बिजनौर में कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर मण्डावली स्थित प्राचीन मोटा महादेव मंदिर में डीएम जसजीत कौर और एसपी अभिषेक झा ने समीक्षा बैठक की। सड़कों की मरम्मत, गुलदार से सुरक्षा, सोशल मीडिया पर पैन
श्रावण मास (Sawan 2026) के आगमन के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को लेकर उल्लास और तैयारियां जोरों पर हैं। सावन के पवित्र महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार की ओर प्रस्थान करते हैं। पश्चिमी यूपी का बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से इस यात्रा का एक प्रमुख प्रवेश द्वार और मुख्य ट्रांजिट रूट (Transit Route) माना जाता है। शिवभक्तों की सबसे बड़ी और पवित्र आस्था से जुड़ी Bijnor Kanwar Yatra 2026 को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बिजनौर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है।READ ALSO:-फिक्की लेजेंड्स सीरीज़: "भारत केवल उपभोक्ता नहीं, विश्वस्तरीय नवाचार का निर्माता बने," डॉ. माशेलकर ने बताया कैसे AI और डीप-टेक में सुपरपावर बनेगा देश
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बुधवार दोपहर ठीक तीन बजे बिजनौर जिले के मण्डावली स्थित प्राचीन और प्रसिद्ध मोटा महादेव मंदिर परिसर में आला अधिकारियों की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में एसपी अभिषेक झा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने यात्रा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू की गहनता से जांच की और मातहतों को कड़े निर्देश दिए।
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मोटा महादेव मंदिर में हुई Bijnor Kanwar Yatra 2026 की समीक्षा
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कांवड़ियों के लिए बिजनौर जिले का मोटा महादेव मंदिर (Mota Mahadev Mandir) आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है। मण्डावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह प्राचीन मंदिर कांवड़ियों के लिए एक प्रमुख विश्राम स्थल भी है। हरिद्वार से जल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्त इस मार्ग से होकर गुजरते हैं और मंदिर में जलाभिषेक भी करते हैं। इसी विशेष महत्व को देखते हुए जिलाधिकारी ने यहीं पर सभी संबंधित विभागों को तलब किया।
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आज 15 जुलाई, 2026 को मण्डावली क्षेत्रान्तर्गत मोटा महादेव मन्दिर नजीबाबाद के प्रांगण में आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत बैठक कर मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाएँ, मार्गों की मरम्मत, साफ-सफाई इत्यादि के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये pic.twitter.com/L2Sn4b3ZXC
बैठक के दौरान सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि Bijnor Kanwar Yatra 2026 विधिवत रूप से शुरू होने से पहले जिले के भीतर सभी व्यवस्थाएं 100 प्रतिशत पूरी कर ली जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़ियों की यात्रा हर हाल में सुरक्षित, सुविधाजनक और पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहे।
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सड़क मरम्मत, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सख्त निर्देश
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कांवड़िये अक्सर नंगे पैर या कठिन तपस्या के साथ लंबी दूरी तय करते हैं, इसलिए उनके पैदल मार्ग की स्थिति को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है। डीएम जसजीत कौर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सड़क निर्माण से जुड़े अन्य विभागों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि Bijnor Kanwar Yatra 2026 के पूरे मार्ग पर कहीं भी कोई गड्ढा, जलभराव या गंदगी नहीं होनी चाहिए।
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विद्युत विभाग (Electricity Department) को आदेश दिया गया है कि वे यात्रा मार्ग पर लटके हुए बिजली के तार और झुके हुए खंभों को तत्काल ठीक कराएं। साथ ही, रात के समय कांवड़ियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश (Lighting) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि मण्डावली स्थित मोटा महादेव मंदिर और भागूवाला चेक पोस्ट जैसे प्रमुख स्थानों पर अलग-अलग एंबुलेंस (Ambulances) हर समय तैनात रखी जाएं। इसके अलावा, कांवड़ मार्ग के विभिन्न प्रमुख पड़ावों पर भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीमों की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपातकालीन मेडिकल स्थिति या दुर्घटना से तुरंत निपटा जा सके।
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गुलदार (Leopard) प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
