लखनऊ, शनिवार: त्योहारी सीजन से ठीक पहले, योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने आज अपनी 184वीं बैठक में प्रदेश भर में 21 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल प्रदेश में हजारों नए घर और दुकानें बनेंगी, बल्कि बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।READ ALSO:-आगरा में पूर्व 'मिस्टर यूपी' ने की आत्महत्या, अपने ही जिम में फंदे से लटकी मिली लाश, फिटनेस जगत में शोक की लहर
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क्या है पूरा प्रोजेक्ट?
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यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में इस बड़े फैसले पर मुहर लगी। इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
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जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
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    कुल परियोजनाएं: 21
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    कुल निवेश: ₹7,035 करोड़
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    नई यूनिट्स: 10,866 (आवासीय और वाणिज्यिक)
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    क्या बनेगा?: इन यूनिट्स में फ्लैट्स, अपार्टमेंट्स, विला, प्लॉट्स के साथ-साथ दुकानें और अन्य कमर्शियल स्पेस शामिल होंगे।
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बड़े शहरों से छोटे कस्बों तक विकास की लहर
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रेरा अध्यक्ष डॉ. संजय भूसरेड्डी ने बताया कि ये परियोजनाएं केवल पारंपरिक बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। जहां एक ओर गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मथुरा जैसे शहरों में विकास को गति मिलेगी, वहीं बाराबंकी जैसे उभरते हुए जिले भी अब रियल एस्टेट के नक्शे पर मजबूती से अपनी जगह बना रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में अब संतुलित क्षेत्रीय विकास हो रहा है और तरक्की छोटे कस्बों तक भी पहुंच रही है।
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हर वर्ग का ध्यान, EWS के लिए भी होंगे घर
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इन परियोजनाओं की सबसे खास बात यह है कि इनमें समाज के हर वर्ग की जरूरतों का ध्यान रखा गया है।
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    आवासीय मिश्रण: इन 10,866 यूनिट्स में प्रीमियम विला से लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किफायती फ्लैट्स और प्लॉट्स तक शामिल हैं।
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    EWS कोटा: समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए इन परियोजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी एक हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
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    व्यावसायिक अवसर: बनने वाली दुकानें और वाणिज्यिक इकाइयां स्थानीय व्यवसायों और छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका देंगी।
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अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, बढ़ेंगे रोजगार
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₹7,035 करोड़ का यह भारी-भरकम निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बूस्टर डोज की तरह काम करेगा।
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    सहायक उद्योगों को लाभ: निर्माण क्षेत्र के साथ-साथ सीमेंट, स्टील, टाइल्स, पेंट, इलेक्ट्रिकल उपकरण और होम डेकोर जैसे दर्जनों सहायक उद्योगों में मांग बढ़ेगी।
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    रोजगार के अवसर: इन परियोजनाओं से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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रेरा अध्यक्ष ने कहा कि यह मंजूरी उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र की मजबूती और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है, जो प्रदेश के समग्र विकास को एक नई दिशा देगी।
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