धामपुर, बिजनौर (ग्राउंड रिपोर्ट: शकील अहमद): उत्तर प्रदेश में 'बुलडोजर' अब सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि प्रशासन के एक्शन का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है। लेकिन जब यह बुलडोजर किसी धार्मिक स्थल या उससे जुड़े विवादित हिस्से की ओर बढ़ता है, तो सियासत का गरमाना तय है। बिजनौर जिले का शांत और व्यापारिक कस्बा धामपुर इन दिनों ठीक ऐसे ही एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया है। नगर की पॉश और घनी आबादी वाली टीचर्स कॉलोनी में स्थित 'पीर बाबा मजार' के रास्ते को लेकर कई महीनों से सुलग रही चिंगारी बीती रात प्रशासन के एक सख्त कदम के बाद पूरी तरह से भड़क उठी।READ ALSO:-धामपुर ब्रेकिंग: नासिर बाबा की मजार की दीवार पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे, हिंदुत्ववादी नेता बोले- 'अतिक्रमण हटाना 100% सही'
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प्रशासन द्वारा देर रात की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद धामपुर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस तनाव के बीच आज मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने पूरे दमखम के साथ मजार कमेटी और मुस्लिम समाज के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर रात में ऐसा क्या हुआ जिसने धामपुर की सियासत में भूचाल ला दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 यूपी के बिजनौर में धामपुर मजार विवाद गहरा गया है। मजार के रास्ते पर रात में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सपा नेता नईमुल हसन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जानें पूरी खबर। pic.twitter.com/isfbK2wmjc
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) June 20, 2026
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आधी रात का 'ऑपरेशन बुलडोजर' और सुबह का बवाल
\r\n\r\nस्थानीय निवासियों और रिपोर्टर शकील अहमद से मिली जानकारी के अनुसार, टीचर्स कॉलोनी और पीर बाबा मजार प्रबंधन के बीच एक रास्ते को लेकर लंबे समय से रस्साकशी चल रही थी। यह मामला स्थानीय थाने से लेकर तहसील प्रशासन के संज्ञान में था। लेकिन प्रशासन ने मामले में सख्ती दिखाते हुए परसों/बीती देर रात भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस विवादित रास्ते के हिस्से पर बुलडोजर से कार्रवाई कर दी।
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रात के अंधेरे में अचानक प्रशासन का अमला और जेसीबी मशीनें देखकर कॉलोनी और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। रात में हुई इस कार्रवाई को मजार पक्ष ने पूरी तरह से एकतरफा और न्याय के खिलाफ बताया। उनका आरोप है कि बिना किसी पुख्ता नोटिस और दस्तावेजों को देखने का मौका दिए बिना, प्रशासन ने एक विशेष वर्ग के दबाव में आकर मजार की संपति और रास्ते को नुकसान पहुंचाया है। सुबह होते ही इस घटना की खबर पूरे धामपुर में जंगल में आग की तरह फैल गई और अल्पसंख्यक समुदाय में भारी रोष पनप गया।
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'संपूर्ण समाधान दिवस' पर सपा का हल्ला बोल
\r\n\r\nसंयोग से आज तहसील स्तर पर प्रशासन का 'संपूर्ण समाधान दिवस' (Tehsil Diwas) आयोजित हो रहा था, जहां जिले के आला अधिकारी जनता की फरियाद सुनने के लिए मौजूद थे। मजार पर हुई रातों-रात कार्रवाई की भनक जैसे ही समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व को लगी, वे तुरंत हरकत में आ गए।
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धामपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक नईमुल हसन (Naimul Hasan) के नेतृत्व में मुस्लिम समाज और मजार कमेटी के दर्जनों लोगों का एक भारी-भरकम हुजूम सीधे धामपुर तहसील परिसर पहुंच गया। तहसील परिसर में अचानक इतनी बड़ी भीड़ देखकर पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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प्रतिनिधिमंडल ने सीधे एसडीएम (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) के सामने मोर्चा खोल दिया और प्रशासन की बीती रात की कार्रवाई पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई। पूर्व विधायक नईमुल हसन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
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सपा प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांगें और प्रशासन से वार्ता
\r\n\r\nतहसील परिसर में घंटों चली गहमागहमी के बाद पूर्व विधायक नईमुल हसन के साथ एक कोर कमेटी ने एसडीएम धामपुर स्मृति मिश्रा और सीओ के कक्ष में जाकर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:
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- \r\n रातों-रात कार्रवाई पर रोक: सपा नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या आपातकालीन स्थिति आ गई थी कि प्रशासन को रात के अंधेरे में बुलडोजर लेकर मजार के रास्ते पर जाना पड़ा? यह दिन के उजाले में क्यों नहीं किया गया?\r\n \r\n
- \r\n कागजात पेश करने का समय: प्रतिनिधिमंडल की सबसे बड़ी मांग यह थी कि पीर बाबा मजार कमेटी को अपने मालिकाना हक (Ownership Rights), नक्शे और रास्ते से संबंधित पुराने खतौनी और राजस्व दस्तावेज पेश करने का पर्याप्त मौका दिया जाए।\r\n \r\n
