बिजनौर, 5 सितंबर 2026। मुरादाबाद मंडल की मंडलायुक्त संगीता सिंह ने शनिवार को जनपद बिजनौर के भ्रमण के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मौके पर परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।READ ALSO:-चांदपुर में मंडलायुक्त का बड़ा एक्शन: 120 शिकायतें पहुंचीं, 9 का मौके पर समाधान; दिव्यांगजनों के लिए ₹8.97 लाख का रैंप भी हुआ लोकार्पित
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मंडलायुक्त के निरीक्षण का प्रमुख केंद्र चांदपुर-बासटा-मानपुर-अहराला मार्ग रहा। इसके अलावा उन्होंने विकासखंड नूरपुर के ग्राम बेड़ा खुर्द में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की पानी की टंकी का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचे।
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69.25 किलोमीटर लंबे मार्ग का लिया जायजा

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मंडलायुक्त संगीता सिंह ने चांदपुर-बासटा-मानपुर-अहराला मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। यह मार्ग ओडीआर यानी अन्य जिला मार्ग की श्रेणी में आता है। मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड द्वारा कराया जा रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, करीब 69.25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को दो लेन में चौड़ा और मजबूत किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 39.47 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना का करीब 30 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
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मंडलायुक्त ने निर्माणाधीन सड़क की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए और सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाए।
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उन्होंने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। इस सड़क परियोजना को 23 मई 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूरा होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ सड़क की गुणवत्ता भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं

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निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण पूरा करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
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चांदपुर-बासटा-मानपुर-अहराला मार्ग क्षेत्र के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसके चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। मंडलायुक्त ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप काम कराने और समय-समय पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
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जल जीवन मिशन की परियोजना भी जांची

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सड़क परियोजना के निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त संगीता सिंह विकासखंड नूरपुर के ग्राम बेड़ा खुर्द पहुंचीं। यहां उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की पानी की टंकी का निरीक्षण किया।
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मंडलायुक्त ने योजना की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली और इसके बाद ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर पूछा कि उन्हें नियमित रूप से पानी मिल रहा है या नहीं। ग्रामीणों से संवाद के दौरान पेयजल आपूर्ति से जुड़ी स्थिति और कनेक्शन की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली गई।
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780 परिवारों को मिलने हैं पानी के कनेक्शन

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जल जीवन मिशन की इस परियोजना के तहत गांव के कुल 780 परिवारों को पाइप पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने हैं। अब तक 728 परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है, जबकि 52 परिवार अभी कनेक्शन से वंचित हैं।
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मंडलायुक्त ने शेष 52 परिवारों को जल्द से जल्द पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के लाभ से कोई भी पात्र परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए।
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इस परियोजना की कुल लागत करीब 367.57 लाख रुपये बताई गई है। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था वीटीएल के प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। केवल कनेक्शन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पानी की नियमित और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
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ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी हकीकत

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जल जीवन मिशन की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इसी क्रम में मंडलायुक्त ने योजना के वास्तविक संचालन की स्थिति जानने के लिए ग्रामीणों से संवाद किया।
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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल योजना में यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए। साथ ही पानी की गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति पर भी लगातार निगरानी रखने को कहा।
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सेक्रेड हार्ट चर्च भी पहुंचीं मंडलायुक्त

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बिजनौर भ्रमण के दौरान मंडलायुक्त संगीता सिंह ने सेक्रेड हार्ट चर्च, राजा का ताजपुर का भी दौरा किया। उनके इस दौरे के दौरान स्थानीय स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाओं और संबंधित विषयों की जानकारी ली गई।
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मंडलायुक्त के पूरे भ्रमण के दौरान विकास कार्यों की जमीनी प्रगति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों को मिल रही सुविधाओं पर विशेष जोर रहा।
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इस अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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मंडलायुक्त के निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट रहा कि जिले में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं की केवल कागजी समीक्षा के बजाय स्थलीय निरीक्षण और वास्तविक प्रगति की जांच पर जोर दिया जा रहा है। सड़क निर्माण से लेकर ग्रामीण पेयजल योजना तक अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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