बिजनौर/चांदपुर (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) और रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ समय से चांदपुर डिपो और आसपास के रूट्स पर चलने वाली बसों में यात्रियों के कीमती सामान, नकदी और आभूषणों की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इन घटनाओं ने न केवल आम यात्रियों में खौफ पैदा कर दिया था, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई थी।READ ALSO:-PNB में करोड़ों के गबन पर महा-बवाल: जीवन भर की पूंजी लुटने से आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक पर जड़ा ताला, मैनेजर के 'गैर-जिम्मेदाराना' बयान ने आग में डाला घी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लेकिन कहते हैं कि अपराधियों के हौसले चाहे जितने भी बुलंद हों, कानून के लंबे हाथों से वे ज्यादा दिन तक बच नहीं सकते। बिजनौर पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और शानदार मुखबिर तंत्र का परिचय देते हुए थाना चांदपुर क्षेत्र में सक्रिय एक बेहद शातिर और संगठित 'बस चोर गिरोह' (Bus Theft Gang) का पर्दाफाश किया है। पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम के इस संयुक्त 'ऑपरेशन क्लीन' में 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चोरी का माल खरीदने वाला एक सुनार भी शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए सोने के कीमती आभूषण और नकद रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इन दो बड़ी वारदातों ने उड़ाई थी पुलिस की नींद

\r\n\r\n
इस शातिर गिरोह की धरपकड़ की कहानी दो प्रमुख मुकदमों की जांच से शुरू हुई, जिन्होंने हाल ही में चांदपुर पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी:
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
पहली वारदात (6 मई 2026): आभूषणों से भरा बैग गायब पहली बड़ी घटना 6 मई 2026 को सामने आई, जब ग्राम पीपलसाना के रहने वाले श्री रौकी तोमर अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत (तहरीर) में बताया कि वे चांदपुर डिपो की बस (नंबर 2658) में सफर कर रहे थे। उन्होंने अपना बैग बस के बोनट के पास रखा था। इसी दौरान शातिर चोरों ने मौका पाकर उनके बैग से एक बेहद कीमती सोने का सेट, कान के बूंदे (बाली) और दो सोने की अंगूठियां पार कर दीं। इस मामले में पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मु0अ0सं0 0253/2026 के तहत धारा 305(C) बीएनएस (BNS) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दूसरी वारदात (4 जून 2026): नकदी और जरूरी कागजात की चोरी पुलिस अभी पहले मामले की गुत्थी सुलझाने में लगी ही थी कि लगभग एक महीने बाद, 4 जून 2026 को एक और वारदात हो गई। ग्राम रवाना शिकारपुर के निवासी श्री सूर्य प्रताप सिंह ने थाने में तहरीर दी कि वे बस (नंबर 9113) में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बैग से उनके सभी जरूरी कागजात और करीब 13,000 से 14,000 रुपये नकद चोरी कर लिए। इस मामले में भी थाना चांदपुर में मु0अ0सं0 331/2026 के तहत धारा 305(C) बीएनएस पंजीकृत किया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की घेराबंदी और शातिरों की गिरफ्तारी (The Police Operation)

\r\n\r\n
लगातार हो रही इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जनपद बिजनौर के उच्चाधिकारियों ने थाना चांदपुर पुलिस के साथ-साथ जिले की 'स्वाट' (SWAT) और सर्विलांस टीम को इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के सख्त निर्देश दिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मुखबिर की सटीक सूचना, सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) के गहन विश्लेषण और सर्विलांस टीम की तकनीकी मदद से पुलिस की संयुक्त टीम ने अपराधियों के ठिकाने पर घेराबंदी की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस ने 5 अभियुक्तों को रंगे हाथों धर दबोचा। इनके पास से पुलिस ने दोनों मुकदमों से संबंधित चोरी किए गए सोने के आभूषण और 8800/- रुपये नकद बरामद किए हैं। माल की बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों मुकदमों में कठोर धारा 317 (2) बीएनएस की वृद्धि कर दी है। हालांकि, इस पुलिस कार्रवाई के दौरान गिरोह के 3 अन्य शातिर सदस्य—इकबाल उर्फ बहरा, फिरोज और रोशन—मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे: ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

