उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बड़ी और बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से लोगों के लिए दहशत का पर्याय बना बिजनौर में गुलदार आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया है। थाना शिवाला कलां कस्बे में लगाए गए पिंजरे में गुलदार के कैद होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है। इस बड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल अब खत्म हो गया है।READ ALSO:-शिक्षा के मंदिर में दहशत: धामपुर के सरकारी स्कूल में भारी तोड़फोड़, मनचलों ने की छात्राओं से मारपीट और छेड़छाड़
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शिवाला कलां कस्बे में गुलदार का भारी खौफ

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बिजनौर जिले के थाना शिवाला कलां क्षेत्र में पिछले कुछ समय से एक गुलदार लगातार अपनी दस्तक दे रहा था। इस खूंखार वन्यजीव की मौजूदगी ने पूरे कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत फैला रखी थी। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए थे।
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ग्रामीणों के बीच डर इतना गहरा था कि उनका अपने ही घरों से बाहर निकलना पूरी तरह दुश्वार हो गया था। बिजनौर में गुलदार के इस खौफ के कारण किसानों ने अपने खेतों में काम करने जाना छोड़ दिया था। वहीं, छोटे बच्चों का स्कूल जाना भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था।
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स्थानीय लोगों की शिकायत और वन विभाग की कार्रवाई

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लगातार आबादी वाले क्षेत्र में गुलदार के दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने बिना कोई देरी किए वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी पुख्ता सूचना दी। ग्रामीणों की शिकायत और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई।
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कस्बे के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन अधिकारियों ने उस विशिष्ट इलाके की रेकी की। इसके बाद टीम ने उस रास्ते पर एक बड़ा पिंजरा लगाया, जहां से गुलदार की आवाजाही सबसे ज्यादा देखी जा रही थी। पिंजरे के अंदर शिकार रखकर उसे आकर्षित करने की पूरी योजना बनाई गई थी।
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पिंजरे में कैसे कैद हुआ बिजनौर में गुलदार?

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वन विभाग द्वारा अपनाई गई यह रणनीति पूरी तरह से कारगर साबित हुई। देर रात शिकार और भोजन की तलाश में भटकता हुआ यह खूंखार जानवर सीधे पिंजरे के पास पहुंच गया। भोजन के लालच में वह जैसे ही पिंजरे के अंदर दाखिल हुआ, ट्रैप काम कर गया।
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पिंजरे के अंदर जाते ही उसका मुख्य दरवाजा तुरंत बंद हो गया और इस तरह बिजनौर में गुलदार हमेशा के लिए उसमें कैद हो गया। सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे के अंदर से गुलदार की तेज दहाड़ सुनी, तो उसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
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वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

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गुलदार के पिंजरे में फंसने की खबर आग की तरह फैली और वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत शिवाला कलां पहुंच गई। टीम ने भीड़ को दूर हटाकर पूरी सावधानी के साथ पिंजरे को अपने सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
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अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पकड़े गए इस गुलदार का सबसे पहले पशु चिकित्सकों द्वारा मेडिकल चेकअप किया जाएगा। इसके बाद उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर इसे आबादी से दूर किसी घने जंगल या सुरक्षित वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ दिया जाएगा।
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मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रशासन की अपील

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बिजनौर जिले का एक बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र से सटा हुआ है, जिसके कारण अक्सर जंगली जानवर भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। इसलिए, जिला प्रशासन और वन विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे रात के समय खेतों या सुनसान रास्तों पर अकेले बिल्कुल न जाएं।
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हालांकि बिजनौर में गुलदार के पकड़े जाने से तात्कालिक राहत मिली है, लेकिन वन विभाग ने ग्रामीणों को आगे भी सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि अगर भविष्य में कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो खुद कोई कदम उठाने के बजाय तुरंत वन विभाग के टोल-फ्री नंबर पर इसकी सूचना दें।
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निष्कर्ष के तौर पर, थाना शिवाला कलां कस्बे में बिजनौर में गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों के सिर पर मंडरा रहा एक बहुत बड़ा खतरा टल गया है। वन विभाग की इस त्वरित और सफल कार्रवाई की स्थानीय लोग खूब सराहना कर रहे हैं। हालांकि, वन्यजीवों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए भविष्य में और अधिक ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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