जापान के राजनीतिक इतिहास में आज (मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025) एक अभूतपूर्व मोड़ आया है। जापान की संसद (नेशनल डाइट) ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की अध्यक्ष साने ताकाइची (Sanae Takaichi) को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री (First Woman Prime Minister) के रूप में चुना है। 64 वर्षीय ताकाइची ने इस शीर्ष पद पर पहुँचकर जापान के कठोर पुरुष-प्रधान राजनीतिक परिदृश्य में 'ग्लास सीलिंग' (Glass Ceiling) को तोड़ दिया है। उनकी यह जीत एक बड़े राजनीतिक संकट के बीच आई है, जिसके बाद उन्होंने देश के पुनर्गठन पर जोर दिया है।READ ALSO:-BREAKING: Goldman Sachs का दावा- RBI साल के अंत तक घटा सकता है रेपो रेट, घटेगी लोन की EMI
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शिंजो आबे की समर्थक और दक्षिणपंथी विचारधारा

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साने ताकाइची को पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की समर्थक (Protégé) और एक मुखर दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी (Ultraconservative Nationalist) के रूप में जाना जाता है।
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    शिक्षा और शुरुआती करियर: नारा में जन्मी ताकाइची ने कोबे विश्वविद्यालय से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की। उन्होंने 1987 में अमेरिकी कांग्रेस में एक फेलो के रूप में काम किया।
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    एंकर से राजनीति तक: जापान लौटने पर, उन्होंने संक्षेप में एक टीवी एंकर के रूप में भी काम किया, जिसके बाद उन्होंने 1993 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में संसद में प्रवेश किया।
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    पार्टी की यात्रा: वह 1996 में LDP से जुड़ीं और आबे के करीबी बनकर आंतरिक मामलों की मंत्री और आर्थिक सुरक्षा मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण वरिष्ठ सरकारी पदों पर कार्य किया।
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संसद में जीत और गठबंधन

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ताकाइची का प्रधानमंत्री चुना जाना LDP के लिए कठिन चुनाव हारने और गठबंधन टूटने के बाद आया है।
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    संसदीय चुनाव: ताकाइची को संसद के निचले सदन में 237 वोट मिले, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक थे, जिससे उन्होंने सीधे जीत हासिल की।
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    गठबंधन: LDP के पुराने सहयोगी कोमेइटो (Komeito) के गठबंधन तोड़ने के बाद, ताकाइची ने जापान इनोवेशन पार्टी (Japan Innovation Party - JIP) के साथ एक समझौता किया। इस समझौते ने उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता सुनिश्चित कर दिया।
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    मंत्रिमंडल: ताकाइची ने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की है, जिसमें पूर्व रक्षा मंत्री मिनोरू किहारा (Minoru Kihara) को मुख्य कैबिनेट सचिव बनाया गया है। उन्होंने सट्सुकी कटायमा को पहली महिला वित्त मंत्री (First Woman Finance Minister) के रूप में भी नियुक्त किया है।
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'घोड़े की तरह काम करें'

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प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले भाषण में साने ताकाइची ने देश में काम करने की संस्कृति पर जोर दिया।
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    कार्य संस्कृति पर रुख: उन्होंने कहा, "मैं खुद वर्क-लाइफ बैलेंस (Work-Life Balance) की हिमायती नहीं हूँ। मैं सभी से कह रही हूँ कि काम कीजिए। एकदम घोड़े की तरह से काम कीजिए।"
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    नीतियों पर फोकस: उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता धीमी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, बढ़ती कीमतों से निपटना और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में सुधार करना है। ताकाइची अमेरिका के साथ सुरक्षा गठबंधन को मजबूत करने की समर्थक भी हैं।
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महिला सशक्तिकरण और चुनौतियाँ

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साने ताकाइची का पीएम बनना महिला सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक प्रतीक है, लेकिन वह खुद को जेंडर इक्वालिटी की समर्थक नहीं मानती हैं। उन पर धीमी अर्थव्यवस्था और पार्टी के भीतर की गुटबाजी को संभालने की बड़ी चुनौती है। वह जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगी।
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