बिजनौर (Bijnor News): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बार फिर रफ्तार के कहर और लापरवाही की एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक खबर सामने आई है। सफर के दौरान जब यात्री गहरी नींद में सो रहे थे, तभी मौत बनकर आई एक झपकी ने पूरे माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। बिजनौर के थाना कोतवाली देहात इलाके में तड़के सुबह एक यात्रियों से खचाखच भरी तेज रफ्तार निजी बस अनियंत्रित होकर गागन नदी पुल के डिवाइडर से जा टकराई।
\r\n\r\nयह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस भीषण और हृदयविदारक सड़क हादसे में बस में सवार एक दर्जन (करीब 12) यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि एक यात्री ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
\r\n\r\nकैसे और कहां हुआ यह खौफनाक हादसा? (Incident Details)
\r\n\r\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बिजनौर जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गागन नदी पुल (Gagan Nadi Bridge) पर घटी। एक प्राइवेट (निजी) डग्गामार बस उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले से सवारियां लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) की ओर जा रही थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n#BijnorPolice
\r\nथाना कोतवाली देहात क्षेत्रान्तर्गत प्राइवेट बस के अनयंत्रित होकर सडक के डिवाडर से टकराने से हुई दुर्घटना मे स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध मे क्षेत्राधिकारी नगीना की बाइट ।#UPPolice pic.twitter.com/600qCsJzsu\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) June 5, 2026 🏪 आपके शहर के ऑफर
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बस में अपनी मंजिल की ओर जा रहे कुल 65 यात्री सवार थे। रात भर के लंबे सफर के बाद तड़के सुबह का समय था। ज्यादातर यात्री अपनी-अपनी सीटों पर गहरी नींद में सो रहे थे। तभी गागन नदी के पुल पर पहुंचते ही तेज रफ्तार बस अचानक अनियंत्रित हो गई। इससे पहले कि ड्राइवर बस को संभाल पाता या ब्रेक लगा पाता, बस सीधे और पूरी ताकत के साथ पुल के बीचों-बीच बने मजबूत डिवाइडर से जा टकराई।
\r\n\r\nटक्कर लगते ही बस के अंदर सो रहे यात्री अपनी सीटों से उछल कर एक-दूसरे के ऊपर और बस की खिड़कियों से जा टकराए। पलक झपकते ही बस के अंदर खामोशी की जगह दर्दनाक चीखों और बचाओ-बचाओ की आवाजों ने ले ली।
\r\n\r\nहादसे की मुख्य वजह: ड्राइवर की नींद की झपकी
\r\n\r\nइस दर्दनाक हादसे के पीछे जो सबसे बड़ी वजह निकलकर सामने आ रही है, वह है बस चालक (Driver) की लापरवाही और नींद। शुरुआती जांच और चश्मदीद यात्रियों के बयानों के आधार पर यह बात पुष्ट हुई है कि तड़के सुबह (Early Morning) बस चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई थी।
\r\n\r\nलंबे सफर और रात भर की ड्राइविंग के कारण ड्राइवर बुरी तरह थक चुका था, लेकिन फिर भी उसने बस को कहीं रोककर आराम करने की बजाय बस को लगातार चलाना जारी रखा। नींद की उसी एक जानलेवा झपकी के दौरान उसका स्टीयरिंग से नियंत्रण हट गया और तेज रफ्तार बस सीधे डिवाइडर में जा घुसी। हाइवे पर अक्सर सुबह 3 बजे से 6 बजे के बीच ऐसे हादसे सबसे ज्यादा होते हैं, जिसे 'स्लीप ज़ोन' (Sleep Zone) भी कहा जाता है।
\r\n\r\nचीख-पुकार के बीच पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nगागन नदी पुल पर हुए इस जोरदार धमाके और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर सुबह-सुबह मार्निंग वॉक पर निकले कुछ स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर दौड़ पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया।
\r\n\r\nसूचना फ्लैश होते ही बिजनौर पुलिस एक्शन में आ गई। नगीना के क्षेत्राधिकारी (CO - Circle Officer) राजेश सोलंकी तुरंत भारी पुलिस बल और कई एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से बस के अंदर फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
\r\n\r\nबस के दरवाजे और क्षतिग्रस्त हिस्सों को तोड़कर लहूलुहान अवस्था में यात्रियों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हाइवे का ट्रैफिक भी डायवर्ट किया ताकि एंबुलेंस आसानी से अस्पताल पहुंच सके।
\r\n\r\n1 यात्री की दर्दनाक मौत, 12 गंभीर रूप से घायल (Casualties)
\r\n\r\nइस हादसे ने बस में सवार 65 यात्रियों में से कई लोगों को गहरे जख्म दिए हैं। पुलिस प्रशासन के मुताबिक:
\r\n\r\nमृतक की जानकारी: इस जोरदार टक्कर में बस के आगे के हिस्से में बैठे एक यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल मृतक की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है ताकि उसके परिजनों को सूचित किया जा सके।
\r\n\r\nघायलों का हाल: हादसे में लगभग एक दर्जन (12) यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई यात्रियों को सिर, हाथ, पैर और छाती पर गहरी चोटें आई हैं।
\r\n\r\nअस्पताल में भर्ती: CO राजेश सोलंकी के नेतृत्व में सभी घायल यात्रियों को तुरंत बिजनौर के नजदीकी सरकारी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका प्राथमिकता के आधार पर इलाज कर रही है। जिन घायलों की स्थिति ज्यादा गंभीर है, उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों (Higher Centers) के लिए रेफर करने की भी तैयारी की जा रही है।
\r\n\r\nCO राजेश सोलंकी का बयान और पुलिस की आगे की कार्रवाई
\r\n\r\nइस पूरे मामले पर मौके का मुआयना करने वाले नगीना (बिजनौर) के सी.ओ. (CO) राजेश सोलंकी ने मीडिया को आधिकारिक बाइट (बयान) देते हुए बताया कि:
\r\n\r\n"आज सुबह थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में गागन नदी के पुल पर लखीमपुर से देहरादून जा रही एक निजी बस के डिवाइडर से टकराने की सूचना मिली थी। बस में 65 यात्री सवार थे। प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ड्राइवर को नींद की झपकी आना प्रतीत हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और करीब एक दर्जन लोग घायल हैं। सभी घायलों को रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कर दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"
\r\n\r\nपुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) था या नहीं और क्या बस में क्षमता से अधिक सवारियां (Overloading) तो नहीं भरी गई थीं। बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या (सड़क दुर्घटना) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
\r\n\r\nसबक और सावधानियां: सुरक्षित सफर के लिए क्या करें?
\r\n\r\nयह हादसा हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। खासकर जो लोग रात के समय लंबी दूरी की यात्रा (Night Journey) करते हैं, उन्हें कुछ अहम बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए:
\r\n\r\nड्राइवर का आराम: बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लंबी दूरी के रूट (लखीमपुर से देहरादून जैसे) पर कम से कम दो ड्राइवर (Dual Drivers) हों, ताकि वे शिफ्ट में गाड़ी चला सकें।
\r\n\r\nझपकी आने पर ब्रेक लें: अगर आप खुद गाड़ी चला रहे हैं और आपको थोड़ी सी भी नींद आ रही है, तो तुरंत गाड़ी सुरक्षित किनारे लगाकर मुंह धोएं या 15-20 मिनट की छोटी नींद (Power Nap) लें।
\r\n\r\nओवरस्पीडिंग से बचें: रात के समय सड़कें खाली होती हैं, जिसका फायदा उठाकर ड्राइवर तेज गाड़ी चलाते हैं। गति सीमा (Speed Limit) का हमेशा पालन करें।
\r\n\r\nयात्रियों की भी जिम्मेदारी: अगर आप बस में आगे बैठे हैं और देखते हैं कि ड्राइवर को नींद आ रही है या वह असामान्य तरीके से गाड़ी चला रहा है, तो तुरंत उसे टोकें और बस रोकने को कहें। आपकी एक छोटी सी पहल कई जिंदगियां बचा सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.