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बिजनौर जिले का एक बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र और कॉर्बेट नेशनल पार्क के बफर जोन से सटा हुआ है, जहां अक्सर गुलदार (तेंदुआ) का आतंक देखने को मिलता है। पिछले कुछ वर्षों में जिले में गुलदार के हमलों की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। Bijnor Kanwar Yatra 2026 के दौरान वन्यजीवों के संभावित खतरों से शिवभक्तों को बचाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
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जिलाधिकारी ने वन विभाग (Forest Department) और लोक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से निर्देश दिए हैं कि जिन-जिन मार्गों पर गुलदार का खतरा रहता है, वहां बड़े-बड़े चेतावनी संबंधी साइन बोर्ड (Warning Boards) लगाए जाएं। इन बोर्डों पर संबंधित वन अधिकारियों, पुलिस और आपातकालीन सहायता टीमों के मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए। वन विभाग की पेट्रोलिंग टीमें रात के समय मुस्तैद रहेंगी और शिवभक्तों को भी यह सलाह दी जा रही है कि वे रात के समय सुनसान या घने जंगलों वाले रास्तों पर अकेले न चलें बल्कि समूह में ही यात्रा करें।
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पुलिस फोर्स, रूट डायवर्जन और ढाबों की निगरानी
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बिजनौर पुलिस (Bijnor Police) भी Bijnor Kanwar Yatra 2026 को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI), पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रियों के मुख्य पड़ाव, पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक (Route Diversion) व्यवस्थाओं की पहले से जमीनी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। भारी वाहनों का प्रवेश कुछ निर्धारित तिथियों पर पूरी तरह वर्जित रहेगा और मुरादाबाद, अमरोहा आदि के लिए वैकल्पिक मार्गों की सूची तैयार कर ली गई है।
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यात्रियों को उचित दामों पर स्वच्छ भोजन मिल सके, इसके लिए प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सक्रिय कर दिया है। यात्रा मार्ग पर स्थित सभी ढाबों और होटलों के मालिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपनी दुकानों पर खाद्य पदार्थों की 'रेट लिस्ट' (Rate List) अनिवार्य रूप से स्पष्ट प्रदर्शित करें। कांवड़ियों से ओवररेटिंग (Overcharging) करने या खराब गुणवत्ता का खाना परोसे जाने पर ढाबा मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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सोशल मीडिया पर साइबर सेल की पैनी नजर और आग से बचाव
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पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि Bijnor Kanwar Yatra 2026 के दौरान सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, एक्स (X), इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर साइबर सेल की 24 घंटे पैनी नजर रहेगी।
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उन्होंने असामाजिक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी भी व्यक्ति ने अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द (Communal Harmony) बिगाड़ने की जरा सी भी कोशिश की, तो उसे समय रहते सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। भ्रामक पोस्ट करने वालों पर सीधे रासुका (NSA) और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा।
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इसके अलावा, एसपी ने कांवड़ सेवा शिविरों (Kanwar Camps) के आयोजकों को निर्देश दिए हैं कि वे शिविर के प्रवेश द्वार और रसोई क्षेत्र में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाएं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। आगजनी जैसी दुखद घटनाओं से बचने के लिए शिविरों में केवल सुरक्षित और इंसुलेटेड (Insulated) विद्युत तारों का ही उपयोग किया जाए।
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इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने भी हिस्सा लिया और जिलेवासियों से Bijnor Kanwar Yatra 2026 को शांतिपूर्ण तथा पूरी तरह सफल बनाने में सहयोग की अपील की। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने उपयोगी सुझाव प्रशासन के साथ साझा किए। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम धामपुर स्मृति मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, एसडीएम नजीबाबाद शैलेंद्र सिंह और क्षेत्राधिकारी पुलिस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, बिजनौर जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, मार्ग और संवाद का एक ऐसा अभेद्य ढांचा तैयार किया है, जिससे यह विशाल धार्मिक आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.