उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में बिजनौर जनपद को औद्योगिक दृष्टि से और अधिक मजबूत बनाने तथा स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है।READ ALSO:-बिजनौर न्यूज़: 12 सितंबर को सजेगी 'राष्ट्रीय लोक अदालत', 82 हज़ार से अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य, जजी परिसर में तैयारियां तेज
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सोमवार, 24 अगस्त को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय 'उद्योग बंधु समिति' की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल उद्यमियों की पुरानी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया, बल्कि जनपद में नए उद्योगों की स्थापना, बुनियादी ढांचे (पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास और गन्ना किसानों के भुगतान जैसे अति-संवेदनशील मुद्दों पर भी कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
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आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि बिजनौर के औद्योगिक विकास और व्यापारिक माहौल को लेकर इस अहम बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए।
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शासन की नई पहल: समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'त्रिस्तरीय व्यवस्था'
\r\n\r\nअक्सर देखा जाता है कि उद्यमियों को अपने उद्योग स्थापित करने या चलाने में कई तरह की विभागीय अड़चनों का सामना करना पड़ता है और उनकी फाइलें सरकारी दफ्तरों में धूल फांकती रहती हैं। इस लालफीताशाही को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बैठक में एक बड़ी जानकारी साझा की।
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उन्होंने सभी उद्यमियों और व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब उनकी किसी भी समस्या को हल्के में नहीं लिया जाएगा, बल्कि उसका 'प्राथमिकता' के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से एक मजबूत 'त्रिस्तरीय व्यवस्था' लागू की गई है।
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इस त्रिस्तरीय प्रणाली में शामिल हैं:
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- \r\n जिला उद्योग बंधु समिति: जो जनपद स्तर की समस्याओं को तत्काल प्रभाव से सुलझाएगी।\r\n \r\n
- \r\n मंडल स्तरीय समिति: यदि कोई मामला जिले स्तर पर नहीं सुलझता है, तो उसे मंडल स्तर पर प्राथमिकता से देखा जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n राज्य स्तरीय समिति: बड़े नीतिगत मामलों और शासन स्तर की मंजूरियों के लिए राज्य स्तरीय समिति काम करेगी।\r\n \r\n
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जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों की कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए।
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स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं पर जोर: प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
\r\n\r\nकिसी भी क्षेत्र में उद्योगों के विकास के लिए वहाँ का पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) मजबूत होना बेहद जरूरी है। बैठक के दौरान स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और जिलाधिकारी ने मौके पर ही उनके समाधान सुनिश्चित कराए:
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- \r\n बिजनौर शुगर मिल, नगीना रोड की सफाई: पिछले काफी समय से नगीना रोड स्थित शुगर मिल के दोनों तरफ गंदगी और उचित सफाई न होने की शिकायतें आ रही थीं। इस बैठक में संबंधित उद्यमी ने खुद अवगत कराया कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद वहां सफाई कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है और जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। इस त्वरित कार्रवाई के लिए पूरे उद्योग विभाग और उद्यमियों की ओर से जिलाधिकारी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया।\r\n \r\n
- \r\n विद्युत लाइन और नलकूप प्रकरण: बिजनौर के ग्राम भानूवाला में कृषि भूमि के बीच से निजी नलकूप के लिए विद्युत लाइन निकाले जाने का एक पेचीदा मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने इस प्रार्थना पत्र पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य को बिना किसी देरी के पूरा किया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यह प्रकरण अगली बैठक में दोबारा सामने नहीं आना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n पुलिया का पुनर्निर्माण: ग्रामीण और औद्योगिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ग्राम बशीरपुरा में स्थित एक छोटी पुलिया के जर्जर होने का मुद्दा भी उठा। इस पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि पुलिया के नवनिर्माण के कार्य को जिला पंचायत ने अपनी कार्ययोजना में शामिल कर लिया है। नई गाइडलाइन प्राप्त होते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे यातायात और माल ढुलाई सुगम हो सके।\r\n \r\n
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'सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल जोन' से बदलेगी बिजनौर की तस्वीर
\r\n\r\nबिजनौर में बड़े निवेश को आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जनपद स्तर पर 'सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' स्थापित करने की योजना है।
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बैठक में इस इंडस्ट्रियल जोन के लिए अनुमन्य (उपयुक्त) भूमि के चिन्हांकन की प्रक्रिया पर गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए भूमि चिन्हित कर रिपोर्ट सौंपें। इस जोन के बनने से बिजनौर में नए कारखाने लगेंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।
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साथ ही, व्यापारिक सहूलियत के लिए बनाए गए 'निवेश मित्र पोर्टल' (Nivesh Mitra Portal) पर प्राप्त आवेदनों की भी कड़ी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि पोर्टल पर जितने भी आवेदन लंबित पड़े हैं, उनका एक तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए।
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निवेश और रोजगार: धरातल पर उतर रहे हैं MoU
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान बिजनौर के लिए जो निवेश प्रस्ताव (MoU) साइन किए गए थे, अब वे धरातल पर आकार लेने लगे हैं। बैठक में मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई, जिसके आंकड़े जिले के उज्जवल भविष्य की गवाही दे रहे हैं:
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- \r\n कुल MoU: जनपद में कुल 309 एमओयू साइन किए गए थे।\r\n \r\n
- \r\n ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC): इनमें से 137 एमओयू ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए पूरी तरह तैयार थे।\r\n \r\n
- \r\n कार्य प्रारंभ: सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि 137 में से 106 परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।\r\n \r\n
- \r\n प्रक्रियाधीन: शेष 31 परियोजनाओं पर विभागीय प्रक्रिया तेजी से चल रही है और जल्द ही उन पर भी काम शुरू हो जाएगा।\r\n \r\n
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'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान': युवाओं के सपनों को मिल रही उड़ान
\r\n\r\nबिजनौर के युवाओं को नौकरी मांगने वाले की जगह नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत तेजी से काम हो रहा है। बैठक में इस योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि:
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- \r\n जनपद को कुल 1700 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है।\r\n \r\n
- \r\n इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1157 आवेदन बैंकों को प्रेषित (भेजे) जा चुके हैं।\r\n \r\n
- \r\n इनमें से 364 युवाओं के आवेदनों को बैंकों द्वारा स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है, जिससे वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।\r\n \r\n
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किसानों का हित सर्वोपरि: गन्ना मूल्य भुगतान और नए पेराई सत्र की तैयारी
\r\n\r\nबिजनौर मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान जिला है, जहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ गन्ना किसान हैं। उद्योग बंधु की बैठक से ठीक पहले जिलाधिकारी जसजीत कौर ने गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की।
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- \r\n बकाया भुगतान पर सख्ती: जिलाधिकारी ने गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने जिले के सभी गन्ना मिल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों का जो भी बकाया गन्ना भुगतान लंबित है, उसे बिना किसी बहानेबाजी के जल्द से जल्द किसानों के खातों में भेजा जाए। किसानों के हितों के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n नए पेराई सत्र की तैयारी: इसके साथ ही, आगामी नए गन्ना पेराई सत्र को लेकर मिलों में चल रही तैयारियों, मशीनों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई ताकि नया सीजन शुरू होने पर किसानों को अपनी फसल तौलने में कोई दिक्कत न आए।\r\n \r\n
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सोमवार को आयोजित इस मैराथन बैठक में उपायुक्त उद्योग, उपायुक्त जीएसटी सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी और जिले के प्रमुख उद्यमी व व्यापारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से बिजनौर के व्यापारिक जगत में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ है।
Sabse pehle comment karne wale banein.