बिजनौर/स्योहारा: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में ठगों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक जीता-जागता और हैरान करने वाला उदाहरण स्योहारा (Syohara) कस्बे में देखने को मिला है। आमतौर पर लोग किसी अनजान व्यक्ति पर जल्दी भरोसा नहीं करते, लेकिन जब बात धर्म, आस्था, 'पीर बाबा' के आशीर्वाद या फिर रातों-रात संपत्ति दोगुनी होने की आती है, तो अच्छे-अच्छे लोग इन शातिर ठगों के बिछाए मनोवैज्ञानिक जाल में फंस जाते हैं।READ ALSO:-हाईवे के जाम से मिलेगी 'आजादी', बुलेट की रफ्तार से पहुंचेंगे हरिद्वार! CM योगी ने मुजफ्फरनगर-हरिद्वार 'रैपिड रेल' को दी हरी झंडी
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स्योहारा थाना क्षेत्र के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शुमार मुरादाबाद रोड (Moradabad Road) पर बुधवार को दिनदहाड़े एक ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया गया। यहां बाइक पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने खुद को चमत्कारी 'पीर बाबा' बताया और एक भोली-भाली महिला को अपनी बातों के जाल में उलझाकर उसके सोने के कुंडल (Gold Earrings) ठग लिए। वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि जब तक महिला को अपने साथ हुए धोखे का अहसास होता, तब तक दोनों शातिर ठग हवा हो चुके थे।
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आइए, इस पूरी वारदात को विस्तार से समझते हैं कि आखिर दिनदहाड़े बीच सड़क पर ठगों ने कैसे इस पूरी घटना को अंजाम दिया और इस तरह के गिरोह कैसे काम करते हैं।
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वारदात की जगह और समय: मुरादाबाद रोड का व्यस्त चौराहा
\r\n\r\nयह दुस्साहसिक घटना स्योहारा के मुरादाबाद रोड स्थित मिल चौराहे (Mill Chauraha) के पास घटित हुई। यह इलाका दिनभर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही से भरा रहता है। घटनास्थल के ठीक सामने मशहूर 'राजधानी होटल' (Rajdhani Hotel) स्थित है। इतनी भीड़भाड़ वाली जगह पर वारदात को अंजाम देना यह साबित करता है कि ठग कितने शातिर और बेखौफ थे। उन्होंने शिकार को चुनने और वारदात को अंजाम देकर भागने की पूरी रेकी (Reccy) पहले से कर रखी थी।
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ठगी का 'मॉडस ऑपरेंडी' (Modus Operandi): कैसे बुना गया बातों का जाल?
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों (Eyewitnesses) और पीड़िता के अनुसार, पूरी वारदात महज कुछ मिनटों के भीतर एक सोची-समझी स्क्रिप्ट की तरह घटित हुई:
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1. शिकार की तलाश और एंट्री: महिला सड़क से गुजर रही थी, तभी एक मोटरसाइकिल उनके पास आकर रुकी। इस बाइक पर दो लोग सवार थे। बाइक चलाने वाला एक युवा लड़का था, जबकि पीछे एक बुजुर्ग व्यक्ति बैठा था। बुजुर्ग व्यक्ति का पहनावा और हाव-भाव बिल्कुल किसी पहुंचे हुए सूफी संत या 'पीर बाबा' (Peer Baba) जैसा था, ताकि पहली ही नजर में देखने वाले के मन में श्रद्धा और विश्वास पैदा हो जाए।
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2. बातों में उलझाना (सम्मोहन का प्रयास): बाइक रुकते ही उन दोनों ने महिला को आवाज दी। उन्होंने बेहद नम्र और रहस्यमयी आवाज में कहा कि वे बहुत दूर से आए 'पीर बाबा' हैं और उसे (महिला को) दुआ देना चाहते हैं। उन्होंने महिला के परिवार या उसके भविष्य को लेकर कुछ ऐसी सामान्य बातें कहीं, जिससे महिला ठिठक गई और उनकी बातों में दिलचस्पी लेने लगी। पुलिस सूत्रों का मानना है कि ऐसे ठग अक्सर 'हिप्नोटिज्म' (Hypnotism) या सम्मोहन जैसी तरकीबों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सामने वाला व्यक्ति अपनी सोचने-समझने की शक्ति कुछ देर के लिए खो देता है।
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3. 'जादू' का खेल और कागज की पर्ची: जब महिला पूरी तरह से उनकी बातों के प्रभाव में आ गई, तब ठगों ने अपना असली खेल शुरू किया। उन्होंने महिला से एक सादा कागज मंगवाया (या खुद एक कागज निकाला) और उस पर कुछ 'मंत्र' या दुआ पढ़ने का नाटक किया। उन्होंने महिला को कुछ 'चमत्कार' दिखाने का ढोंग किया, जिससे महिला का विश्वास उन पर और गहरा हो गया।
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4. कुंडल दोगुने करने का लालच (The Ultimate Trap): ठगों ने अपने चमत्कार का खौफ और लालच दोनों एक साथ परोसा। उन्होंने महिला से कहा कि उनके पास दैवीय शक्तियां हैं। यदि वह अपने कानों के सोने के कुंडल उतारकर इस कागज में रखेगी, तो बाबा की दुआ से वे कुंडल कुछ ही पलों में दोगुने (Double) हो जाएंगे।
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सम्मोहन के प्रभाव या लालच में आकर, महिला ने बिना कुछ सोचे-समझे अपने कानों से कीमती सोने के कुंडल उतारे और उन ठगों के हवाले कर दिए।
