उत्तर प्रदेश का बिजनौर (Bijnor local news Hindi) जिला इन दिनों एक भीषण मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) के दौर से गुजर रहा है। जिले के ग्रामीण और जंगली इलाकों में गुलदारों (Leopards) का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना तक दुश्वार हो गया है। आए दिन गुलदार इंसानों और पालतू जानवरों को अपना निवाला बना रहे हैं। इसी कड़ी में एक और खौफनाक मामला जिले के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक आदमखोर गुलदार ने बाइक पर सवार दो युवकों को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। गनीमत रही कि दोनों युवकों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन इस हमले में वे बुरी तरह घायल हो गए हैं।READ ALSO:-महंगाई का तगड़ा झटका! ₹29 महंगा हुआ घरेलू LPG गैस सिलेंडर, आम आदमी से लेकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों तक पर सीधा असर, जानें नए रेट
\r\n\r\n\r\n\r\n
दवाई लेकर लौट रहे थे युवक, झाड़ियों से अचानक झपटा मौत का साया प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बिजनौर (Bijnor leopard attack) जिले के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गदनपुरा के पास की है। गांव के रहने वाले दो युवक किसी बीमारी के चलते पास के कस्बे से दवाई लेने के लिए अपनी बाइक से गए हुए थे। दवाई लेने के बाद जब वे दोनों बाइक से वापस अपने गांव गदनपुरा (Gadanpura village leopard) लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक सुनसान और जंगली इलाके के पास यह भयानक हादसा हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
रास्ते के दोनों ओर घनी झाड़ियां और खेत थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित युवकों के अनुसार, गुलदार (Guldar terror in Bijnor) पहले से ही सड़क किनारे झाड़ियों में घात लगाकर बैठा हुआ था। जैसे ही उनकी तेज रफ्तार बाइक उस जगह के पास पहुंची, गुलदार ने अचानक एक झटके में बाइक सवार दोनों युवकों पर छलांग लगा दी। गुलदार का यह हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि बाइक चला रहे युवक को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला। हमले के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जान बचाने के लिए किया कड़ा संघर्ष, शोर सुनकर भागे गुलदार सड़क पर गिरते ही गुलदार ने अपने पंजों और दांतों से युवकों (youths attacked by leopard) पर हमला करना शुरू कर दिया। मौत को सामने देखकर दोनों युवकों ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार से भिड़ गए। उन्होंने बचाव के लिए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
जंगल के सुनसान रास्ते पर युवकों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे कुछ किसान और राहगीर तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े। लोगों को लाठी-डंडों के साथ अपनी तरफ भागता देख और भारी शोर-शराबे से घबराकर गुलदार युवकों को वहीं छोड़कर वापस घने जंगलों और गन्ने के खेतों की तरफ भाग निकला। अगर ग्रामीण सही समय पर मौके पर नहीं पहुंचते, तो यह गुलदार निश्चित रूप से किसी एक युवक की जान ले सकता था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
खून से लथपथ युवकों को CHC स्याऊ में कराया गया भर्ती गुलदार के भागने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत राहत की सांस ली, लेकिन तब तक दोनों युवक बुरी तरह लहूलुहान हो चुके थे। गुलदार के नुकीले पंजों ने उनके शरीर पर गहरे घाव कर दिए थे। ग्रामीणों ने बिना कोई देरी किए घटना की सूचना युवकों के परिजनों और पुलिस को दी।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
आनन-फानन में दोनों घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से इलाज के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC Syau Bijnor) में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम तुरंत उनके इलाज में जुट गई। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों युवकों के शरीर पर गुलदार के पंजों के गहरे निशान हैं, लेकिन समय पर इलाज मिल जाने के कारण फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर है। उन्हें रेबीज और टिटनेस के इंजेक्शन दिए गए हैं और घावों की मरहम-पट्टी की गई है। इस घटना की खबर मिलते ही अस्पताल में घायलों का हाल जानने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल गदनपुरा गांव और उसके आसपास के हीमपुर दीपा (Heempur Deepa Bijnor news) थाना क्षेत्र में इस घटना के बाद से खौफ का माहौल है। शाम ढलते ही लोग अपने घरों के दरवाजे बंद करने को मजबूर हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों ने अकेले जाना बंद कर दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस जानलेवा हमले के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग (Bijnor forest department) के खिलाफ भारी आक्रोश और गुस्सा पनप रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पिछले कई दिनों से गुलदार की हलचल देखी जा रही थी। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का कहना है कि वन विभाग केवल तब जागता है जब कोई बड़ी घटना घट जाती है या किसी की जान चली जाती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से इलाके में गश्त बढ़ाने और आदमखोर हो चुके इस गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा (Cage) लगाने की मांग की है। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि अगर वन विभाग ने जल्द ही इस गुलदार को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
किसानों का कहना है कि वर्तमान में खेतों में गन्ने की फसल काफी बड़ी हो चुकी है। गन्ने के यह घने खेत इन जंगली जानवरों, विशेषकर गुलदारों के लिए एक सुरक्षित पनाहगार और छिपने की सबसे अच्छी जगह बन गए हैं। वे दिन भर गन्ने के खेतों में छिपे रहते हैं और मौका मिलते ही खेतों में काम करने वाले किसानों, महिलाओं, बच्चों या फिर रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों पर अचानक जानलेवा हमला कर देते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बिजनौर में वन्यजीव संघर्ष: एक गहराती समस्या गौरतलब है कि बिजनौर (UP wildlife conflict) जिले का एक बड़ा हिस्सा कॉर्बेट नेशनल पार्क, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों से सटा हुआ है। जंगलों में शिकार की कमी और इंसानी बस्तियों के जंगलों के करीब पहुंचने के कारण अब ये जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजनौर जिले के विभिन्न इलाकों में गुलदार के हमलों में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासनिक अधिकारियों और वन विभाग की टीम ने घटना का संज्ञान लेते हुए ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही घटनास्थल और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां पिंजरा लगाया जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग की टीम को गश्त के लिए निर्देशित कर दिया गया है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें उन्हें सुबह-शाम खेतों की तरफ अकेले न जाने, समूहों में निकलने और रात के समय हाथ में टॉर्च या डंडा रखने की सख्त हिदायत दी गई है। फिलहाल, इस ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासन के सामने इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते इस खूनी संघर्ष को रोकने की एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.