उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। छोटी सी बात पर खूनी संघर्ष और जानलेवा हमले करने वाले तत्वों पर पुलिस अब सख्त कानूनी शिकंजा कस रही है। ताजा मामला चांदपुर थाना क्षेत्र (Chandpur Police Station) का है, जहां महज गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक के सिर पर ईंट से वार कर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई।READ ALSO:-केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 'जैकपॉट': 8वें वेतन आयोग को कैबिनेट की हरी झंडी; जस्टिस रंजना देसाई संभालेंगी कमान, 1 जनवरी 2026 से शुरू होगा 'एरियर' का मीटर
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इस दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। हालांकि, चांदपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 3 दिन के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धाराओं में बदलाव किया और आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) यानी 'हत्या का प्रयास' (पूर्व की IPC 307) जैसी गंभीर धारा बढ़ाई है।
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29 दिसंबर 2025 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि इलाके में कानून व्यवस्था का कड़ा संदेश भी दिया है। आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर उस दिन क्या हुआ था, पुलिस ने कैसे जाल बिछाया और नए कानून (BNS) के तहत आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई।
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1. घटना की फ्लैशबैक: 26 दिसंबर की वो खौफनाक शाम
\r\nयह पूरा मामला 26 दिसंबर 2025 का है। चांदपुर के मोहल्ला भटियारी सराय के आसपास का इलाका उस वक्त चीख-पुकार से गूंज उठा, जब तीन युवकों ने एक व्यक्ति को घेरकर ईंट-पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया।
\r\n\r\n\r\nयह पूरा मामला 26 दिसंबर 2025 का है। चांदपुर के मोहल्ला भटियारी सराय के आसपास का इलाका उस वक्त चीख-पुकार से गूंज उठा, जब तीन युवकों ने एक व्यक्ति को घेरकर ईंट-पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया।
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\r\nथाना चांदपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 744/2025 धारा 115(2),352,109(1) बीएनएस में वांछित 03 अभियुक्तों को
\r\nगिरफ्तार किया गया। #UPPolice pic.twitter.com/2BzLwiDAEX
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क्या था विवाद? वादी (पीड़ित) द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, घटना की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई थी। आरोपी पक्ष—नदीम, जाकिर और जावेद—वादी के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। जब वादी ने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया और उन्हें गालियां देने से मना किया, तो आरोपी आग-बबूला हो गए।
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ईंट से जानलेवा हमला बहसबाजी इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने आव देखा न ताव, पास पड़ी ईंट उठाई और वादी के सिर पर जोरदार वार कर दिया । सिर पर ईंट लगने से वादी गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन घायल की हालत देखकर साफ था कि हमले का मकसद केवल डराना नहीं, बल्कि गंभीर चोट पहुंचाना या जान लेना हो सकता था।
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2. पुलिस की एंट्री और FIR में बड़ा बदलाव
\r\nघायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और मामले की सूचना चांदपुर पुलिस को दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया।
\r\n\r\n\r\nघायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और मामले की सूचना चांदपुर पुलिस को दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया।
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शुरुआती मुकदमा: शुरुआत में पुलिस ने मु०अ०सं० 744/2025 के तहत मामला दर्ज किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराएं लगाई गई थीं:
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धारा 115 (2) BNS: स्वेच्छा से चोट पहुंचाना (Voluntarily causing hurt)।
\r\nधारा 352 BNS: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना (Intentional insult with intent to provoke breach of peace)। धारा 110 BNS: (आरंभिक विवेचना में दर्ज, जिसे बाद में हटा दिया गया) ।
\r\n\r\n\r\nधारा 352 BNS: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना (Intentional insult with intent to provoke breach of peace)। धारा 110 BNS: (आरंभिक विवेचना में दर्ज, जिसे बाद में हटा दिया गया) ।
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विवेचना में खुली परतों की सच्चाई: जब पुलिस ने मामले की तफ्तीश (विवेचना) शुरू की और मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया, तो पाया गया कि चोट बेहद गंभीर है और हमला सिर जैसे संवेदनशील अंग पर किया गया था। यह साफ तौर पर जान लेने की नीयत को दर्शाता है।
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इसी आधार पर, विवेचना अधिकारी ने मुकदमे में बड़ा बदलाव किया। पुलिस ने धारा 110 BNS को हटाकर (लोप कर) उसकी जगह धारा 109 (1) BNS की बढ़ोतरी की ।
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क्या है धारा 109 (1) BNS? भारतीय न्याय संहिता में धारा 109 (1) को पुराने कानून (IPC) की धारा 307 के समकक्ष माना जाता है, यानी 'हत्या का प्रयास' (Attempt to Murder)। यह एक गैर-जमानती और संगीन अपराध है, जिसमें लंबी सजा का प्रावधान है। इस धारा के जुड़ते ही आरोपियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं।
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3. गिरफ्तारी: पुलिस का 'ऑपरेशन भटियारी सराय'
\r\nधाराएं बढ़ते ही पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी। थाना चांदपुर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व निरीक्षक अपराध दलीप कुमार कर रहे थे।
\r\n\r\n\r\nधाराएं बढ़ते ही पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी। थाना चांदपुर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व निरीक्षक अपराध दलीप कुमार कर रहे थे।
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29 दिसंबर 2025 की सुबह मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीनों वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की । ये तीनों आरोपी घटना के बाद से ही पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कानून के लंबे हाथों ने उन्हें दबोच लिया।
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गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण: पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे सभी मोहल्ला भटियारी सराय, थाना चांदपुर, जनपद बिजनौर के रहने वाले हैं । इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
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- नदीम: पुत्र यूनुस । \r\n
- जाकिर: पुत्र शफीक । \r\n
- जावेद: पुत्र हनीफ । \r\n
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ये तीनों एक ही मोहल्ले के निवासी हैं और स्थानीय स्तर पर एक साथ घूमते थे। पुलिस ने इनके पास से घटना में शामिल होने के साक्ष्य जुटाए हैं और अब अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है ।
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4. पुलिस टीम: जिन्होंने 72 घंटे में सुलझाया केस
\r\nइस त्वरित कार्रवाई का श्रेय चांदपुर पुलिस की उस टीम को जाता है जिसने बिना समय गंवाए आरोपियों को ट्रेस किया। एसपी बिजनौर ने इस गुडवर्क के लिए टीम की सराहना की है।
\r\n\r\n\r\nइस त्वरित कार्रवाई का श्रेय चांदपुर पुलिस की उस टीम को जाता है जिसने बिना समय गंवाए आरोपियों को ट्रेस किया। एसपी बिजनौर ने इस गुडवर्क के लिए टीम की सराहना की है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल जांबाज पुलिसकर्मी:
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- दलीप कुमार: निरीक्षक अपराध (Inspector Crime) - टीम लीडर। \r\n
- ब्रजेश कुमार शर्मा: उप-निरीक्षक (Sub-Inspector)। \r\n
- नरेश पुनिया: मुख्य आरक्षी (Head Constable - 496)। \r\n
- रणजीत मलिक: आरक्षी (Constable - 895)। \r\n
- सागर कुमार: आरक्षी (Constable - 2290)। \r\n
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इस टीम की मुस्तैदी के कारण ही आरोपी शहर छोड़कर भागने में नाकाम रहे और सलाखों के पीछे पहुंच गए।
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5. BNS का प्रभाव: पुराने कानूनों से कैसे अलग है यह कार्रवाई?
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- यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) का प्रभावी इस्तेमाल देखा गया है। 2025 में पुलिसिंग पूरी तरह से नए कानूनों के तहत हो रही है। \r\n
- IPC 323 vs BNS 115(2): पहले मारपीट के लिए IPC 323 लगती थी, अब BNS 115(2) के तहत कार्रवाई होती है, जिसमें सजा के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है। \r\n
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6. समाज में बढ़ता गुस्सा और कानून का डर
\r\n\r\nबिजनौर और खासकर चांदपुर जैसे कस्बों में सड़क पर चलते विवाद (Road Rage) और छोटी बातों पर मारपीट की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। "गाली देने से मना करना" एक नागरिक का अधिकार है, लेकिन अपराधियों में कानून का डर न होना उन्हें हिंसक बना देता है।
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वादी के सिर पर ईंट मारने की यह घटना यह बताती है कि आरोपियों में गुस्से (Aggression) का स्तर कितना अधिक था। वे जानते थे कि ईंट मारने से जान जा सकती है, फिर भी उन्होंने हमला किया। पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे तत्वों के लिए एक चेतावनी है कि हिंसा का रास्ता सीधा जेल जाता है।
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स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि अगर पुलिस इसी तरह सख्त धाराएं लगाकर कार्रवाई करती रही, तो मनचलों और गुंडों के हौसले पस्त होंगे।
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7. आगे की राह: अब क्या होगा आरोपियों का?
\r\n\r\nगिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों—नदीम, जाकिर और जावेद—का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा जा रहा है।
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- \r\n जमानत मुश्किल: चूंकि अब मुकदमे में धारा 109 (1) BNS (हत्या का प्रयास) जुड़ गई है, इसलिए आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। उन्हें लंबा समय जेल में बिताना पड़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n ट्रायल: पुलिस जल्द ही इस मामले में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करेगी। गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट (Injury Report) इस केस में सबसे अहम सबूत साबित होंगे।\r\n \r\n
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चांदपुर पुलिस की यह कार्रवाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है। 26 दिसंबर को हुई घटना और 29 दिसंबर को गिरफ्तारी—महज 3 दिनों में पुलिस ने पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। गुस्से में उठाया गया एक ईंट का टुकड़ा तीन युवाओं को जेल की कालकोठरी तक ले गया और एक व्यक्ति को अस्पताल के बिस्तर पर पहुंचा दिया।
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बिजनौर पुलिस की अपील है कि किसी भी विवाद में कानून को हाथ में न लें। अगर कोई गाली-गलौज करता है, तो पुलिस को सूचित करें (Dial 112), खुद न्याय न करें। कानून अपना काम करेगा, जैसा कि इस मामले में बखूबी देखने को मिला है।
Sabse pehle comment karne wale banein.