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नूरपुर (बिजनौर)। बिजनौर के नूरपुर में एक किसान की करंट लगने से मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने बिजनौर-मुरादाबाद हाईवे पर घंटों जाम लगा दिया। यह तनाव तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी ऊर्जा निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। आखिरकार, पुलिस को सख्त कदम उठाते हुए ऊर्जा निगम के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लेना पड़ा, जिसके बाद ही जाम खुल सका।READ ALSO:-जीएसटी 2.0 से जनता को मिलेगी सीधी राहत! सरकार की नई रणनीति, दाम नहीं घटाए तो दुकानदारों की खैर नहीं, 22 सितंबर से बाजारों में होगी छापेमारी
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क्या था पूरा मामला?
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गांव असदपुर धमरोली के 48 वर्षीय किसान वीरेंद्र चौहान शुक्रवार की सुबह अपने खेत में चारा लेने गए थे। खेत में एक विद्युत पोल के स्टैग (सहारे के लिए लगा तार) में करंट आ रहा था, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। जब काफी देर तक वीरेंद्र घर नहीं लौटे, तो उनके बेटे अंकित और अनिल खेत पर पहुंचे और उन्हें अचेत अवस्था में पाया। तुरंत उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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भाकियू के नेतृत्व में सड़क पर उतरी जनता
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घटना की खबर फैलते ही भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष अमरपाल चौधरी किसानों के साथ मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने तुरंत ऊर्जा निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की, लेकिन दो घंटे तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए ग्रामीणों और मृतक के परिवार ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
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सूचना मिलने पर एसडीएम नितिन तेवतिया, सीओ देश दीपक और एसडीओ नवरत्न राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। ढाई घंटे तक चले इस जाम से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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जब बातचीत फेल हुई तो पुलिस ने लिया एक्शन
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एसडीएम, सीओ और ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता (ईई) अनूप मिश्रा के बीच बातचीत हुई। ईई ने मृतक के परिवार को सरकारी सहायता के रूप में ₹5 लाख दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण तुरंत सहायता राशि की मांग पर अड़े रहे।
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जब स्थिति नहीं संभली, तो उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने अधिशासी अभियंता अनूप मिश्रा, एसडीओ नवरत्न राम और अवर अभियंता अमोल मिश्रा को मौके से ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खोल दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज
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पुलिस ने मृतक के बेटे अंकित की तहरीर पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक जयभगवान सिंह ने पुष्टि की कि तीनों अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी। देर रात तक ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारी थाने पर जुटे रहे। इस घटना ने एक बार फिर से बिजली विभाग की लापरवाही और जनता के गुस्से को उजागर कर दिया है।
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