मेरठ। जनपद के सरकारी विद्यालयों में चल रहे Meerut School Safety Audit अभियान के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय मामेपुर और सिखेड़ा में स्कूल सुरक्षा ऑडिट किया गया। ऑडिट के बाद विद्यालयों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को विभिन्न आपदाओं के दौरान बचाव और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सर्पदंश, आकाशीय बिजली, भूकंप और अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।

आकाशीय बिजली से बचाव के बताए तरीके

आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली की संभावना या चमक के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसे समय पेड़, तालाब, बिजली और टेलीफोन के खंभों तथा तारों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के हाथ में लोहे या धातु की कोई वस्तु हो तो उसे दूर रख देना चाहिए। विद्यार्थियों और शिक्षकों को मौसम संबंधी परिस्थितियों में सतर्क रहने और सुरक्षित स्थान पर रहने के महत्व के बारे में भी बताया गया।

सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल पहुंचाने पर जोर

प्रशिक्षण में सर्पदंश की स्थिति में तत्काल उचित चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई। मुकुंद वल्लभ शर्मा ने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बार लोग झाड़-फूंक करने वालों या सपेरों को तलाशने में समय गंवा देते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए।

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उन्होंने बताया कि सर्पदंश के स्थान को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना समय गंवाए चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

स्कूल की व्यवस्थाओं का किया गया बारीकी से निरीक्षण

Meerut School Safety Audit के दौरान दोनों विद्यालयों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। ऑडिट में रसोई, शौचालय, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था, दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कक्षाओं, स्टाफ रूम, गतिविधि कक्ष, मुख्य गेट और खिड़कियों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।

इसके अलावा विद्यालयों में टीवी, इमरजेंसी लाइट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी देखा गया। जिन सुविधाओं की कमी या आवश्यकता सामने आई, उनके संबंध में जानकारी संकलित कर उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराने के लिए ऑनलाइन भेजी गई। विद्यालय के प्रधानाचार्यों को भी ऑडिट से संबंधित जानकारी दी गई।

अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण

सुरक्षा ऑडिट टीम में आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा, सिविल इंजीनियर केशव कुमार तथा फायर एवं अग्नि विशेषज्ञ विवेक कुमार शामिल रहे। टीम ने विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की जानकारी भी दी।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को भूकंप, सर्पदंश, आकाशीय बिजली, शीतलहर, लू, सड़क सुरक्षा, नाव दुर्घटना और बाढ़ जैसी आपदाओं से जुड़े संभावित खतरों तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।

सुरक्षित विद्यालय को प्राथमिकता

मुकुंद वल्लभ शर्मा ने कहा कि स्कूल सुरक्षा ऑडिट का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित विद्यालय व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसे विद्यालयों की स्थिति में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास बताया।

यह अभियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जोनल कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। मेरठ में डीसी नरेंद्र कुमार और आईटी विशेषज्ञ शिवम के सहयोग से इसे क्रियान्वित किए जाने की जानकारी दी गई।

प्रधानाचार्यों और स्टाफ की मौजूदगी

मामेपुर विद्यालय में प्रधानाचार्य अमित चौहान तथा सिखेड़ा विद्यालय में प्रधानाध्यापिका संगीता रानी की मौजूदगी में सुरक्षा ऑडिट और प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। सिखेड़ा में अनिल कुमार दास, अशोक कुमार, छवि गुप्ता, सीमा सिंह, रीमा चौहान, दिनेश कुमारी, अनिल कुमार शर्मा, मिथिलेश शर्मा, सुनीता देवी, ज्योति और रूबी समेत विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।

मामेपुर में सविता यादव, सीमा, तसलीम जहां, रेखा रानी, नितिन तकनीशियन और रसोइया सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।

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