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5. हाथ की सफाई और फरार: जैसे ही कुंडल उन शातिरों के हाथ में आए, उन्होंने पलक झपकते ही हाथ की सफाई (Sleight of hand) दिखाई। उन्होंने महिला को या तो कोई खाली पुड़िया थमा दी या फिर उसे आंखें बंद कर प्रार्थना करने को कहा। इससे पहले कि महिला कुंडल दोगुने होने का चमत्कार देख पाती, बाइक सवार युवक ने गाड़ी स्टार्ट की और दोनों तेजी से मुरादाबाद रोड की दिशा में फरार हो गए।
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महिला की चीख-पुकार और पुलिस की एंट्री
\r\n\r\nठगों के आंखों से ओझल होने के कुछ देर बाद जब महिला का सम्मोहन टूटा या उसने अपनी पुड़िया खोलकर देखी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुड़िया खाली थी और उसके सोने के कुंडल गायब थे। महिला ने तुरंत बदहवास होकर बीच सड़क पर शोर मचाना शुरू कर दिया।
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महिला के रोने और चीखने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। जब लोगों को ठगी की इस पूरी कहानी का पता चला, तो सब सन्न रह गए। स्थानीय लोगों ने बिना कोई देरी किए स्योहारा थाना पुलिस (Syohara Police) को इस घटना की सूचना दी।
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सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है पुलिस (Police Investigation)
\r\n\r\nदिनदहाड़े बीच चौराहे पर हुई इस ठगी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्योहारा थाने की पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल यानी राजधानी होटल के सामने पहुंची।
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- \r\n नाकाबंदी (Barricading): पुलिस ने तुरंत वायरलेस सेट के जरिए मुरादाबाद रोड और आसपास के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग अभियान शुरू करवा दिया, लेकिन तब तक ठग शहर की सीमा से बाहर निकल चुके थे।\r\n \r\n
- \r\n डिजिटल सर्विलांस (Digital Surveillance): पुलिस की जांच का मुख्य आधार अब सीसीटीवी कैमरे हैं। पुलिस राजधानी होटल, मिल चौराहे पर लगे सरकारी कैमरों और आसपास की दुकानों के बाहर लगे प्राइवेट CCTV कैमरों की डीवीआर (DVR) खंगाल रही है।\r\n \r\n
- \r\n हुलिया की पहचान: पुलिस कैमरे में उस बाइक का नंबर और दोनों ठगों (खासकर बुजुर्ग 'पीर बाबा') का हुलिया पहचानने की कोशिश कर रही है, ताकि उनकी तस्वीर को अन्य थानों और जिलों के क्राइम ब्रांच के साथ साझा किया जा सके।\r\n \r\n
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कैसे काम करते हैं ऐसे 'ईरानी गैंग' या टप्पेबाज?
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। पुलिस की भाषा में ऐसे अपराधियों को 'टप्पेबाज' (Tappebaaz) या 'ईरानी गैंग' (Irani Gang) का सदस्य कहा जाता है। इनका निशाना अक्सर अकेली महिलाएं या बुजुर्ग होते हैं।
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इनका तरीका हमेशा एक जैसा होता है:
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- \r\n ये कभी 'पीर बाबा' बनते हैं, तो कभी सादे कपड़ों में पुलिस वाले बनकर महिलाओं को डराते हैं कि आगे मर्डर/लूट हो गई है, अपने जेवर उतारकर पुड़िया में रख लो।\r\n \r\n
- \r\n ये हमेशा दो या तीन की संख्या में होते हैं और तेज रफ्तार बाइक का इस्तेमाल करते हैं ताकि वारदात के बाद गली-मोहल्लों से आसानी से भाग सकें।\r\n \r\n
- \r\n इनकी 'हाथ की सफाई' इतनी तेज होती है कि ये असली जेवर निकालकर पीड़ित को पत्थर या नकली जेवर से भरी पुड़िया थमा देते हैं।\r\n \r\n
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प्रशासन की अपील: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है
\r\n\r\nस्योहारा पुलिस और बिजनौर प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे ऐसे बहुरूपियों से सावधान रहें।
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- \r\n अंधविश्वास से बचें: कोई भी 'बाबा', तांत्रिक या फकीर सड़क पर चलते हुए सोना या पैसे दोगुने नहीं कर सकता। यह विज्ञान और तर्क दोनों के खिलाफ है।\r\n \r\n
- \r\n अनजानों से दूरी: सड़क पर अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको रोककर कोई रहस्यमयी बात करे या पुलिस/अधिकारी बनकर जेवर उतारने को कहे, तो तुरंत शोर मचा दें या 112 डायल करें।\r\n \r\n
- \r\n लालच में न आएं: ठग हमेशा आपके लालच (पैसे दोगुने करने) या आपके डर (भविष्य का खौफ) का फायदा उठाते हैं। अपने विवेक का इस्तेमाल करें।\r\n \r\n
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फिलहाल, स्योहारा पुलिस की कई टीमें इस 'पीर बाबा' गिरोह की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से इन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और महिला के कुंडल बरामद किए जाएंगे। यह घटना पूरे बिजनौर जिले के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर चलते हुए अपनी आंखें और दिमाग दोनों खुले रखें।
Sabse pehle comment karne wale banein.