उत्तर प्रदेश में एक तरफ सरकार 'भयमुक्त और अपराध मुक्त' राज्य बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी BJP से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं के समर्थकों की गुंडागर्दी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ये कार्यकर्ता न केवल सरेआम गुंडागर्दी करते हैं, बल्कि UP Police की मौजूदगी में भी लोगों को धमकाते हैं। मेरठ का विकल चपराना मामला इस सत्ता के नशे और पुलिस की निष्क्रियता का सबसे ताजा उदाहरण है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कानून के रखवालों के सामने ही यह सब हो रहा है, तो राज्य से गुंडाराज कैसे खत्म होगा?READ ALSO:-Meerut Breaking: सोमेंद्र तोमर के ऑफिस के नीचे पुलिस की मौजूदगी में युवक ने दी धमकी- “तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर, माफी मांग”; UP Police की भूमिका पर सवाल
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\r\nसत्ता का रसूख और कानून का डर खत्म
\r\nपिछले एक साल के दौरान पश्चिमी यूपी और अन्य बड़े शहरों—लखनऊ, कानपुर—में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने BJP के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के व्यवहार को कठघरे में खड़ा किया है। इन वारदातों में पुलिस की चुप्पी ने जनता के बीच डर और निराशा को बढ़ाया है।
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\r\n10 बड़े मामले जहाँ सरेआम हुई गुंडागर्दी और पुलिस रही मूकदर्शक:
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\r\n1. मेरठ: मंत्री के नाम पर नाक रगड़वाना (अक्टूबर 2025)
\r\nविवरण: ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के करीबी विकल चपराना ने मेरठ में एक पार्किंग विवाद में कार सवार युवक से हाथ जोड़कर माफी मंगवाई और सड़क पर नाक रगड़वाई।
\r\nपुलिस की भूमिका: मौके पर दारोगा गौरव सिंह समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद थे, जो मूकदर्शक बने रहे। वीडियो वायरल होने के बाद विकल चपराना को गिरफ्तार किया गया।
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\r\n2. लखनऊ: थाने में रिवॉल्वर और धमकी (जनवरी 2025)
\r\nविवरण: लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में खुद को BJP नेता बताने वाले एक शख्स ने पुलिस की मौजूदगी में एक पीड़ित परिवार को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया और अभद्रता की।
\r\nदोष: UP Police ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, बल्कि नेता को शांत करने की कोशिश करती रही।
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\r\n3. कानपुर: ट्रैफिक होमगार्ड से अभद्रता (अक्टूबर 2025)
\r\nविवरण: कानपुर में एक BJP नेता ने नो सिग्नल पर गाड़ी रोकने के बाद ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड से अभद्रता की, उन्हें गालियां दीं और वर्दी उतरवाने की धमकी दी।
\r\nपुलिस की मजबूरी: नेता ने खुद को सांसद का रिश्तेदार बताया, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिसकर्मी बीच सड़क पर बेबस नजर आए।
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\r\n4. बलिया: ट्रेन बोगी में यात्री से मारपीट (जून 2025)
\r\nविवरण: BJP विधायक के कथित समर्थकों ने रेलवे की एग्जीक्यूटिव कोच में सीट न बदलने पर एक बुजुर्ग यात्री की पिटाई की और उनकी नाक तुड़वा दी।
\r\nपुलिस की भूमिका: रेलवे पुलिस (GRP) ने राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर और जांच में देरी की।
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\r\n5. कासगंज: लेखपाल को गाली और दबंगई (अगस्त 2025)
\r\nविवरण: कासगंज में BJP जिला पंचायत अध्यक्ष के पति ने थाना दिवस पर एक लेखपाल को सरेआम 'सबसे बड़ा गुंडा' बताते हुए गालियां दीं और धमकाया।
\r\nविरोध: इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लेखपालों के संगठनों में आक्रोश फैल गया था।
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\r\n6. बरेली: रेप की धमकी का आरोप (सितंबर 2024)
\r\nविवरण: BJP के एक कार्यकर्ता पर एक महिला कांग्रेस नेता को रेप की धमकी देने का आरोप लगा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ।
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\r\n7. संतकबीर नगर: पार्टी बैठक में जूते-चप्पल (दिसंबर 2018)
\r\nविवरण: संतकबीर नगर में BJP सांसद और उनके ही पार्टी के विधायक के बीच बैठक के दौरान जमकर मारपीट हुई और एक-दूसरे पर जूते बरसाए गए। यह घटना पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता को दर्शाती है।
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\r\n8. टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी:
\r\nविवरण: BJP विधायक के भतीजों द्वारा टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ करने और कर्मचारियों को धमकाने की कई खबरें सामने आ चुकी हैं, जहाँ पुलिस बल भी मौन रहा।
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\r\n9. लखनऊ: ₹120 के लिए मारपीट (जनवरी 2025)
\r\nविवरण: लखनऊ में एक कथित BJP नेता ने मात्र ₹120 के विवाद को लेकर एक परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपी नेता ने खुलेआम धौंस दिखाई।
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\r\n10. उन्नाव: विधायक पर गंभीर आरोप (2018-2019)
\r\nविवरण: विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार और पीड़िता के परिवार के सदस्य की मौत के गंभीर आरोप लगे थे, जिसने देश भर में BJP की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया था।
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\r\nगुंडाराज कैसे खत्म होगा?
\r\nये 10 मामले दर्शाते हैं कि यूपी पुलिस को 'भयमुक्त' माहौल बनाने के लिए न केवल अपराधियों, बल्कि खुद सत्ताधारी दल के दबंग कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी। जब तक राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की चुप्पी जारी रहेगी, गुंडाराज खत्म करने का दावा सिर्फ एक चुनावी नारा ही बना रहेगा।
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