रिपोर्टर: शकील अहमद, बिजनौर
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स्थान: बिजनौर, उत्तर प्रदेश
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नवागत पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्णकुमार विश्नोई ने जिले की कमान संभाल ली है। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों से लंबी वार्तालाप की और अपनी भावी कार्ययोजना तथा प्राथमिकताओं को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। नवागत एसपी के तेवर और उनकी स्पष्टवादिता से यह साफ हो गया है कि अब बिजनौर जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है।READ ALSO:-खाकी पर दाग! मेरठ में किसान नेता को 'थर्ड डिग्री', नए कप्तान का चला हंटर, एसओजी प्रभारी अखिलेश गौड़ निलंबित
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इस विशेष रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि नए एसपी कृष्णकुमार विश्नोई का विजन क्या है और वे बिजनौर की पुलिसिंग में क्या बड़े बदलाव लाने वाले हैं।
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बिजनौर में बदलाव की बयार: नवागत SP ने संभाली कमान

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बिजनौर एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में यहाँ की कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमेशा से पुलिस प्रशासन के लिए एक चुनौती रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्णकुमार विश्नोई ने पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहले जिले की भौगोलिक और आपराधिक स्थिति का जायजा लिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को एक-एक कर गिनाया और यह संदेश दिया कि पुलिस अब थानों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सीधे जनता के बीच जाएगी।
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"जिले में कानून का राज स्थापित करना और हर नागरिक को सुरक्षित महसूस कराना मेरी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।" - कृष्णकुमार विश्नोई, एसपी, बिजनौर
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'जीरो टॉलरेंस' नीति: अपराधियों के लिए स्पष्ट और कड़ी चेतावनी

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उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को धरातल पर उतारने का संकल्प लेते हुए एसपी विश्नोई ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के अपराध या माफियाराज को पनपने नहीं दिया जाएगा।
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    माफियाओं पर नकेल: भू-माफिया, खनन माफिया और शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चलाएगी।
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    तत्काल कार्रवाई: छोटी से छोटी आपराधिक घटना को भी गंभीरता से लिया जाएगा। घटनाओं को छिपाने के बजाय उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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    लापरवाही बर्दाश्त नहीं: पुलिस महकमे के भीतर भी कड़ा संदेश दिया गया है। यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही बरतता है या अपराधियों के साथ साठगांठ में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पीड़ितों के लिए संवेदनशील बनेगी पुलिस: न्याय में नहीं होगी देरी

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अक्सर यह देखा जाता है कि पीड़ित व्यक्ति जब थाने पहुंचता है, तो उसे न्याय मिलने में देरी होती है या उसकी सुनवाई नहीं होती। इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए नवागत एसपी ने कड़े निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया है कि:
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    थाने में सम्मान: हर फरियादी जो पुलिस स्टेशन आता है, उसकी बात को सम्मान और धैर्य के साथ सुना जाए।
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    एफआईआर (FIR) में देरी नहीं: शिकायतों पर टालमटोल करने वाले थाना प्रभारियों की खैर नहीं होगी। वास्तविक घटनाओं की एफआईआर तुरंत दर्ज की जाएगी।
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    पारदर्शी जांच: मुकदमों की विवेचना (Investigation) पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।
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जन-संवाद: खाकी और अवाम के बीच मिटेगी दूरियां

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पुलिस और जनता के बीच की खाई को पाटना किसी भी सफल पुलिसिंग का मूल मंत्र होता है। एसपी कृष्णकुमार विश्नोई ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पुलिस को जनता का दोस्त बनकर काम करना होगा।
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    कम्युनिटी पुलिसिंग: मोहल्ला कमेटियों, ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों के साथ पुलिस नियमित रूप से बैठकें करेगी।
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    भरोसे की बहाली: जब तक जनता को पुलिस पर भरोसा नहीं होगा, तब तक अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। इसलिए बीट कांस्टेबलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ लगातार संपर्क में रहें।
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    हेल्पलाइन सेवाओं का विस्तार: डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को और भी बेहतर बनाया जाएगा ताकि संकट के समय पुलिस चंद मिनटों में मदद के लिए पहुँच सके।
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महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम पर विशेष फोकस

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आज के डिजिटल युग में पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षा हमेशा से एक ज्वलंत मुद्दा रहा है।
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    मिशन शक्ति का प्रभाव: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 'मिशन शक्ति' अभियान को बिजनौर में और अधिक धार दी जाएगी। स्कूल, कॉलेज और बाजारों के आसपास मनचलों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
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    साइबर जागरूकता: ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए साइबर सेल को एक्टिव किया जाएगा और आम जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
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मीडिया से अपील: सकारात्मक समाज के निर्माण में पत्रकारिता की अहम भूमिका

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प्रेस वार्ता के दौरान नवागत एसपी ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पत्रकारों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पुलिस और मीडिया दोनों का उद्देश्य समाज की भलाई है।
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"निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी के जरिए समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में मीडिया की अहम भूमिका है। अफवाहों को रोकने और सही सूचना जनता तक पहुंचाने में हमें पत्रकारों के सहयोग की अपेक्षा है।"
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उन्होंने आश्वासन दिया कि मीडियाकर्मियों को सही और सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सुगमता से कर सकें।
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बिजनौर पुलिस का नया अध्याय

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रिपोर्टर शकील अहमद के अनुसार, नवागत एसपी कृष्णकुमार विश्नोई की इस पहली प्रेस वार्ता ने जिले में एक नए और सकारात्मक माहौल का निर्माण किया है। उनके तेवरों से यह साफ है कि बिजनौर पुलिस अब एक नए जोश और पूरी सक्रियता के साथ काम करने जा रही है। एक तरफ जहां अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा करने की रणनीति तैयार हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि बिजनौर पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
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अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नवागत एसपी की ये प्राथमिकताएं आने वाले समय में धरातल पर किस तरह से रंग लाती हैं और बिजनौर जिले की कानून व्यवस्था में कितना ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलता है।
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