रिपोर्टर: शकील अहमद, बिजनौर
\r\n\r\nबिजनौर (Bijnor News): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर एक बेगुनाह की जान का दुश्मन बन गया। बिजनौर के नूरपुर-मुरादाबाद मार्ग (Nurpur-Moradabad Highway) पर एक तेज रफ्तार बस और ट्रैक्टर के बीच आमने-सामने की इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि देखने वालों की रूह कांप उठी। इस भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसे चला रहे चालक की दर्दनाक मौत हो गई।
\r\n\r\nयह हादसा उस वक्त हुआ जब सड़क पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन एक पल की चूक या तेज रफ्तार ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। मृतक युवक पड़ोसी जिले बरेली का रहने वाला था, जो काम के सिलसिले में इस मार्ग से गुजर रहा था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
\r\n\r\nकैसे हुआ यह खौफनाक हादसा? (The Incident Detail)
\r\n\r\nप्राप्त जानकारी और चश्मदीदों के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना नूरपुर-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित एलबीएस (LBS) डिग्री कॉलेज के ठीक पास घटी। बताया जा रहा है कि एक बस तेज रफ्तार में मुरादाबाद की दिशा से आ रही थी, जबकि दूसरी ओर से एक ट्रैक्टर जा रहा था। एलबीएस डिग्री कॉलेज के पास किसी कारणवश दोनों वाहनों का संतुलन बिगड़ गया और दोनों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।
\r\n\r\n\r\n\r\nभिड़ंत इतनी भयंकर थी कि उसकी तेज आवाज दूर तक सुनाई दी, जिससे आस-पास के लोग और कॉलेज के आस-पास मौजूद राहगीर बुरी तरह सहम गए। टक्कर के तुरंत बाद लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचने पर लोगों ने देखा कि बस के अगले हिस्से ने ट्रैक्टर को बुरी तरह से रौंद दिया था और ट्रैक्टर चालक खून से लथपथ होकर ड्राइविंग सीट और स्टेयरिंग के बीच बुरी तरह फंसा हुआ था।
\r\n\r\nअस्पताल पहुंचते ही टूट गई सांसों की डोर
\r\n\r\nहादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना कोई समय गंवाए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल ट्रैक्टर ड्राइवर को कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर से बाहर निकाला गया। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी और शरीर से काफी खून बह चुका था।
\r\n\r\nतत्काल प्रभाव से 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को नूरपुर के सीएससी (Community Health Center - CHC) अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने घायल को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर और गहरी चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। नूरपुर सीएससी के ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद ट्रैक्टर चालक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की मृत्यु हो चुकी थी।
\r\n\r\nमृतक की पहचान और परिवार में मचा कोहराम
\r\n\r\nअस्पताल और पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक की तलाशी लेने पर उसके पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी शिनाख्त की गई। मृतक की पहचान धीरेंद्र ठाकुर (उम्र लगभग...) पुत्र योगेंद्र के रूप में हुई है। धीरेंद्र उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) जिले के थाना फतेहगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुतैया (Sutaiya) का मूल निवासी था।
\r\n\r\nपुलिस ने तुरंत बरेली पुलिस से संपर्क साधा और संबंधित थाने के माध्यम से मृतक धीरेंद्र के परिजनों को इस मनहूस घटना की सूचना दी। जैसे ही ग्राम सुतैया में धीरेंद्र के घर पर उसकी मौत की खबर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो बेटा घर से कमाने के लिए निकला था, उसकी मौत की खबर सुनकर पूरे गांव में मातम पसर गया है। रोते-बिलखते परिजन बिजनौर के लिए रवाना हो चुके हैं।
\r\n\r\nपुलिस की त्वरित कार्रवाई (Police Action & Investigation)
\r\n\r\nघटना की सूचना फ्लैश होते ही बिजनौर पुलिस हरकत में आ गई। दौलतपुर पुलिस चौकी इंचार्ज (Chowki Incharge) मानवीर सिंह अपने भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल और फिर नूरपुर अस्पताल पहुंचे।
\r\n\r\nपुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से किनारे करवाकर जाम खुलवाया, ताकि नूरपुर-मुरादाबाद हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से चल सके। इसके बाद पुलिस टीम नूरपुर सीएससी पहुंची। चौकी इंचार्ज मानवीर सिंह ने पंचनामा भरकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए जिला अस्पताल बिजनौर (Bijnor District Hospital) भेज दिया है।
\r\n\r\nपुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
\r\n\r\nशव का पोस्टमार्टम: मृतक के शव को मोर्चरी भेज दिया गया है, जहां परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
\r\n\r\nमामले की जांच: पुलिस बस को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। बस चालक हादसे के बाद मौके से फरार हुआ या नहीं, इस पर अभी पुलिस जांच कर रही है।
\r\n\r\nएफआईआर (FIR): परिजनों के बिजनौर पहुंचने और उनकी तहरीर मिलने के बाद बस चालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
\r\n\r\nनूरपुर-मुरादाबाद हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर उठते सवाल
\r\n\r\nबिजनौर का नूरपुर-मुरादाबाद मार्ग एक बेहद व्यस्त हाईवे है, जहां से रोजाना हजारों की संख्या में भारी वाहन, बसें, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं। इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों ने स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
\r\n\r\nतेज रफ्तार का आतंक: इस हाईवे पर अक्सर प्राइवेट बसें और भारी वाहन तय गति सीमा से कहीं अधिक रफ्तार में दौड़ते नजर आते हैं, जो ऐसे जानलेवा हादसों का मुख्य कारण बनते हैं।
\r\n\r\nओवरटेकिंग की होड़: सिंगल या संकरी सड़कों पर भी वाहनों के बीच आगे निकलने (Overtaking) की होड़ मची रहती है, जिससे सामने से आ रहे छोटे वाहनों या ट्रैक्टरों को संभलने का मौका नहीं मिलता।
\r\n\r\nभारी वाहनों का दबाव: गन्ने के सीजन या कृषि कार्य के दौरान इस मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ जाती है। बस और ट्रकों की तुलना में ट्रैक्टर की गति धीमी होती है, जिससे सामंजस्य न बैठ पाने के कारण अक्सर रात के अंधेरे या सुबह-सुबह हादसे हो जाते हैं।
\r\n\r\nस्थानीय लोगों की मांग है कि एलबीएस डिग्री कॉलेज और अन्य भीड़भाड़ वाले चौराहों के पास स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers) बनाए जाएं और वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस या इंटरसेप्टर वाहनों की नियमित तैनाती की जाए।
\r\n\r\nबिजनौर में हुए इस दर्दनाक बस-ट्रैक्टर हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़क पर "सावधानी हटी, दुर्घटना घटी"। एक परिवार ने अपना युवा बेटा खो दिया है, जिसकी भरपाई कोई मुआवजा या कानून नहीं कर सकता। जरूरत है कि वाहन चलाते समय हम सभी यातायात नियमों (Traffic Rules) का कड़ाई से पालन करें, गति सीमा में रहें और सड़क पर चलते समय सामने वाले वाहन की स्थिति का भी ध्यान रखें। पुलिस प्रशासन भी इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है, ताकि दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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Sabse pehle comment karne wale banein.