बिजनौर, उत्तर प्रदेश — बिजनौर में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश ने गंगा नदी को अपने रौद्र रूप में ला दिया है। नदी ने गंगा बैराज के पास स्थित एलेक्स बांध के तटबंध पर भीषण कटान शुरू कर दिया है, जिससे यहाँ के दर्जनों गांवों और हजारों हेक्टेयर जंगल पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। नदी का बढ़ता पानी तटबंध के ऊपर बनी पक्की सड़क तक पहुँच गया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा पहले ही जलधारा में समा चुका है।READ ALSO:-मेरठ में लिफ्ट बनी मुसीबत: कारोबारी और बेटा 32 मिनट तक फंसे, बिल्डर पर लापरवाही का आरोप
\r\n\r\n\r\n\r\n
तटबंध को बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास
\r\n\r\nस्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। तटबंध को बचाने के लिए पेड़ों को काटकर और पत्थरों को सीधे गंगा की तेज धार के मुहाने पर डाला जा रहा है। अधिशासी अधिकारी बृजेश मौर्य ने बताया कि तटबंध का करीब 50 मीटर हिस्सा कटान की चपेट में है। इस चुनौती से निपटने के लिए 150 से अधिक श्रमिक, चार जेसीबी, एक पोकलेन, 10 डंपर और 12 ट्रैक्टर ट्रॉलियां लगातार काम कर रही हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अधिकारी और इंजीनियर चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि गंगा के बढ़ते प्रवाह को नियंत्रित किया जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पहले भी दिखी थी गंगा की तबाही
\r\n\r\nयह पहला मौका नहीं है जब गंगा ने बिजनौर में तबाही का संकेत दिया हो। करीब 15 दिन पहले भी बालावाली में रेल पुल के गाइड बंध पर खतरा मंडराया था। तब गंगा की धारा ने हजारों बीघा जमीन का कटान कर दिया था और इंडियन ऑयल की पाइपलाइन तक टूट गई थी। उस समय भी रेलवे ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर जम्मू-कोलकाता रेल ट्रैक को सुरक्षित किया था।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
एक बार फिर, गंगा का जलस्तर प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.