उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला जेल में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंदी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जेल परिसर के अंदर एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। इस घटना की भनक लगते ही जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। वहीं, मौत की खबर जैसे ही बंदी के परिजनों तक पहुंची, उन्होंने इसे हत्या करार देते हुए पोस्टमार्टम हाउस पर भारी हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित भीड़ और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।READ ALSO:-पश्चिम यूपी में खत्री युवा शक्ति संघ का बड़ा दांव: पार्षद अभिनव अरोड़ा को मिली संगठन मंत्री की अहम जिम्मेदारी, समाज में दौड़ी खुशी की लहर
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लूट के मामले में बंद था मृतक, चल रहा था बीमार मृतक की पहचान बिजनौर के ग्राम पृथ्वीपुर निवासी 30 वर्षीय दीपक पुत्र चंद्रपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दीपक पिछले करीब डेढ़ साल से शहर कोतवाली में दर्ज लूट के एक मामले में जिला जेल में सजा काट रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग एक महीने से उसके स्वास्थ्य में गिरावट थी और वह बीमार चल रहा था, जिसके चलते उसे जेल के अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था।
\r\n\r\n\r\n\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) May 10, 2026\r\n\r\n\r\n
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परिजनों ने जानकारी दी है कि रविवार दोपहर को दीपक ने सामान्य रूप से खाना भी खाया था, लेकिन उसके कुछ ही घंटों बाद उसका शव पेड़ से लटके होने की मनहूस खबर सामने आ गई।
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पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों और ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन दीपक की मौत की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में मृतक के परिजन और ग्राम पृथ्वीपुर के सैकड़ों लोग एकजुट होकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि दीपक ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी साजिश के तहत जेल के अंदर हत्या कर शव को फंदे से लटकाया गया है।
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गुस्साए ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए जमकर हंगामा काटा। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई और बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। भीड़ के उग्र रूप को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।
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अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, भारी पुलिस बल तैनात हंगामे की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले थाना प्रभारी रामप्रताप पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत न होता देख, एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह और सीओ सिटी संग्राम सिंह भी भारी पुलिस बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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अधिकारियों ने परिजनों की बात सुनी और उन्हें निष्पक्ष जांच का पूरा भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद जाकर कहीं मामला शांत हुआ और स्थिति नियंत्रण में आई।
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क्या कहना है पुलिस अधिकारियों का? इस पूरे घटनाक्रम पर एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को जिला जेल प्रशासन द्वारा एक सजायाफ्ता बंदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी।
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- \r\n जांच प्रक्रिया शुरू: सूचना मिलते ही तत्काल फॉरेंसिक टीम, मजिस्ट्रेट और पुलिस की विशेष टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।\r\n \r\n
- \r\n हिस्ट्रीशीटर था मृतक: एसपी सिटी ने बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक दीपक शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था।\r\n \r\n
- \r\n आगे की कार्रवाई: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर वीडियोग्राफी के साथ नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।\r\n \r\n
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फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा है। जेल प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनकी हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.