दिनांक 02 जुलाई 2026 को विकास खण्ड नूरपुर के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नूरपुर में पुरानी योजना के स्थान पर विकसित भारत रोजगार मिशन यानी 'विकसित भारत- रोजगार एवं आजिविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G RAM G) का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है।Read also:-₹218.40 करोड़ का मेगा गुटखा घोटाला: ब्रांडेड रैपर, 12 ऑटोमैटिक मशीनें और 3 मास्टरमाइंड गिरफ्तार; कोर्ट ने भेजा जेल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास खण्ड नूरपुर की सभी 112 ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शुरू किया गया है। योजना की सटीक जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए संबंधित सेक्टर अधिकारियों और ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा गांव-गांव में विशेष बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान ने किया योजना का उद्घाटन

\r\n\r\n
नूरपुर देहात ग्राम पंचायत में इस नई और महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ नूरपुर की ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उद्घाटन समारोह में उपस्थित भारी संख्या में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख ने विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इस पूरे कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल चौधरी को विशेष रूप से नामित किया गया था। यह संपूर्ण आयोजन और बैठकों का दौर उन्हीं की कुशल देखरेख और मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मनरेगा का बदला नाम, अब कहलाएगा 'विकसित भारत- जी राम जी'
\r\n\r\n
कार्यक्रम में उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी (BDO) डॉ. दिनेश पाल शर्मा ने योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों को सबसे अहम जानकारी देते हुए बताया कि अब पुरानी 'मनरेगा' (MGNREGA) योजना का नाम पूरी तरह से बदल दिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब इसे 'विकसित भारत-जी राम जी' (VB-G RAM G) के नए नाम से जाना जाएगा। यह केवल नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि योजना के प्रारूप में भी कई बड़े और जनहितैषी सुधार किए गए हैं, जो सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों को फायदा पहुंचाएंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रोजगार के दिनों में हुआ भारी इजाफा

\r\n\r\n
डॉ. शर्मा ने बताया कि पुरानी योजना में मजदूरों को साल में केवल 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी। लेकिन, नए अधिनियम 2025 के लागू होने के बाद अब ग्रामीणों को साल भर में पूरे 125 दिनों के पक्के रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और 7 दिन में होगा अनिवार्य भुगतान

\r\n\r\n
इस नए मिशन के तहत ग्रामीण मजदूरों की सबसे बड़ी समस्या यानी भुगतान में होने वाली देरी को खत्म कर दिया गया है। नए अधिनियम के अनुसार, अब कार्य पूरा होने के मात्र 7 दिवसों के अंदर अनिवार्य रूप से मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खातों में कर दिया जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इसके साथ ही, मजदूरी की दर को भी एक सम्मानजनक स्तर पर तय किया गया है। अब काम करने वाले प्रत्येक श्रमिक को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से समय पर भुगतान किया जाएगा। इस तय समय सीमा और बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीणों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार आने की उम्मीद है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

महिलाओं और युवाओं की होगी सक्रिय भागीदारी

\r\n\r\n
विकसित भारत- रोजगार एवं आजिविका मिशन (ग्रामीण) की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रावधान है। इस अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और गांव के युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्थानीय समुदाय को योजना से सीधे जोड़कर ग्रामीण विकास की एक नई और मजबूत दिशा तय की जा रही है। इससे गांव का पैसा गांव में ही रहेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति और बल मिलेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इन ग्राम पंचायतों में सेक्टर अधिकारियों ने किया प्रतिभाग

\r\n\r\n
योजना की पारदर्शिता और मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर से कुछ ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से नामित किया गया था। इनमें नूरपुर देहात, पूरनपुर नंगला और मिर्जापुर ढीकली जैसी प्रमुख ग्राम पंचायतें शामिल थीं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इन नामित ग्राम पंचायतों में उच्च अधिकारियों ने स्वयं जाकर चौपालों में प्रतिभाग किया। इनमें BDO डॉ. दिनेश पाल शर्मा के अलावा, एडीओ पंचायत करुणा चौहान और एडीओ ग्राम विकास सलीम अहमद बतौर सेक्टर अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों की शंकाओं का समाधान भी किया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ग्राम स्तर पर रोजगार सेवक और महिला मेट कर रहीं जागरूक

\r\n\r\n
इस योजना का शत-प्रतिशत लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए ग्राउंड लेवल पर भी मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को इस नए अधिनियम का गांव-गांव में प्रचार करने का विशेष जिम्मा सौंपा गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सचिवों के साथ-साथ ग्राम रोजगार सेवक और महिला मेट भी आम जनता के बीच जाकर 'विकसित भारत-जी राम जी' के फायदों की जानकारी दे रहे हैं। बैठकों और मुनादी के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि वे कैसे इस योजना से जुड़कर अपना जॉब कार्ड अपडेट करा सकते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विकास खण्ड नूरपुर में विकसित भारत रोजगार मिशन का यह भव्य आगाज ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी साबित होगा। मनरेगा की जगह 125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन की निर्धारित दिहाड़ी और 7 दिनों के भीतर अनिवार्य भुगतान जैसी सुविधाएं श्रमिकों के लिए बेहद राहत भरी हैं। ब्लॉक प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता से यह तय है कि इस योजना का सीधा लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें