बिजनौर (24 मई, 2026): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर से करवट लेने जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग (IMD), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, जनपद बिजनौर में 28 मई से 30 मई, 2026 तक तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की प्रबल संभावना है।
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इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे जिले के लिए एक विस्तृत और सख्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि या संपत्ति के नुकसान को रोकना है। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि नागरिक इस मौसम चेतावनी को हल्के में न लें और सुरक्षा के सभी कड़े उपाय अपनाएं।
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खराब मौसम में घरों में ही रहने की अपील
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जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा है कि 28 से 30 मई के बीच जब मौसम अचानक बिगड़े, तो लोग अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें। आंधी और तूफान के दौरान दृश्यता (Visibility) कम हो जाती है और पेड़ गिरने या बिजली के तार टूटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में सबसे सुरक्षित स्थान आपका पक्का घर ही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्राओं को मौसम की स्थिति को देखते हुए ही प्लान करें और बहुत जरूरी होने पर ही सुरक्षित वाहनों का प्रयोग करें।
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किसानों के लिए विशेष चेतावनी: खेतों में रहें अतिरिक्त सावधान

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बिजनौर एक कृषि प्रधान जिला है, जहाँ बड़ी आबादी खेती-किसानी से जुड़ी है। अक्सर देखा गया है कि आकाशीय बिजली (वज्रपात) का सबसे ज्यादा शिकार हमारे किसान भाई ही होते हैं, क्योंकि वे खुले खेतों में काम कर रहे होते हैं। जिलाधिकारी ने किसान बंधुओं से विशेष रूप से आह्वान किया है:
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    बादल गरजते ही सुरक्षित स्थान खोजें: यदि आप खेत में काम कर रहे हैं और अचानक काले बादल छा जाएं या मेघगर्जन (बादलों की गड़गड़ाहट) सुनाई दे, तो तुरंत अपना काम रोककर किसी पक्के मकान या सुरक्षित आश्रय स्थल की ओर चले जाएं।
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    पेड़ों के नीचे भूलकर भी न रुकें: आंधी-तूफान या बारिश से बचने के लिए किसान अक्सर बड़े पेड़ों के नीचे छिप जाते हैं। विज्ञान के अनुसार, आकाशीय बिजली हमेशा सबसे ऊंचे बिंदु पर गिरती है। इसलिए पेड़ों के नीचे खड़ा होना जानलेवा साबित हो सकता है।
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    पानी भरे खेतों से दूर रहें: पानी बिजली का सुचालक (Good Conductor) होता है। वज्रपात के समय पानी से भरे खेतों (जैसे धान या गन्ने के सिंचित खेत) में खड़े रहना अत्यधिक जोखिम भरा है।
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आकाशीय बिजली (वज्रपात) से बचाव के वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय

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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, वज्रपात एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सही जानकारी से इससे बचा जा सकता है। प्रशासन ने निम्नलिखित स्थानों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है:
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    खुले मैदान और ऊंचे स्थान: बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में बिल्कुल न खड़े हों। यदि आप कहीं फंस गए हैं और कोई आश्रय नहीं है, तो जमीन पर उकड़ू (कानों पर हाथ रखकर और एड़ियों को जोड़कर) बैठ जाएं, लेकिन जमीन पर लेटें नहीं।
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    जलाशय और नदियां: तालाब, नहर, नदी या किसी भी प्रकार के जल निकाय के पास न जाएं। मछुआरों और नाव चलाने वालों को भी किनारे पर आ जाने की सलाह दी गई है।
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    धातु की वस्तुएं और टावर: बिजली के खंभे, मोबाइल टावर, लोहे की ग्रिल, तार की बाड़ और टिन शेड के पास खड़े होना साक्षात् मौत को दावत देने जैसा है।
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'दामिनी एप' (Damini App): आपका डिजिटल जीवनरक्षक

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इस एडवाइजरी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा तकनीक का उपयोग है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं से “दामिनी एप” (Damini Lightning Alert App) तुरंत डाउनलोड करने की विशेष अपील की है।
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    क्या है दामिनी एप? यह भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) द्वारा विकसित एक बेहतरीन एप्लिकेशन है।
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    यह कैसे काम करता है? यह एप जीपीएस लोकेशन का उपयोग करता है और आपके आस-पास के 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना को 30 से 40 मिनट पहले ही अलार्म और नोटिफिकेशन के जरिए बता देता है।
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    जागरूकता: डीएम ने कहा है कि जो युवा स्मार्टफोन चलाते हैं, वे न केवल खुद इस एप का इस्तेमाल करें, बल्कि अपने परिवार के बुजुर्गों, किसानों और पड़ोसियों को भी मौसम के अलर्ट के बारे में समय रहते सूचित करें।
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घरेलू सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रबंधन

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मौसम खराब होने का असर सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घरों के अंदर भी पड़ता है। बिजली कड़कने और हाई-वोल्टेज करंट के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि:
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    तेज आंधी और बिजली चमकने के दौरान टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर, कूलर और एसी जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें (सिर्फ स्विच बंद करना काफी नहीं है)।
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    मोबाइल फोन को चार्जिंग पर लगाकर इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
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    खिड़कियों और दरवाजों को अच्छी तरह से बंद रखें और उनके पास खड़े होने से बचें।
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    लैंडलाइन फोन (कॉर्ड वाले) का उपयोग करने से बचें, क्योंकि बिजली का करंट तारों के जरिए आ सकता है।
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आपातकालीन स्थिति में यहाँ करें संपर्क (District Administration Helplines)

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जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना, पेड़ गिरने, आग लगने, जनहानि अथवा संपत्ति की क्षति होने पर त्वरित राहत पहुँचाने के लिए कंट्रोल रूम को 24x7 सक्रिय कर दिया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की सहायता के लिए निम्नलिखित आधिकारिक टोल-फ्री नंबरों पर तुरंत संपर्क करें:
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विभाग / सहायता का प्रकार
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आपातकालीन संपर्क नंबर (Toll-Free)
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जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम (Bijnor)
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1077 या 01342-262031
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पुलिस सहायता (Police Help)
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112
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अग्निशमन विभाग (Fire Brigade)
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101
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चिकित्सीय एम्बुलेंस (Medical Emergency)
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108
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प्रकृति के आगे इंसान बेबस हो सकता है, लेकिन हमारी सतर्कता और जागरूकता किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। बिजनौर के जिलाधिकारी कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब जिम्मेदारी हमारी है कि हम इन तीन दिनों (28 से 30 मई) में अतिरिक्त सावधानी बरतें। सुरक्षित रहें, अपने परिवार को सुरक्षित रखें और प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि बिजनौर का हर नागरिक इस मौसम अलर्ट से वाकिफ हो सके।
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