खबरीलाल नेशनल डेस्क | मौसम अपडेट
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​भारत के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों मानसूनी बारिश जीवनदायिनी कम और जानलेवा ज्यादा साबित हो रही है। देश के कई राज्यों में कुदरत का यह रौद्र रूप भारी तबाही मचा रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ों पर बादलों का कहर टूट रहा है, तो वहीं मैदानी और पूर्वोत्तर राज्यों में नदियों ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। बीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तराखंड से लेकर असम और उत्तर प्रदेश तक जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश की राजधानी दिल्ली समेत करीब 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है। वहीं, हिमालयी राज्य उत्तराखंड के लिए स्थिति को सबसे ज्यादा गंभीर मानते हुए 'रेड अलर्ट' (Red Alert) घोषित किया गया है। आइए, Khabreelal.com की इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं देश के अलग-अलग राज्यों में जलप्रलय का पूरा हाल।
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​उत्तराखंड: खतरे के निशान से ऊपर नदियां, चप्पे-चप्पे पर हाई अलर्ट

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​देवभूमि उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही का मंजर ला दिया है। IMD के अनुसार, आज राज्य के देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की पूरी संभावना है।
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​लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिर रहा है, जिससे लैंडस्लाइड (Landslide) की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
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    ​आपदा प्रबंधन को सख्त निर्देश: मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को 24 घंटे हाई अलर्ट मोड में रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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    ​नदियों ने लिया विकराल रूप: पहाड़ों पर लगातार बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। इसके चलते रुद्रप्रयाग प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
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    ​लाउडस्पीकर से चेतावनी: नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और किनारों पर पुलिस और प्रशासन लाउडस्पीकर से लगातार घोषणाएं कर रहा है। स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की जा रही है।
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चारधाम यात्रा मार्ग पर तबाही: हाईवे ब्लॉक, स्कूल बंद

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​पहाड़ों के दरकने (Landslide) का सीधा असर चारधाम यात्रा मार्गों पर पड़ा है। राजमार्गों पर भारी मलबा आ जाने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है:
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    ​गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे: उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुआ है। धरासू के नालू पानी के पास सड़क पूरी तरह ब्लॉक है। इसके अलावा, यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड, दुर्बिल, जंगल चट्टी और स्याना चट्टी के पास भारी मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
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    ​केदारनाथ मार्ग: रुद्रप्रयाग में तिलवाड़ा के पास लैंडस्लाइड होने से केदारनाथ हाईवे पर मलबा भर गया है, जिसमें कई गाड़ियां फंसी हुई हैं। पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण स्थानीय नालों में भारी उफान आ गया है।
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    ​स्कूलों में छुट्टी की घोषणा: बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर राज्य सरकार ने देहरादून, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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17 राज्यों में बारिश का अलर्ट: जानिए आपके राज्य का हाल

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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केवल पहाड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के एक बड़े हिस्से के लिए भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार आज कई स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
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​इन राज्यों में होगी बारिश (State-wise Rain

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क्षेत्र (Region)
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प्रभावित राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश (Affected States/UTs)
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उत्तर भारत
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दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
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मध्य एवं पूर्वी भारत
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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल
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पूर्वोत्तर भारत
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असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय
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दक्षिण एवं तटीय भारत
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महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
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मौसम विभाग ने इन राज्यों के निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी है।
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​असम में विनाशकारी बाढ़: 95 लोगों ने गंवाई जान

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​पूर्वोत्तर राज्य असम इस समय सबसे भीषण जलप्रलय का सामना कर रहा है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का पानी गांवों से लेकर शहरों तक में घुस गया है।
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    ​मृतकों का आंकड़ा डराने वाला: असम में बाढ़ के पानी में डूबने से पिछले 24 घंटे में 6 और लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है।
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    ​लाखों लोग बेघर: प्रदेश के 563 से अधिक गांव बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। लगभग 1.6 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से बेघर होकर राहत शिविरों या हाईवे के किनारों पर शरण लेने को मजबूर हैं। लोगों ने अपनी फसलें और मवेशी (जानवर) हमेशा के लिए खो दिए हैं। नागालैंड में भी लगातार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है।
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उत्तर प्रदेश का हाल: नदियां उफान पर, गांव टापू में तब्दील

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​उत्तर प्रदेश में भी लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियां उफान पर बह रही हैं।
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    ​फर्रुखाबाद की स्थिति: गंगा और रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से फर्रुखाबाद के 33 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे पढ़ाई ठप हो गई है।
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    ​बलिया और वाराणसी: बलिया जिले में सरयू नदी के कटान और बाढ़ के पानी में 27 घर डूब चुके हैं। वहीं, धर्मनगरी वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों का संपर्क टूट गया है और कई निचले मंदिरों में पानी भर गया है। प्रशासन लगातार नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
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वेदर एडवाइजरी (Safety Tips during Monsoon)

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​देश के कई हिस्सों में हालात बेहद खराब हैं। ऐसे में Khabreelal News आपसे अपील करता है कि निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें:
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    ​पहाड़ी यात्रा से बचें: जब तक मौसम साफ न हो जाए, चारधाम यात्रा या किसी भी पहाड़ी हिल स्टेशन (उत्तराखंड, हिमाचल) की यात्रा को टाल दें।
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    ​नदियों और घाटों से रहें दूर: उफनती नदियों, नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने या सेल्फी लेने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
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    ​मौसम के अपडेट्स लें: घर से बाहर निकलने से पहले अपने राज्य और शहर का 'मौसम पूर्वानुमान' (Weather Forecast) जरूर चेक करें।
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    ​इलेक्ट्रिक खंभों से दूरी: बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और लटकते तारों से उचित दूरी बनाए रखें।
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महत्वपूर्ण सूचना एवं डिस्क्लेमर (Disclaimer):

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इस न्यूज़ रिपोर्ट में दिए गए मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर आधारित हैं। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। यात्रा करने से पहले या किसी भी आपात स्थिति में कृपया स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और राज्य द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
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