उत्तर प्रदेश में आम जनता को वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बनाने वाली गैर-पंजीकृत वित्तीय संस्थाओं और अवैध लोन ऐप्स (Illegal Loan Apps) के खिलाफ सरकार ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संयोजित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) की 21वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि आर्थिक अपराधों में लिप्त किसी भी संस्था को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।READ ALSO:-यूपी में मानसून की धमाकेदार एंट्री: आज 1 जुलाई को मेरठ-सहारनपुर समेत 69 जिलों में भारी बारिश का महा-अलर्ट, तपती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अवैध वसूली और फर्जी बॉन्ड पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई

\r\n\r\n
आजकल डिजिटल दौर में कई गैर-पंजीकृत वित्तीय इकाइयां अत्यधिक और मनमानी ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करा रही हैं। आम लोगों से ऋण की आड़ में अतिरिक्त प्रोसेसिंग शुल्क (Processing Fee) वसूला जा रहा है और ऋण वसूली (Loan Recovery) के लिए अनैतिक, असभ्य और प्रताड़ना भरे तरीकों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मुख्य सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि ऐसी संस्थाओं के खिलाफ शिकायतें मिलने पर अब 'तत्काल प्रभावी कार्रवाई' (Immediate Action) की जाएगी। इसके साथ ही, बाजार में फर्जी सेविंग बांड (Fake Saving Bonds) जारी कर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली कंपनियों पर भी प्रशासन अब पैनी नजर रखेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आर्थिक अपराधों में त्वरित जांच और अभियोजन पर जोर

\r\n\r\n
वित्तीय घोटालों के मामलों में अक्सर जांच लंबी खिंच जाती है, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं। इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए सरकार ने प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं। अब आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में केवल एफआईआर (FIR) दर्ज करना काफी नहीं होगा, बल्कि:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शीघ्र जांच: मामलों की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रभावी अभियोजन: अदालत में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोष सिद्धि (Conviction): अपराधियों को सजा मिलने तक संबंधित अधिकारी पूरी तरह सक्रिय रहेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इन अपराधों में लिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर व समयबद्ध कार्रवाई को राज्य सरकार अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखेगी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

'सचेत' (Sachet) पोर्टल का प्रभावी उपयोग और प्रगति की जानकारी

\r\n\r\n
वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों के निपटारे को पारदर्शी बनाने के लिए आरबीआई के 'सचेत' (Sachet) पोर्टल का दायरा बढ़ाया जा रहा है। बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा न केवल समयबद्ध कार्रवाई की जाए, बल्कि उस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड भी किया जाए। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शिकायतकर्ता घर बैठे अपने प्रकरण की वर्तमान स्थिति (Progress Status) और की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खुफिया जानकारी (Intelligence) साझा करने और समन्वय पर बल

\r\n\r\n
वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए एजेंसियों के बीच तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में सक्रिय बहुराज्यीय सहकारी समितियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सूचनाओं का आदान-प्रदान: आर्थिक अपराध शाखा (EOW), रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (RCS) और पुलिस के बीच अनियमित रूप से जमा स्वीकार करने वाली कंपनियों और गैर-पंजीकृत संस्थाओं की अवैध वित्तीय गतिविधियों को लेकर आसूचना (Intelligence) साझा की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बेहतर समन्वय: वित्तीय व साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बैंकों, प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित सरकारी विभागों को मिलकर एक टीम की तरह काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आम जनता के लिए जागरूकता और वित्तीय साक्षरता

\r\n\r\n
कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आम जनता की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। बैठक में आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक राजीव द्विवेदी ने आम जनता में 'वित्तीय साक्षरता' (Financial Literacy) को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अधिकारियों ने आम नागरिकों से स्पष्ट अपील की है कि किसी भी लुभावनी निवेश योजना (Investment Scheme) में अपना धन लगाने से पहले:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    संबंधित कंपनी के सभी दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और उसके रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) का सत्यापन अवश्य करें।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में सचिव वित्त संदीप कौर, डीजीएम आरबीआई हैमन्ती सरकार, आईजी गीता सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्तीय अपराधों के खिलाफ इस साझा रणनीति को अमलीजामा पहनाने का संकल्प लिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आरबीआई की राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) की 21वीं बैठक में यूपी सरकार ने अवैध लोन ऐप्स, गैर-पंजीकृत वित्तीय संस्थाओं और फर्जी सेविंग बॉन्ड जारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में तय किया गया कि आर्थिक अपराधों में जांच से लेकर दोष सिद्धि (Conviction) तक अधिकारी सक्रिय रहेंगे। 'सचेत' पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच इंटेलिजेंस साझा कर वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम कसी जाएगी। जनता से निवेश से पूर्व सत्यापन करने की अपील की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें