लखनऊ (एजुकेशन डेस्क): उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने और युवाओं को सरकारी नौकरी (Government Jobs) के बेहतरीन अवसर प्रदान करने की दिशा में शासन ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के मकसद से 126 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी गई है।READ ALSO:-उत्तराखंड के चमोली में कुदरत का महाप्रलय: एक ही जगह 3 बार फटा बादल, तिनके की तरह बहा BRO का वैली ब्रिज, 17 गांव कैद, लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश
\r\n\r\n\r\n\r\n
सबसे बड़ी और राहत देने वाली खबर उन लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। इन नए स्कूलों के संचालन के लिए शासन ने प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षक और लिपिक के कुल 1,810 नए पदों का सृजन कर दिया है। यह फैसला प्रदेश में शिक्षा के आधुनिकीकरण के साथ-साथ रोजगार के मोर्चे पर भी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\nप्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) की बड़ी भूमिका
\r\n\r\nइन 126 नए विद्यालयों का निर्माण कोई आम प्रोजेक्ट नहीं है। दरअसल, इन सभी स्कूलों का निर्माण 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' (Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram - PMJVK) के तहत किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की सुविधाएं पहुंचाना है, जो विकास की मुख्यधारा से थोड़ा पीछे रह गए हैं। इन 126 नए विद्यालयों में शामिल हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 68 राजकीय इंटर कॉलेज (Government Inter Colleges - GIC) (बालक-बालिका)\r\n \r\n
- \r\n 58 राजकीय हाईस्कूल (Government High Schools)\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
इन सभी नवनिर्मित और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालयों का निर्माण पूरा करके माध्यमिक शिक्षा विभाग को इनका सफलतापूर्वक हस्तांतरण (Handover) कर दिया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n1810 बंपर पदों का पूरा गणित: किसे मिलेगा क्या?
\r\n\r\nनए स्कूल बन गए, लेकिन वहां शिक्षा की लौ जगाने के लिए योग्य शिक्षकों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने 1,810 नियमित (Permanent) पदों का सृजन किया है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य के युवाओं के लिए सरकारी शिक्षक बनने का एक और बड़ा द्वार खुल गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\nपदों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n प्रधानाचार्य (Principal - GIC): 68 पद\r\n \r\n
- \r\n प्रधानाध्यापक (Headmaster - GHS): 58 पद\r\n \r\n
- \r\n प्रवक्ता (Lecturer - PGT): 680 पद\r\n \r\n
- \r\n सहायक अध्यापक (Assistant Teacher - LT Grade): 819 पद\r\n \r\n
- \r\n कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant/Clerk): 185 पद\r\n \r\n
\r\n\r\n
कैसे होगी इन 1810 पदों पर भर्ती? (UPPSC Recruitment Process)
\r\n\r\nमाध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक, इन 1,810 सृजित पदों को भरने के लिए पारदर्शी और स्पष्ट नीति अपनाई जाएगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 50% पदों पर सीधी भर्ती: सृजित किए गए कुल पदों में से 50 फीसदी पद 'सीधी भर्ती' (Direct Recruitment) के माध्यम से भरे जाएंगे। यह जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को सौंपी जाएगी। यानी जल्द ही UPPSC के कैलेंडर में आपको एलटी ग्रेड (LT Grade) और जीआईसी प्रवक्ता (GIC Lecturer) की बंपर वैकेंसी देखने को मिल सकती है।\r\n \r\n
- \r\n 50% पदों पर होगा प्रमोशन: बाकी बचे 50 फीसदी पदों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में पहले से कार्यरत योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) के जरिए भरा जाएगा। इससे सेवारत शिक्षकों के करियर ग्राफ को भी नई ऊंचाई मिलेगी।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
नए सत्र (2026-27) से बजेगी स्कूल की घंटी: प्रवेश प्रक्रिया की डिटेल
