बिजनौर: उत्तर प्रदेश में दहेज प्रथा (Dowry System) नाम की सामाजिक कुरीति आज भी कितनी हावी है, इसका एक और खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला बिजनौर (Bijnor) जिले से सामने आया है। एक पिता ने बड़े अरमानों के साथ अपनी लाडली बेटी की डोली विदा की थी। उसे उम्मीद थी कि ससुराल में उसकी बेटी राज करेगी, लेकिन किसे पता था कि शादी के महज 50 दिन बाद ही उस घर से बेटी की अर्थी उठेगी।READ ALSO:-आस्था के नाम पर 'खिलवाड़' बर्दाश्त नहीं! राम मंदिर ट्रस्ट फंड में कथित गड़बड़ी पर बिजनौर में कांग्रेस का सड़क पर संग्राम, DM को सौंपा ज्ञापन
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बिजनौर के चांदपुर (Chandpur) थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया है कि अतिरिक्त दहेज की लालच में उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया और अंततः उसे जहरीला पदार्थ (Poisonous Substance) देकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद से ही मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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आइए, इस पूरी दर्दनाक घटना के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।
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अरमानों से हुई थी शादी: 30 अप्रैल को उठे थे सात फेरे

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जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 22 वर्षीय सोनम के रूप में हुई है। सोनम का विवाह बड़े ही धूमधाम के साथ 30 अप्रैल 2026 को हुआ था।
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    मायका: सोनम के पिता कन्हैया, बिजनौर जिले के ही अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवपुरी गांव के निवासी हैं। एक पिता होने के नाते कन्हैया ने अपनी हैसियत के अनुसार अपनी बेटी की शादी में खूब दान-दहेज दिया था और बारातियों की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
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    ससुराल: सोनम की शादी चांदपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला काजी जादगान निवासी टीकाराम सिंह के साथ संपन्न हुई थी। शादी के समय दोनों परिवारों में काफी खुशी का माहौल था।
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लेकिन, शादी की यह खुशी ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकी। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल वालों का रंग बदलना शुरू हो गया।
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दहेज की अंतहीन भूख और प्रताड़ना का दौर

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मृतका सोनम की मां लक्ष्मी देवी ने पुलिस और मीडिया को रोते हुए वह दर्दनाक दास्तां सुनाई जो उनकी बेटी पिछले कुछ हफ्तों से झेल रही थी।
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लक्ष्मी देवी का सीधा आरोप है कि शादी में दिए गए दान-दहेज से ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। शादी के चंद दिनों बाद ही ससुराल पक्ष की तरफ से 'अतिरिक्त दहेज' (Additional Dowry) की मांग की जाने लगी। जब मायके वालों ने इतनी जल्दी और मांगें पूरी करने में असमर्थता जताई, तो इसका खामियाजा सोनम को भुगतना पड़ा।
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परिजनों के अनुसार, पति टीकाराम, उसकी मां (सास) और देवर ने मिलकर सोनम को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसे ताने मारे जाते थे और छोटी-छोटी बातों पर परेशान किया जाता था। सोनम अक्सर फोन पर अपनी मां को अपने दर्द के बारे में बताती थी, लेकिन भारतीय समाज की विडंबना के चलते मायके वाले उसे 'सब ठीक हो जाएगा' का दिलासा देकर ससुराल में ही रहने की सलाह देते रहे।
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22 जून की वो मनहूस तारीख और जहर का आरोप

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मायके वालों की तहरीर के मुताबिक, प्रताड़ना का यह सिलसिला 22 जून 2026 को अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया।
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    जहर देने का आरोप: लक्ष्मी देवी का आरोप है कि 22 जून को ससुराल वालों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी बेटी सोनम को कोई जहरीला पदार्थ (Poison) खिला दिया। जहर के असर से सोनम की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
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    अस्पताल में भर्ती: जब सोनम की हालत बेहद नाजुक हो गई, तो हड़बड़ाहट में उसे चांदपुर के ही एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती कराया गया।
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    मौत से जंग हारी सोनम: अस्पताल के डॉक्टरों ने सोनम की जान बचाने की पूरी कोशिश की। कई घंटों तक सोनम मौत से लड़ती रही, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि आखिरकार मंगलवार की शाम उसने अस्पताल के बिस्तर पर ही दम तोड़ दिया।
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अस्पताल में हंगामा और पुलिस की एंट्री

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जैसे ही सोनम की मौत की मनहूस खबर उसके मायके यानी अफजलगढ़ के शिवपुरी गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही बदहवास हालत में मायके पक्ष के दर्जनों लोग चांदपुर के उस निजी अस्पताल में पहुंच गए।
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अस्पताल पहुंचते ही परिजनों ने ससुराल वालों के खिलाफ जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कोई सामान्य मौत या आत्महत्या नहीं है, बल्कि दहेज के लोभियों द्वारा की गई एक सोची-समझी 'दहेज हत्या' (Dowry Murder) है। परिजनों ने पति टीकाराम, सास और देवर के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
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पुलिस का एक्शन: क्या कहते हैं अधिकारी?

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घटना की गंभीरता और अस्पताल में बढ़ते तनाव को देखते हुए चांदपुर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले आक्रोशित परिजनों को शांत कराया और न्याय का पूरा भरोसा दिलाया।
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    थाना प्रभारी का बयान: चांदपुर थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) राहुल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने नियमानुसार शव का पंचायतनामा (Inquest Report) भरकर उसे पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया है।
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    मुकदमे की तैयारी: एसएचओ के अनुसार, मृतका के परिजनों (मां लक्ष्मी देवी) की ओर से थाने में एक लिखित तहरीर दी गई है। इस तहरीर के आधार पर पति, सास और देवर के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
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    सीओ (CO) की बाइट: इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी (CO) देस दीपक, चांदपुर ने अपनी बाइट देते हुए स्पष्ट किया है कि "पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहनता से जांच कर रही है। शादी को अभी केवल 50 दिन ही हुए थे, इसलिए यह मामला बेहद संवेदनशील है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) में मौत का असली कारण (जहर या कुछ और) स्पष्ट होने के बाद और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
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समाज के लिए एक बड़ा सवाल

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सोनम की मौत सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे समाज के मुंह पर एक तमाचा है। 21वीं सदी में भी, जहां हम चांद और मंगल पर पहुंचने की बात करते हैं, वहीं हमारे ही समाज में एक 22 साल की बेटी को शादी के 50 दिन के भीतर इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि वह अपने साथ पर्याप्त 'सामान' या 'पैसा' नहीं ला पाई।
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दहेज हत्या के मामलों में आमतौर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) / भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत सख्त प्रावधान हैं, खासकर तब जब मौत शादी के 7 साल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हो। लेकिन केवल कानून कड़े होने से काम नहीं चलेगा, समाज को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
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फिलहाल, बिजनौर पुलिस की जांच जारी है और अब सबकी निगाहें सोनम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस 'दहेज हत्या' के रहस्य से पर्दा उठाएगी और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का सबसे बड़ा आधार बनेगी।
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