बिजनौर: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए चलाए जा रहे योगी सरकार के महत्वाकांक्षी "मिशन शक्ति फेज-5.0" अभियान ने अब गांवों में दस्तक दे दी है। इसी कड़ी में रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को बिजनौर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना चांदपुर की पुलिस टीम ने बाबरपुर गांव में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका मकसद महिलाओं और बेटियों को उनका 'सुरक्षा कवच' प्रदान करना था।
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इस 'जागरूकता की पाठशाला' में प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार और उनकी टीम ने गांव की महिलाओं और छात्राओं को न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने के टिप्स दिए, बल्कि उन्हें साइबर दुनिया के खतरों से आगाह भी किया।
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सरकारी योजनाओं से लेकर आत्मरक्षा तक
\r\n\r\nकार्यक्रम में पुलिस टीम ने महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
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- \r\n प्रमुख योजनाएं: विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी स्कीमों की जानकारी दी गई ताकि वे इनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।\r\n \r\n
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सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बेटियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अपील की, "किसी भी तरह के अपराध, चाहे वह छेड़छाड़ हो या उत्पीड़न, का सामना करने पर डरो मत। चुप रहकर अपराधी का हौसला मत बढ़ाओ। तुरंत पुलिस से संपर्क करो या बिना किसी संकोच के अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराओ। आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।"
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साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन खतरों से बचाव के गुर
\r\n\r\nआज के डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए, टीम ने विशेष रूप से साइबर सुरक्षा पर जोर दिया।
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- \r\n क्या सिखाया: छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग (लालच देकर ठगी), और सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए गए। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना ओटीपी या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें।\r\n \r\n
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ये हेल्पलाइन नंबर हैं आपके 'सुरक्षा कवच'
\r\n\r\nकार्यक्रम का सबसे उपयोगी हिस्सा महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देना था, जो किसी भी आपात स्थिति में उनके लिए 'ब्रह्मास्त्र' का काम कर सकते हैं।
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| \r\n हेल्पलाइन नंबर \r\n | \r\n \r\n सेवा \r\n | \r\n
| \r\n 1090 \r\n | \r\n \r\n वीमेन पावर लाइन \r\n | \r\n
| \r\n 181 \r\n | \r\n \r\n महिला हेल्पलाइन \r\n | \r\n
| \r\n 1076 \r\n | \r\n \r\n मुख्यमंत्री हेल्पलाइन \r\n | \r\n
| \r\n 112 \r\n | \r\n \r\n पुलिस आपातकालीन सेवा \r\n | \r\n
| \r\n 102 \r\n | \r\n \r\n गर्भवती महिला व नवजात शिशु एम्बुलेंस \r\n | \r\n
| \r\n 108 \r\n | \r\n \r\n सामान्य एम्बुलेंस सेवा \r\n | \r\n
| \r\n 1098 \r\n | \r\n \r\n चाइल्डलाइन \r\n | \r\n
| \r\n 1930 \r\n | \r\n \r\n साइबर क्राइम हेल्पलाइन \r\n | \r\n
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पुलिस ने सभी महिलाओं और छात्राओं से इन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव करने की अपील की, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत मदद मांग सकें। यह कार्यक्रम महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना जगाने में सफल रहा।
Sabse pehle comment karne wale banein.