इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद, गाजा पट्टी के भीतर एक बड़ा खूनी खेल देखने को मिला है। स्थानीय नियंत्रण और सत्ता की लड़ाई में, हमास लड़ाकों और शक्तिशाली डोगमुश कबीले के सशस्त्र सदस्यों के बीच भीषण झड़प हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आंतरिक संघर्ष में दोनों गुटों के लगभग 64 लड़ाके मारे गए हैं। यह घटना गाजा की नाजुक शांति को खतरे में डालती है और क्षेत्र में एक नए 'गृहयुद्ध' की आशंका पैदा करती है।READ ALSO:-TLP चीफ साद रिज़वी की हत्या की अफवाह से भड़की हिंसा, लाहौर में 180 लोगों की मौत का दावा
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गाजा में भड़का सत्ता संघर्ष
\r\nसूत्रों के मुताबिक, यह भीषण टकराव गाजा सिटी के सबरा इलाके में हुआ, जब हमास के सुरक्षा बलों ने डोगमुश कबीले के ठिकानों पर छापे मारे (सोर्स: द टाइम्स ऑफ इजरायल, 12 अक्टूबर 2025)। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भयंकर गोलीबारी हुई। जानकारी के अनुसार, इस झड़प में डोगमुश कबीले के कम से कम 53 सदस्य और हमास के 12 लड़ाके मारे गए हैं। इसके अलावा, कई डोगमुश सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हमास का आरोप है कि कबीले के सदस्य युद्ध के दौरान उसके हथियारों के डिपो को लूटने और इजरायल के साथ सहयोग करने में शामिल थे, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।
\r\n\r\n\r\nसूत्रों के मुताबिक, यह भीषण टकराव गाजा सिटी के सबरा इलाके में हुआ, जब हमास के सुरक्षा बलों ने डोगमुश कबीले के ठिकानों पर छापे मारे (सोर्स: द टाइम्स ऑफ इजरायल, 12 अक्टूबर 2025)। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भयंकर गोलीबारी हुई। जानकारी के अनुसार, इस झड़प में डोगमुश कबीले के कम से कम 53 सदस्य और हमास के 12 लड़ाके मारे गए हैं। इसके अलावा, कई डोगमुश सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हमास का आरोप है कि कबीले के सदस्य युद्ध के दौरान उसके हथियारों के डिपो को लूटने और इजरायल के साथ सहयोग करने में शामिल थे, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।
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सदियों पुराना कबीला और हमास की तकरार
\r\nडोगमुश कबीला गाजा में सबसे पुराने और सबसे ताकतवर कबीलों में से एक है, जो सदियों पहले तुर्किये (तुर्की) से आकर गाजा में बस गया था। इस कबीले को एक आपराधिक और सशस्त्र गुट 'आर्मी ऑफ इस्लाम' (जैश अल-इस्लाम) से भी जोड़ा जाता रहा है (सोर्स: विकिपीडिया - डॉगमुश क्लैन हिस्ट्री)। 2007 में हमास द्वारा गाजा पर नियंत्रण करने के बाद से ही दोनों के बीच तनाव और झड़पें आम रही हैं। यह कबीला खुले तौर पर हमास के शासन को चुनौती देता रहा है और अक्सर इसे हथियारों की तस्करी और जबरन वसूली जैसे कामों से जोड़ा जाता है। कबीले के एक वरिष्ठ सदस्य ने मुस्लिम भाइयों से अपील की है कि वे आपस में खून न बहाएं, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।
\r\n\r\n\r\nडोगमुश कबीला गाजा में सबसे पुराने और सबसे ताकतवर कबीलों में से एक है, जो सदियों पहले तुर्किये (तुर्की) से आकर गाजा में बस गया था। इस कबीले को एक आपराधिक और सशस्त्र गुट 'आर्मी ऑफ इस्लाम' (जैश अल-इस्लाम) से भी जोड़ा जाता रहा है (सोर्स: विकिपीडिया - डॉगमुश क्लैन हिस्ट्री)। 2007 में हमास द्वारा गाजा पर नियंत्रण करने के बाद से ही दोनों के बीच तनाव और झड़पें आम रही हैं। यह कबीला खुले तौर पर हमास के शासन को चुनौती देता रहा है और अक्सर इसे हथियारों की तस्करी और जबरन वसूली जैसे कामों से जोड़ा जाता है। कबीले के एक वरिष्ठ सदस्य ने मुस्लिम भाइयों से अपील की है कि वे आपस में खून न बहाएं, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।
\r\nगाजा की आंतरिक राजनीति और भविष्य की चिंताएं
\r\nइस संघर्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि गाजा की आंतरिक राजनीति जटिल और अस्थिर है। इजरायल के साथ युद्धविराम के बाद हमास अपनी सत्ता और नियंत्रण को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, डोगमुश कबीला जैसे सशस्त्र गुट उसकी सत्ता को चुनौती दे रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी चिंता जताई है कि हमास द्वारा अपने नियंत्रण को फिर से स्थापित करने के लिए किए जा रहे ये प्रयास गाजा के निवासियों को और अधिक दुख और पीड़ा में धकेल सकते हैं (सोर्स: द मीडिया लाइन)। यह आंतरिक संघर्ष हमास की कमजोर होती पकड़ और गाजा में इजरायल विरोधी समूह के अंदर भी गहरी दरार को दिखाता है। यदि ये झड़पें जारी रहती हैं, तो गाजा पट्टी में एक पूर्ण 'गृहयुद्ध' छिड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.