\r\n\r\n
पुलिस की कड़ी पूछताछ (Interrogation) में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए वारदात के जो तरीके बताए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
गिरफ्तार अभियुक्तों (नफीस, अहसान, नवाब, सोनू उर्फ नसीम) ने पुलिस को बताया कि वे सभी एक सुनियोजित साजिश के तहत चोरी करने के उद्देश्य से चांदपुर आए थे। 6 मई 2026 की वारदात को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने रोडवेज बस में यात्रा कर रहे एक दंपति (महिला और उसके पति) को अपना शिकार बनाया था। उन्होंने बड़ी ही चालाकी से ध्यान भटकाकर उनके बैग से सोने का पेंडिल, लाल बीजों की माला, अंगूठी और बालियां निकाल ली थीं। घटना को अंजाम देने के बाद वे अगले ही स्टॉप पर बस से उतरकर फरार हो गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
चोरी का माल खपाने का नेटवर्क और सुनार की भूमिका: चोरों ने बताया कि चोरी किए गए आभूषणों को कोई आम सुनार खरीदने को तैयार नहीं था। इसलिए उन्होंने अपने एक पुराने संपर्क, सतपाल सैनी (सुनार) को माल बेचने के लिए बुलाया। सतपाल ने आभूषणों को देखकर उन्हें तुरंत 6,200 रुपये नकद दे दिए थे और बाकी की बड़ी रकम पीली धातु (सोने) की शुद्धता की जांच करने के बाद देने का आश्वासन दिया था। इसी कारण पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले सतपाल को भी गिरफ्तार कर लिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दूसरी चोरी का भी हुआ पर्दाफाश: अभियुक्तों के पास से जो अतिरिक्त 2,000 रुपये बरामद हुए, उसके बारे में उन्होंने बताया कि यह रकम 3 जून 2026 को नूरपुर-गजरौला बस में चोरी किए गए एक यात्री के बैग का हिस्सा है। उस बैग में लगभग 13,000 रुपये नकद और कुछ दस्तावेज थे। शातिरों ने नकदी निकालने के बाद खाली बैग और कागजातों को रास्ते में ही फेंक दिया था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और उनका लंबा आपराधिक इतिहास

\r\n\r\n
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ये अभियुक्त कोई नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि इनका एक लंबा और खतरनाक आपराधिक इतिहास (Criminal Record) रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    नफीस (पुत्र सद्दीक, ग्राम टंडेरा, थाना नूरपुर): इसके खिलाफ थाना चांदपुर में चोरी के 2 मामले दर्ज हैं।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    अहसान (पुत्र जहाबुद्दीन, ग्राम मोरना, थाना नूरपुर): यह एक शातिर अपराधी है, जिस पर नहटौर व चांदपुर थानों में चोरी और खतरनाक आर्म्स एक्ट (हथियार रखने) सहित कुल 5 मुकदमे दर्ज हैं।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    नवाब (पुत्र साबिर, कस्बा जोया, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा): इसके खिलाफ गढ़मुक्तेश्वर व चांदपुर थानों में आर्म्स एक्ट और चोरी सहित कुल 4 संगीन मामले दर्ज हैं।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    सोनू उर्फ नसीम (पुत्र इतवारी, ग्राम शेखसौलान, थाना नूरपुर): यह इस गिरोह का सबसे खतरनाक सदस्य है। इस पर नूरपुर, स्योहारा और चांदपुर थानों में चोरी, हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 7 संगीन मामले दर्ज हैं।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    सतपाल सैनी (पुत्र प्रकाश सिहं, ग्राम मंडोरा, थाना नूरपुर): यह वह व्यक्ति है जो चोरी का माल खरीदता था।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बरामदगी का पूरा विवरण

\r\n\r\n
पुलिस ने इनके पास से शत-प्रतिशत माल बरामदगी का दावा किया है, जिसमें शामिल हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    01 पीली धातु (सोने) का गले का पेंडिल
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    01 लाल बीजों की माला
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    01 पीली धातु की अंगूठी
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    01 जोड़ी पीली धातु की कानों की बाली
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    8800/- रुपये नकद
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इस शानदार सफलता के पीछे की जांबाज पुलिस टीम

\r\n\r\n
इस पूरे 'ऑपरेशन क्लीन' को सफलतापूर्वक अंजाम देने का श्रेय जनपद बिजनौर की पुलिस टीम को जाता है। इस बेहतरीन टीम में शामिल थे:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    स्वाट/सर्विलांस टीम प्रभारी व टीम (जनपद बिजनौर)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    उप-निरीक्षक (SI) श्री रोबिन कौशिक (थाना चांदपुर)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हेड कॉन्स्टेबल 496 नरेश पूनिया
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हेड कॉन्स्टेबल 494 विपिन कुमार
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कॉन्स्टेबल 895 रणजीत मलिक
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रिक्रूट कॉन्स्टेबल 1542 प्रिंस संसरवाल, 1705 अंकित, और 3068 उज्जवल (सभी थाना चांदपुर)।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यात्रियों के लिए राहत, अपराधियों को कड़ा संदेश

\r\n\r\n
बिजनौर पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल आम बस यात्रियों को एक बड़ी राहत दी है, बल्कि जिले में सक्रिय अन्य आपराधिक गिरोहों को भी यह कड़ा संदेश दिया है कि अपराध का रास्ता अंततः सलाखों के पीछे ही जाता है। फरार तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस अंतरजनपदीय गिरोह के अन्य नेटवर्क और पुरानी वारदातों का भी बड़ा खुलासा कर सकती है। आम जनता से भी अपील की गई है कि सफर के दौरान अपने कीमती सामान के प्रति हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर पुलिस को दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें