बिजनौर / नूरपुर: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों के मन में खाकी का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति बिजनौर जिले में पूरी तरह से असरदार साबित हो रही है। जिले के आला अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बाद, थाना स्तर पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक और सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार, 10 मई 2026 को बिजनौर जिले की नूरपुर थाना पुलिस ने असामाजिक तत्वों और अवैध शस्त्र रखने वालों के खिलाफ एक बड़ी और अचूक सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए दो बेहद शातिर अभियुक्तों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के पास से जानलेवा और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इन बदमाशों की गिरफ्तारी से न केवल एक बड़ी घटना टल गई है, बल्कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने में भी पुलिस को बड़ी मदद मिली है।READ ALSO:-बिजनौर में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट: नजीबाबाद में पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा', गौकशी की फिराक में घूम रहे बदमाशों से सीधी मुठभेड़
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मुखबिर की सूचना और नूरपुर पुलिस की अचूक घेराबंदी अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस का मुखबिर तंत्र हमेशा से ही रीढ़ की हड्डी साबित हुआ है। नूरपुर क्षेत्र में बढ़ रही छिटपुट घटनाओं और हथियारों की तस्करी की आशंकाओं के बीच, नूरपुर थाना पुलिस लगातार गश्त कर रही थी। इसी दौरान, 10 मई 2026 को थाना नूरपुर पुलिस के एक विश्वस्त और सटीक मुखबिर ने गुप्त सूचना दी कि दो संदिग्ध युवक, जो आपराधिक प्रवृत्ति के प्रतीत हो रहे हैं, अवैध हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में क्षेत्र में घूम रहे हैं।
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इस अहम खुफिया जानकारी (Intelligence Input) को जरा भी हल्के में न लेते हुए, नूरपुर पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान के आसपास सादे कपड़ों और वर्दी में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जैसे ही दोनों संदिग्ध युवक उस इलाके में पहुंचे, पहले से ही मुस्तैद पुलिस टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस के जाल में फंसा देख दोनों युवकों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन नूरपुर पुलिस की चुस्ती और फुर्ती के सामने उनकी एक न चली और दोनों को कुछ ही दूरी पर धर दबोचा गया।
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गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और विवरण पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब दोनों युवकों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपने नाम और पते उगले। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:
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    आशुतोष पुत्र रामलाल - निवासी: मौहल्ला रविदास नगर, कस्बा व थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर।
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    शिवम पुत्र बाबू सिंह - निवासी: मौहल्ला हजरतनगर, कस्बा व थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर।
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  4. \r\n
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अवैध और घातक हथियारों की बरामदगी पुलिस द्वारा जब इन दोनों अभियुक्तों की जामा तलाशी (Frisking) ली गई, तो इनके कपड़ों और पास मौजूद सामान से बेहद खतरनाक और अवैध हथियार बरामद हुए। यह स्पष्ट था कि ये हथियार किसी को डराने, धमकाने या जानलेवा हमला करने के उद्देश्य से रखे गए थे। पुलिस ने इनके कब्जे से निम्नलिखित अवैध सामग्री बरामद की है:
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    01 अवैध देसी तमंचा (12 बोर): यह एक खतरनाक हथियार है जिसका इस्तेमाल अक्सर आपराधिक घटनाओं में किया जाता है।
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    01 जिंदा कारतूस (12 बोर): कारतूस का मिलना इस बात का प्रमाण है कि तमंचा पूरी तरह से चालू हालत में था और किसी भी समय इसका इस्तेमाल किया जा सकता था।
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    01 अवैध और धारदार चाकू: शिवम के पास से एक घातक चाकू भी बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल राहजनी या मारपीट में किया जा सकता था।
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आशुतोष की क्राइम कुंडली: 14 मुकदमों का 'इतिहास' इस गिरफ्तारी की सबसे बड़ी सफलता अभियुक्त आशुतोष का पकड़ा जाना है। नूरपुर पुलिस द्वारा जब आशुतोष का आपराधिक इतिहास (Criminal Record) खंगाला गया, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आशुतोष कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह क्षेत्र का एक आदतन अपराधी (Habitual Offender) है।
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पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, आशुतोष के खिलाफ थाना नूरपुर में ही वर्ष 2018 से लेकर अब तक कुल 14 संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं। वह पिछले कई वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसके खिलाफ दर्ज गंभीर धाराओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
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    धारा 307 (जानलेवा हमला): जो इस बात को दर्शाता है कि वह हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे चुका है।
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    मारपीट और बलवा (Riot): समाज में दहशत फैलाना और कानून व्यवस्था को हाथ में लेना उसकी फितरत रही है।
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    गुंडा एक्ट (Goonda Act): प्रशासन द्वारा उसे आदतन अपराधी घोषित कर उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
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    आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट: अवैध शराब और हथियारों की तस्करी में भी उसकी संलिप्तता पहले भी पाई गई है।
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पुलिस की विधिक कार्रवाई और जेल भेजने की तैयारी नूरपुर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों—आशुतोष और शिवम—के खिलाफ बिना किसी विलंब के कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने बरामद किए गए हथियारों के आधार पर थाना नूरपुर में मु०अ०सं० 169/2026 दर्ज किया है। दोनों अभियुक्तों पर धारा 3/4/25 आयुध अधिनियम (Arms Act) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अब इन दोनों का मेडिकल कराकर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है, जहां से इन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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समाज और पुलिस का संदेश रिपोर्टर शकील अहमद के अनुसार, नूरपुर पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने काफी राहत महसूस की है। आशुतोष जैसे आदतन अपराधी के खुलेआम घूमने से मौहल्ला रविदास नगर और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल रहता था। पुलिस प्रशासन ने इस गिरफ्तारी के माध्यम से क्षेत्र के अन्य असामाजिक तत्वों को एक कड़ा संदेश (Strong Message) दिया है।
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नूरपुर पुलिस प्रशासन का साफ तौर पर कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए अपराधियों के विरुद्ध इस तरह का धरपकड़ अभियान (Crackdown) आगे भी निरंतर जारी रहेगा। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना होगा। इस शानदार पुलिस कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने नूरपुर थाना पुलिस की पीठ थपथपाई है।
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