बिजनौर। इस साल गंगा और मालन नदियां बिजनौर के तटीय गांवों के लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। जहां गंगा का जलस्तर कम होने से रावली तटबंध पर तेजी से कटान शुरू हो गया है, वहीं पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण मालन नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। मालन का पानी तटवर्ती गांवों के खेतों को डूबा चुका है और अब यह नई पुलिस लाइंस परिसर में भी घुस गया है।READ ALSO:-बिजनौर में कार के इंजन में मिला 5 फीट लंबा अजगर, 45 मिनट के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ा
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गंगा का जलस्तर घटा, तटबंध पर बढ़ा दबाव
\r\n\r\nमंगलवार को देहरादून में बादल फटने के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़कर 1.84 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था, जिससे तटबंध पर कटाव रुक गया था। लेकिन बुधवार को जलस्तर घटकर 1.34 लाख क्यूसेक हो गया, जिसके बाद गंगा की धारा ने फिर से तटबंध पर तेजी से कटान शुरू कर दिया है।
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- \r\n बचाव कार्य: सिंचाई विभाग तटबंध को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। रेत के बोरे भरकर उन्हें पत्थरों के स्टड की तरह जमाया जा रहा है। पेड़ों की टहनियों को सीमेंट के पिलर के साथ बांधकर पिंजरे बनाकर भी धारा में डाले जा रहे हैं, ताकि पानी का रुख मोड़ा जा सके।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारियों का बयान: सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ब्रजेश मौर्य ने पुष्टि की है कि जलस्तर कम होने से कटाव बढ़ रहा है और गंगा की धारा का रुख अभी भी तटबंध की ओर है।\r\n \r\n
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मालन नदी का कहर: खेतों में घुसा पानी, फसलें चौपट
\r\n\r\nकई दिनों से शांत रही मालन नदी पहाड़ों पर हुई बरसात से एक बार फिर उफान पर है। इसका पानी कई गांवों के खेतों में घुस गया है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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- \r\n फसलों का नुकसान: पिछले डेढ़ महीने में खेतों में कई बार बाढ़ का पानी आ चुका है, जिससे चारे की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा, गन्ने की फसल में भी बीमारी आने लगी है।\r\n \r\n
- \r\n पुलिस लाइंस में जलभराव: मालन नदी का पानी गांवों से होते हुए नई पुलिस लाइंस के आवासीय परिसर में भी भर गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।\r\n \r\n
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प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं और तटबंध को टूटने से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.