उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक खबर सामने आई है। नहटौर क्षेत्र में शनिवार शाम एक 13 वर्षीय मासूम बालक की आम के बाग में बने एक पुराने कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह कुआं करीब 20 फीट गहरा था और सबसे बड़ी समस्या यह थी कि इसके अंदर अत्यधिक जहरीली और दमघोंटू गैस भरी हुई थी। जहरीली गैस के कारण बच्चे को बचाने का प्रयास कर रहे स्थानीय लोगों और बाद में पहुंची रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।READ ALSO:-सोनीपत सड़क हादसा: मेरठ से कैथल जा रही कार ट्रक से टकराई, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर मौत, एक गंभीर रूप से घायल
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आम के बाग में खेलते समय हुआ हादसा

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यह दर्दनाक बिजनौर हादसा नहटौर-धामपुर मार्ग पर स्थित एक आम के बाग में हुआ। जानकारी के अनुसार, नहटौर के मोहल्ला नौधा का रहने वाला धर्मेंद्र कुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। शनिवार शाम करीब 5 बजे धर्मेंद्र की पत्नी माया देवी अपने 13 वर्षीय बेटे वंश के साथ सिंचाई विभाग के डाक बंगले के पीछे स्थित खेतों पर गई हुई थीं।
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धर्मेंद्र के परिवार ने वहां बटाई पर जमीन लेकर धान की पौध लगा रखी है। फसल को पानी देने के बाद मां-बेटे थकान मिटाने के लिए पास ही स्थित 'मिसाल मेहंदी' के आम के बाग में जाकर बैठ गए। बाग में बैठने के बाद वंश वहां खेलने लगा। खेलते-खेलते वह पेड़ से गिरे हुए आम बीनने के लिए बाग में बने एक बहुत पुराने और सूखे कुएं के पास चला गया। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे 20 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। कुएं से कुछ ही दूरी पर बैठी मां माया देवी ने जब बेटे की चीख सुनी, तो वह बदहवास होकर कुएं की तरफ दौड़ी।
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जहरीली गैस बनी रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा

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वंश को कुएं में गिरता देख बाग और आसपास के खेतों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। एक स्थानीय जांबाज युवक ने हिम्मत दिखाते हुए वंश को बचाने के लिए कुएं में उतरने का प्रयास भी किया। लेकिन कुएं के भीतर जहरीली और दमघोंटू गैस का इतना अधिक गुबार था कि चंद फीट नीचे उतरते ही युवक का दम घुटने लगा। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी, जिसके कारण अपनी जान बचाने के लिए उसे तुरंत बिना बच्चे के ही ऊपर वापस आना पड़ा।
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फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू और अस्पताल में मौत

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घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुएं के अंदर मौजूद वही जहरीली गैस थी। राहत कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए पहले कुएं के भीतर पानी की तेज बौछारें कीं, चूने का छिड़काव किया और बड़े पंखों की हवा के जरिए अंदर मौजूद जहरीली गैस को निष्क्रिय करने का प्रयास किया।
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गैस का प्रभाव कम होने के बाद रेस्क्यू टीम नीचे उतरी और करीब 1 घंटे की भारी मशक्कत के बाद वंश को अचेत अवस्था में कुएं से बाहर निकाला जा सका। कुएं से बाहर निकालने के बाद बदहवास परिजन वंश को लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नहटौर भागे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बिजनौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मासूम वंश को मृत घोषित कर दिया। जहरीली गैस ने उसकी सांसें छीन ली थीं।
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परिवार का रो-रोकर बुरा हाल: छिन गया इकलौता चिराग

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इस बिजनौर हादसा ने पूरे नहटौर इलाके में मातम फैला दिया है। मृतक वंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और पूरे परिवार की उम्मीदें उसी से जुड़ी थीं। उसकी दो बड़ी बहनें हैं, जिनका अपने इकलौते भाई को खोकर रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से मां माया देवी सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो रही हैं। यह घटना उन सभी के लिए एक सबक है जो पुराने कुओं और खुले गड्ढों के पास सुरक्षा उपायों की अनदेखी करते हैं।
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कोतवाल रविन्द्र प्रताप सिंह ने घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की थी और फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर रेस्क्यू किया था। फिलहाल पुलिस पीड़ित परिवार के संपर्क में है और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सदमा है। पुराने कुओं, विशेषकर जिनमें लंबे समय से पानी नहीं है, उनमें अक्सर मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बन जाती हैं। स्थानीय प्रशासन और बाग मालिकों को चाहिए कि ऐसे सभी अनुपयोगी और खतरनाक कुओं को सुरक्षित रूप से ढकवा दें या भरवा दें, ताकि भविष्य में इस तरह के दुखद हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
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बिजनौर के नहटौर में शनिवार शाम एक 13 वर्षीय बच्चा खेलते समय आम के बाग में बने 20 फीट गहरे पुराने कुएं में गिर गया। कुएं में जहरीली गैस भरी होने के कारण स्थानीय लोगों को बचाव में परेशानी हुई। फायर ब्रिगेड ने गैस निष्क्रिय कर 1 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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