ्यक्रम न बदलने का नियम: निजी स्कूलों को प्रतिवर्ष पाठ्यक्रम बदलने से रोका जाए ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे पुरानी किताबों से भी पढ़ाई कर सकें।\r\n \r\n
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प्रदर्शन में सैकड़ों अभिभावक रहे मौजूद
\r\n\r\nकलेक्ट्रेट पर आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में अभिभावक संघ के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों की संख्या में माता-पिता मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से मोहित चौधरी, अक्षय कुमार, मीनाक्षी शर्मा, रेनू वर्मा, अर्चना तिवारी, मीना सिंह, सुनीता, बबली, नेहा, ललित, राखी, प्रीति, फातिमा, सोनम, अमिताभ रानी, धर्म सिंह, देवेंद्र कुमार, मीनू रानी, पूनम, अंशु, साक्षी, बबली, उषा देवी, निधि, मलका, दीपा, बबीता, दीपेंद्र देशवाल, हिना और मोहित चौधरी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे और अपनी आवाज बुलंद की।
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जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि डीडीपीएस स्कूल सहित अन्य निजी स्कूलों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी और दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.