लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रहने वाले नागरिकों, स्कूली बच्चों, बैंक कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने ईद-उल-अजहा यानी बकरीद (Bakrid 2026) के त्योहार को लेकर घोषित किए गए सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) की तारीख में संशोधन किया है। अगर आपने भी 27 मई की छुट्टी को ध्यान में रखकर अपना कोई रूटीन या ट्रिप प्लान किया था, तो आपको उसमें बदलाव करना होगा।READ ALSO:-मेरठ के बिजली विभाग में संवेदनहीनता की हदें पार: लाइनमैन की मौत के एक साल बाद भी अटका मुआवजा, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग पर अड़ा यूनियन
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मंगलवार को उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई है, जिसमें छुट्टी की तारीख बदलने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं शासन के इस नए आदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) द्वारा त्योहार के लिए जारी की गई कढ़ी गाइडलाइंस के बारे में।
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क्यों बदला गया बकरीद की छुट्टी का दिन?
\r\n\r\nदरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 17 नवंबर 2025 को वर्ष 2026 की आधिकारिक सरकारी अवकाश सूची (Holiday List) जारी की गई थी। इस विज्ञप्ति (संख्या-671/तीन-2025-39(2)/2016) के क्रमांक-12 में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की छुट्टी 27 मई (बुधवार) को तय की गई थी। लेकिन मुस्लिम कैलेंडर के अनुसार, इस्लामिक त्योहारों की सटीक तारीख हमेशा चांद (Moon) के दीदार (दिखने) पर निर्भर करती है, इसलिए इन छुट्टियों को हमेशा 'परिवर्तनीय' (Subject to Change) श्रेणी में रखा जाता है।
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चूंकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश भर में बकरीद का पर्व 27 मई की बजाय 28 मई (गुरुवार) को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा, इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने छुट्टी की तारीख में तत्काल प्रभाव से संशोधन कर दिया है।
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शासन का आधिकारिक आदेश जारी: 28 मई को सब रहेगा बंद
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव एसवीएस रंगा राव द्वारा मंगलवार को इस संबंध में एक नया और संशोधित आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब 28 मई (गुरुवार) को पूरे उत्तर प्रदेश में बकरीद का पूर्ण सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
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इस दिन प्रदेश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और सभी बैंक पूरी तरह से बंद रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे सूबे में लागू कर दिया गया है।
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प्रशासनिक सुगमता और सूचना के त्वरित प्रसार के लिए, इस संशोधित आदेश की प्रतिलिपि (Copy) राज्य के सभी बड़े विभागों को भेज दी गई है। इनमें सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, उच्च न्यायालय प्रयागराज, महालेखाकार, सभी मंडलायुक्त, सभी जिलों के जिलाधिकारी (DMs), विधान सभा, विधान परिषद, भारत सरकार के वित्त व गृह मंत्रालय, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कानपुर व लखनऊ शामिल हैं।
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CM योगी का कड़ा फरमान: 'सड़क पर नमाज नहीं, प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं'
\r\n\r\nईद-उल-अजहा के त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही एक्शन मोड में हैं। छुट्टी की तारीख बदलने से पहले, 24 मई को सीएम योगी ने राज्य के सभी शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने त्योहार को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए और कुछ सख्त नियम लागू किए हैं:
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- \r\n सड़क पर नमाज पूर्णतः प्रतिबंधित: मुख्यमंत्री योगी ने बिल्कुल दो टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि नमाज केवल ईदगाहों, मस्जिदों या अन्य परंपरागत और तयशुदा स्थानों पर ही अदा की जाए। किसी भी स्थिति में सड़क मार्ग को अवरुद्ध (Block) करके या यातायात रोककर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी नहीं: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बकरीद के अवसर पर किसी भी सार्वजनिक स्थल (Public Place), खुले मैदान या रास्तों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। कुर्बानी केवल घरों या पहले से तय किए गए सुरक्षित स्थानों पर ही होनी चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर जीरो टॉलरेंस: सीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य में प्रतिबंधित पशुओं (जैसे गौवंश आदि) की कुर्बानी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया या किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया, तो पुलिस उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगी।\r\n \r\n
- \r\n अपशिष्ट निस्तारण (Waste Management) की पुख्ता व्यवस्था: त्योहार के बाद गंदगी न फैले और बीमारियां न पनपें, इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों और नगर निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट (कचरे/अवशेष) के सुरक्षित निस्तारण (Disposal) की सुनियोजित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला न केवल त्योहार की सही तारीख के साथ तालमेल बिठाता है, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की गंभीरता को भी दर्शाता है। 28 मई को छुट्टी की नई घोषणा से अब लोगों को अपने त्योहार की तैयारियां करने में आसानी होगी। पुलिस और प्रशासन भी मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट पर है, ताकि ईद-उल-अजहा का यह पावन पर्व आपसी भाईचारे और शांति के साथ संपन्न हो सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.