\r\n\r\nइन विद्यालयों की शानदार इमारतों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बच्चों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी। विभाग ने प्रवेश की जो रूपरेखा तैयार की है, वह बेहद सुव्यवस्थित है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n शुरुआती चरण में, इन सभी 126 स्कूलों में कक्षा 6 और कक्षा 9 में सीधे प्रवेश (Admissions) लिए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n प्रति विद्यालय कक्षा 6 और कक्षा 9 में 80-80 छात्रों का बैच तैयार किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को इन सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। प्रवेश के लिए आवश्यक कागजी और प्रशासनिक प्रक्रिया बहुत जल्द पूरी की जाएगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
छात्रों को मिलेंगे कौन-कौन से विषय? (Subject Combinations)
\r\n\r\nइन राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) को सिर्फ कला वर्ग (Arts Stream) तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां विज्ञान (Science) और आधुनिक शिक्षा का पूरा जोर होगा। छात्रों को निम्नलिखित विषयों में निपुण बनाने की तैयारी है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n भाषा: हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत\r\n \r\n
- \r\n विज्ञान वर्ग: भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology), गणित (Maths)\r\n \r\n
- \r\n मानविकी वर्ग: इतिहास (History), नागरिक शास्त्र (Civics), अर्थशास्त्र (Economics), सामाजिक विज्ञान (Social Science)\r\n \r\n
- \r\n आधुनिक शिक्षा: कंप्यूटर विज्ञान (Computer Science)\r\n \r\n
\r\n\r\n
कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई अनिवार्य रूप से कराई जाएगी ताकि ग्रामीण अंचल के बच्चे भी डिजिटल इंडिया की दौड़ में कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
\r\n\r\n\r\n\r\n
किन जिलों की चमकी किस्मत? (District-wise Beneficiaries)
\r\n\r\nइन 126 विद्यालयों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थापित किया गया है, जिससे पूरे राज्य में शिक्षा का समान विकास हो सके। जिन प्रमुख जिलों को इन नए राजकीय विद्यालयों का तोहफा मिला है, उनकी सूची इस प्रकार है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n बलरामपुर (Balrampur): 7 विद्यालय (सबसे अधिक लाभ वाले जिलों में से एक)\r\n \r\n
- \r\n सुल्तानपुर (Sultanpur): 4 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n बहराइच (Bahraich): 3 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n बाराबंकी (Barabanki): 3 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n अयोध्या (Ayodhya): 2 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n अमेठी (Amethi): 1 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n गोंडा (Gonda): 1 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n लखनऊ (Lucknow): 1 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n सीतापुर (Sitapur): 1 विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n रायबरेली (Raebareli): 1 विद्यालय (इसके अलावा भी प्रदेश के अन्य जिलों में विद्यालय आवंटित किए गए हैं।)\r\n \r\n
\r\n\r\n
प्रतियोगी छात्रों के लिए क्यों है यह 'गोल्डन चांस'?
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में एलटी ग्रेड (LT Grade Teacher) और जीआईसी लेक्चरर की भर्ती का युवा वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। इन 1810 नए पदों के सृजन से अब यह साफ हो गया है कि शिक्षा विभाग में भर्तियों का सूखा खत्म होने वाला है। जो भी अभ्यर्थी B.Ed, TET या संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके हैं, उन्हें अपनी तैयारी अभी से तेज कर देनी चाहिए। चूंकि आधी भर्ती UPPSC के माध्यम से होगी, इसलिए प्रतिस्पर्धा (Competition) काफी कड़ी रहने वाली है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश सरकार का 126 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना और 1,810 नए पदों के सृजन का यह कदम 'एक तीर से दो निशाने' लगाने जैसा है। एक तरफ जहां ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों को अपने घर के पास ही उत्कृष्ट और आधुनिक शिक्षा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ रोजगार के मोर्चे पर प्रदेश के हजारों होनहार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा। सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले इस मिशन का असर आने वाले दशकों में प्रदेश के समग्र विकास पर साफ दिखाई देगा।



Sabse pehle comment karne wale banein.