Bijnor Farmers Protest: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए गेट पर बैरिकेडिंग लगा दी। खुद को रोके जाने से नाराज किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद किसानों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भारी आक्रोश इस Bijnor Farmers Protest का मुख्य कारण मतदाता सूची (Voter List) से पात्र लोगों के नाम काटे जाने का मुद्दा रहा। भाकियू ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुई इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्रवार सूची सार्वजनिक की जाए।

किसानों का कहना है कि प्रशासन को नाम काटने का स्पष्ट कारण बताना चाहिए। इसके साथ ही, जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसके खिलाफ अपील करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। किसानों ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है।

'गड़बड़ी साबित हो तो चुनाव आयुक्त दें इस्तीफा' भाकियू के जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने प्रदर्शन के दौरान गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम गायब कर दिए गए हैं। सुनील प्रधान ने कहा कि यदि इस मामले की जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाला साबित होता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
संगठन ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा की भी मांग की।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाकियू नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन को समर्थन दिया है। इसी समर्थन के तहत बिजनौर में भी यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

जंतर-मंतर पर रोक और बिजनौर में कलेक्ट्रेट पर अड़े किसान जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी किसानों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की गई है। उनके दावे के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 170 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और मेट्रो सेवाएं भी बाधित की गईं।

सुनील प्रधान ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजनौर में पहले भी कलेक्ट्रेट परिसर में धरने-प्रदर्शन होते रहे हैं और भविष्य में भी किसान यहीं प्रदर्शन करेंगे। भाकियू ने चेतावनी दी है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें