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\r\n\r\n\r\n\r\nआज 20 मई, 2026 को कलक्ट्रेट सभागार में आगामी माह की 28 मई, 2026 को ईद-उल-अज़हा त्यौहार के सम्बन्ध में बैठक के दौरान त्यौहार को सौहार्द और शान्तिपूर्ण वातावरण में मनाये जाने के लिए पर्याप्त तैयारियाँ पूर्ण करने हेतु सम्बन्धितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। pic.twitter.com/tWOz7HscYQ
\r\n— DM / DEO Bijnor UP (@dmbijnor) May 20, 2026
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- \r\n कोई खुली कुर्बानी नहीं: जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी अवस्था में जानवरों की कुर्बानी सड़कों, गलियों या सार्वजनिक खुले स्थानों पर नहीं की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n पर्दे की व्यवस्था: जहां भी कुर्बानी की जाएगी, वहां चारों तरफ से पर्दे (Curtains) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों या आम जनता को असुविधा न हो।\r\n \r\n
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- \r\n गहरे गड्ढों का निर्माण: कुर्बानी के अवशेषों (वेस्ट) का सुरक्षित और स्वच्छ निपटान (Disposal) करने के लिए आबादी से दूर गहरे गड्ढे खोदे जाएं। अवशेषों को खुले में फेंकने पर सख्त कार्रवाई होगी।\r\n \r\n
- \r\n वाहनों की चेकिंग: अवशेषों या गोश्त को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने (परिवहन) के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन पूरी तरह से तिरपाल या कवर से ढके हुए हों। किसी भी हाल में परिवहन के दौरान खून या अवशेष सड़क पर नहीं गिरने चाहिए।\r\n \r\n
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- \r\n सीसीटीवी (CCTV) से निगरानी: जिन मार्गों से गोश्त या अवशेषों का परिवहन किया जाना है और यदि उन मार्गों पर अन्य समुदायों के 'धार्मिक स्थल' मौजूद हैं, तो ऐसे मार्गों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n रूट मार्च और निरीक्षण: त्योहार से पहले ही सभी संवेदनशील इलाकों, परिवहन मार्गों, कुर्बानी स्थलों और अवशेष निस्तारण (Disposal) प्वाइंट्स का पुलिस बारीकी से भौतिक निरीक्षण करेगी।\r\n \r\n
- \r\n शरारती तत्वों पर मुचलका: अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों और माहौल बिगाड़ने की फिराक में रहने वाले शरारती तत्वों को चिह्नित कर उन्हें 'मुचलके' (Preventive Bonds) से पाबंद किया जाएगा। उन पर एलआईयू (LIU) की भी गहरी निगाह रहेगी।\r\n \r\n
- \r\n पशु चोरों पर लगाम: एसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि त्योहार के सीजन में सक्रिय होने वाले 'पशु चोरों' पर विशेष नजर रखी जाए और सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही हर थाने के स्तर पर अलग से 'शांति कमेटी' की बैठकें भी आयोजित की जाएं।\r\n \r\n
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एक नजर में बकराईद की गाइडलाइंस (क्या करें, क्या न करें)
\r\n\r\n| \r\n नियम / विषय \r\n | \r\n \r\n प्रशासन के स्पष्ट निर्देश \r\n | \r\n
| \r\n सोशल मीडिया \r\n | \r\n \r\n कुर्बानी की कोई तस्वीर या वीडियो शेयर करना पूर्णतः वर्जित है। \r\n | \r\n
| \r\n कुर्बानी का स्थान \r\n | \r\n \r\n खुले में प्रतिबंधित। चारों ओर से पर्दा लगाना अनिवार्य है। \r\n | \r\n
| \r\n अवशेषों का निस्तारण \r\n | \r\n \r\n खुले में फेंकना मना है। प्रशासन द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढों में दबाना होगा। \r\n | \r\n
| \r\n परिवहन (Transport) \r\n | \r\n \r\n वाहन पूरी तरह ढका होना चाहिए, सड़क पर कुछ न गिरे। \r\n | \r\n
| \r\n नई परंपरा \r\n | \r\n \r\n किसी भी नई परंपरा (नए रास्ते, नए आयोजन) की सख्त मनाही है। \r\n | \r\n
| \r\n धार्मिक सौहार्द \r\n | \r\n \r\n अफवाहों पर ध्यान न दें, भाईचारा बनाए रखें। \r\n | \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.