बिजनौर, यूपी: बिजनौर में मालान नदी का बाखरपुर गढ़ी तटबंध एक बार फिर से टूट गया है, जिससे नदी का पानी आसपास के कई गांवों में घुस गया है। पानी के तेज बहाव के कारण धारूवाला गांव के साथ-साथ मुजफ्फरपुर केशो और सेवारामपुर जैसे गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खेतों और सड़कों पर पानी भरने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।READ ALSO:-मेरठ के लिए ऐतिहासिक दिन: 30 सितंबर को PM मोदी करेंगे 'नमो भारत' और मेट्रो का उद्घाटन, रैपिड ट्रेन से दिल्ली से पहुंचेंगे मेरठ
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क्यों टूटा तटबंध?
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तटबंध टूटने से गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है, जो पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने पिछली बार टूटे तटबंध की मरम्मत सही तरीके से नहीं की थी, जिसके कारण यह हादसा दोबारा हुआ है।
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वहीं, सिंचाई खंड अफजलगढ़ के अधिशासी अभियंता अवधेश शर्मा का कहना है कि तटबंध को बचाने के लिए बालू और नायलॉन के बैग में मिट्टी भरकर रखी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शरारती ग्रामीणों ने जानबूझकर ये बोरियां हटा दी थीं, जिससे पानी का रिसाव शुरू हुआ और तटबंध टूट गया।
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पिछले हादसे की यादें हुईं ताज़ा
\r\n\r\nयह दूसरी बार है जब यह तटबंध टूटा है। इससे पहले 6 अगस्त को भी यह तटबंध पानी के तेज बहाव के कारण टूट गया था। तब एक दर्जन से अधिक गांवों और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में खड़ी फसलों में कई फीट तक पानी भर गया था। रावली-बिजनौर मार्ग पर भी दो फीट तक पानी आने से यातायात कई दिनों तक बाधित रहा था।
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युद्धस्तर पर मरम्मत का काम जारी
\r\n\r\nतटबंध टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है। जेसीबी और मजदूरों की मदद से पानी के बहाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। अवधेश शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनकी टीम लगातार मौके पर काम कर रही है और जल्द ही पानी के बहाव को नियंत्रित कर लिया जाएगा। हालांकि, दोबारा हुए इस हादसे से ग्रामीणों में आक्रोश है और वे विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.