बिजनौर (Bijnor Crime News): उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में अवैध खनन (Illegal Mining) का काला कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया रातों-रात प्राकृतिक संपदा को लूटकर अपनी जेबें भरने में लगे हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस भी इन माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए लगातार कड़े प्रहार कर रही है।READ ALSO:-ड्यूटी पर रील बनाई तो खैर नहीं: CM योगी का UP पुलिस को सख्त अल्टीमेटम, 'हंसी का पात्र न बनें, डिजिटल वॉरियर बनकर दिखाएं'
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ताजा मामला बिजनौर जनपद के धामपुर (Dhampur) कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है। यहां पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए हकीमपुर चांदन गांव के पास चल रहे अवैध खनन के अड्डे पर छापा मारा। पुलिस की इस अचूक कार्रवाई से खनन माफियाओं और उनके गुर्गों में भारी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मौके से न केवल भारी मशीनरी जब्त की है, बल्कि खनन कर रहे चार आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा है।
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क्या है पूरा मामला? (Detailed Incident Report)
\r\n\r\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, धामपुर कोतवाली पुलिस को पिछले कुछ दिनों से मुखबिरों के जरिए लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि क्षेत्र के हकीमपुर चांदन (Hakimpur Chandan) गांव के बाहरी और सुनसान इलाके में बड़े पैमाने पर मिट्टी और रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। सूचना यह भी थी कि माफिया भारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे न केवल सरकार को राजस्व (Revenue) का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय पर्यावरण को भी गहरी क्षति पहुंच रही है।
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मुखबिर की इस पुख्ता सूचना को गंभीरता से लेते हुए, धामपुर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने पूरी योजना के साथ हकीमपुर चांदन के उस इलाके की घेराबंदी की, जहां से ट्रैक्टरों के गुजरने की आवाजें आ रही थीं।
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रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी, भागने का नहीं मिला मौका
\r\n\r\nजैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां एक बड़े जॉन डियर लोडर (John Deere Loader) मशीन के जरिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध रूप से खोदी गई मिट्टी/रेत को तेजी से भरा जा रहा था। पुलिस को अचानक सामने देखकर वहां मौजूद खनन माफियाओं के गुर्गों में भगदड़ मच गई।
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हालांकि, पुलिस ने इलाके की पहले ही पुख्ता घेराबंदी कर रखी थी, जिसके चलते किसी भी आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मौके पर मौजूद चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपियों की पहचान: पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों ने अपने नाम और पते उगले। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि ये सभी आरोपी धामपुर के नहीं, बल्कि पास के नगीना (Nagina) थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
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- \r\n इनमें से कुछ आरोपी नगीना के जमालपुर बांगर (Jamalpur Bangar) गांव के निवासी हैं।\r\n \r\n
- \r\n अन्य आरोपी नगीना के ही कोठरा (Kothra) गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।\r\n \r\n
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यह दर्शाता है कि खनन माफिया एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाकर संगठित तरीके से इस अपराध को अंजाम दे रहे थे।
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करोड़ों की मशीनरी की गई सीज (Vehicles Seized)
\r\n\r\nअवैध खनन के इस काले खेल में बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित वाहनों और मशीनरी को कब्जे में लेकर मोटर वाहन अधिनियम और खनन अधिनियम के तहत सीज (Seize) कर दिया है:
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- \r\n 4 कमर्शियल ट्रैक्टर: जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से खोदी गई सामग्री को ढोने (Transportation) के लिए किया जा रहा था।\r\n \r\n
- \r\n 1 जॉन डियर (John Deere) लोडर: इस भारी और महंगी मशीन का उपयोग कम समय में ज्यादा से ज्यादा खुदाई करने और ट्रॉलियों को भरने के लिए किया जा रहा था।\r\n \r\n
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इन भारी वाहनों के सीज होने से खनन माफियाओं को लाखों-करोड़ों रुपये की गहरी आर्थिक चोट पहुंची है।
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बीएनएसएस (BNSS) के तहत हुई सख्त विधिक कार्रवाई
\r\n\r\nभारत सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों के तहत इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। धामपुर पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
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कागजी और विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को स्थानीय न्यायालय (Court) के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। धामपुर पुलिस अब इस मामले की आगे की तहकीकात में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन गिरफ्तार किए गए गुर्गों के पीछे मुख्य 'मास्टरमाइंड' (Mastermind) कौन है और यह अवैध खनन का माल कहां सप्लाई किया जाने वाला था।
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अवैध खनन: पर्यावरण और समाज के लिए एक बड़ा नासूर
\r\n\r\nबिजनौर और इसके आसपास के तराई और खादर इलाकों में अवैध खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस तरह के अवैध कार्यों से क्षेत्र को कई स्तरों पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है:
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- \r\n राजस्व की चोरी: बिना रॉयल्टी (Royalty) चुकाए किए जाने वाले इस खनन से राज्य सरकार के खजाने को हर साल करोड़ों रुपये का चूना लगता है।\r\n \r\n
- \r\n पर्यावरणीय विनाश: भारी लोडर मशीनों से अंधाधुंध खुदाई करने से जमीन का जलस्तर (Ground Water Level) नीचे चला जाता है और उपजाऊ भूमि बंजर हो जाती है। नदियों के किनारे कटान का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।\r\n \r\n
- \r\n सड़क हादसे: अवैध खनन का माल ढोने वाले ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर रात के अंधेरे में या दिन में अंधाधुंध गति से सड़कों पर दौड़ते हैं। इनके कारण अक्सर भीषण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई बार बेकसूर ग्रामीणों की जान चली जाती है।\r\n \r\n
- \r\n प्रदूषण: इन ट्रैक्टरों के उड़ते धूल के गुबार से आसपास के गांवों में वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे लोगों को सांस और आंखों की बीमारियां होती हैं।\r\n \r\n
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पुलिस और प्रशासन का सख्त संदेश
\r\n\r\nधामपुर पुलिस की यह त्वरित और बड़ी कार्रवाई खनन माफियाओं के लिए एक बहुत कड़ा संदेश है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में राष्ट्रीय संपत्ति और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी व्यक्ति या गिरोह अवैध खनन, भू-माफिया या किसी भी तरह के संगठित अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) और संपत्ति जब्ती जैसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की जमकर सराहना की है और मांग की है कि ऐसे अभियान लगातार चलाए जाते रहें, ताकि क्षेत्र को इन माफियाओं के आतंक से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके। फिलहाल, पुलिस की टीमें इलाके में गश्त बढ़ा चुकी हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.