- \r\n निष्पक्ष जांच: प्रशासन किसी एक पक्ष (टीचर्स कॉलोनी के निवासियों) की शिकायत पर एकतरफा कार्रवाई न करे, बल्कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों का निष्पक्ष रूप से अवलोकन करे।\r\n \r\n
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क्या है असल विवाद? (टीचर्स कॉलोनी बनाम मजार कमेटी)
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इस पूरे विवाद की जड़ में जमीन का एक टुकड़ा और रास्ता है।
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- \r\n टीचर्स कॉलोनी निवासियों का तर्क: कॉलोनी के लोगों का लंबे समय से यह दावा रहा है कि जिस रास्ते पर मजार कमेटी अपना हक जता रही है, वह वास्तव में एक सार्वजनिक उपयोग का "आम रास्ता" है। उनका आरोप है कि मजार प्रबंधन धीरे-धीरे इस रास्ते पर अतिक्रमण कर रहा है, जिससे आम लोगों और कॉलोनी वासियों के आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसी शिकायत के आधार पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।\r\n \r\n
- \r\n मजार प्रबंधन का तर्क: दूसरी ओर, पीर बाबा मजार के प्रबंधकों और स्थानीय अकीदतमंदों का साफ कहना है कि मजार दशकों पुरानी है। यह जमीन पीर बाबा की है और जिस रास्ते पर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह मजार की ही परिधि और संपत्ति का हिस्सा है। उनका कहना है कि उनके पास इसके पुख्ता कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं।\r\n \r\n
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प्रशासन बैकफुट पर: SDM स्मृति मिश्रा ने दिया 'यथास्थिति' का भरोसा
\r\n\r\nसमाजवादी पार्टी के भारी दबाव और मामले की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल कूटनीति और नरमी से काम लिया है। उपजिलाधिकारी (SDM) स्मृति मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना।
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अधिकारियों और प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया। SDM धामपुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि प्रशासन किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता। उन्होंने मजार कमेटी को अपने सभी संबंधित राजस्व दस्तावेज और मालिकाना हक के कागज प्रस्तुत करने के लिए आधिकारिक तौर पर समय दे दिया है।
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सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि एसडीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मजार कमेटी के दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं हो जाती और राजस्व टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक मौके पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखी जाएगी। यानी प्रशासन की तरफ से अब कोई नई बुलडोजर कार्रवाई या तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। इस आश्वासन के बाद जाकर सपा नेताओं और मजार से जुड़े लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ।
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प्रमुख बयान (बाइट्स): किसने क्या कहा?
\r\n\r\n1. स्मृति मिश्रा (SDM, धामपुर): "आज संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर एक प्रतिनिधिमंडल ने आकर मजार के रास्ते को लेकर ज्ञापन सौंपा है। हमने उनकी आपत्तियों को सुना है। प्रशासन कानून और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर ही काम करता है। हमने मजार कमेटी को अपने दस्तावेज पेश करने का समय दिया है। जब तक दस्तावेजों का मिलान और राजस्व टीम द्वारा जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। इलाके में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है।"
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2. नईमुल हसन (पूर्व विधायक, समाजवादी पार्टी): "पीर बाबा की मजार का यह रास्ता बहुत पुराना है। रात के वक्त प्रशासन द्वारा बुलडोजर ले जाकर की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक थी। हमने आज SDM साहिबा से मुलाकात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हमने मांग की है कि प्रशासन बिना कागजात देखे कोई एकतरफा एक्शन न ले। हमें खुशी है कि SDM ने हमारी बात मानी है और कागज दिखाने का समय दिया है। हमें कानून पर पूरा भरोसा है, और हम मजार के पक्ष के सभी वैध कागजात प्रशासन को सौंपेंगे।"
\r\n\r\nआगे का रास्ता
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धामपुर के पीर बाबा मजार विवाद ने फिलहाल एक विराम तो ले लिया है, लेकिन यह मामला पूरी तरह से सुलझा नहीं है। अब गेंद पूरी तरह से राजस्व विभाग (Revenue Department) और मजार कमेटी के पाले में है। यदि मजार कमेटी अपने दावों को पुख्ता करने वाले ऐतिहासिक और राजस्व दस्तावेज पेश करने में सफल रहती है, तो प्रशासन को अपने कदम पूरी तरह पीछे खींचने पड़ेंगे।
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वहीं, अगर दस्तावेज अधूरे पाए गए, तो टीचर्स कॉलोनी के लोगों की मांग पर प्रशासन एक बार फिर से एक्शन मोड में आ सकता है। फिलहाल धामपुर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मजार और कॉलोनी के आसपास पुलिस गश्त बढ़ा दी है। दोनों ही पक्षों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। आने वाले कुछ दिन धामपुर की शांति और इस विवाद के अंतिम समाधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
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