उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार रात हुए एक भीषण रामपुर कार हादसा में 23 वर्षीय महिला सिपाही और उनके दो साल के मासूम बेटे की कार में जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। यह परिवार अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से नैनीताल की छुट्टियां मनाकर वापस अपने घर लौट रहा था। तभी गंज थाना क्षेत्र में एक बेकाबू डंपर ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के तुरंत बाद कार की पेट्रोल टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। इस खौफनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।READ ALSO:-बिजनौर का खौफनाक हादसा: शहनाई की गूंज के बीच पसरा मातम, शादी से लौट रहे युवकों की बोलेरो नहर में समाई, 2 की दर्दनाक मौत और 4 एम्स रेफर
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हादसे के वक्त कार में महिला सिपाही का पति और देवर भी मौजूद थे, जो किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन पीछे बैठी महिला सिपाही और उनका बेटा लॉक हुए दरवाजों के बीच फंस गए। पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हृदयविदारक रामपुर कार हादसा ने सड़क सुरक्षा और वाहनों में लगने वाली आग के प्रति कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कैसे हुआ यह खौफनाक रामपुर कार हादसा?
\r\n\r\nरामपुर के मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव के रहने वाले दान सिंह का परिवार बुधवार सुबह खुशी-खुशी नैनीताल घूमने के लिए निकला था। दान सिंह, जो कि किराए पर गाड़ियां चलवाने का काम करते हैं, अपनी पत्नी लता (23 वर्ष), 2 साल के बेटे लट्टू और ममेरे भाई रवि के साथ 100 किलोमीटर दूर नैनीताल गए थे। लता उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर श्रावस्ती जिले में तैनात थीं और छुट्टी पर घर आई हुई थीं।
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दिनभर नैनीताल की वादियों में घूमने के बाद, परिवार उसी दिन शाम को वापस रामपुर के लिए निकल पड़ा। कार दान सिंह चला रहे थे, उनके बगल वाली आगे की सीट पर उनका ममेरा भाई रवि बैठा था। पीछे की सीट पर महिला सिपाही लता अपने दो साल के बेटे लट्टू के साथ आराम कर रही थीं।
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रात करीब 11 बजे, जब उनकी कार काशीपुर के आंगा गांव के पास पहुंची, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक डंपर ने उनकी स्विफ्ट डिजायर कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डंपर कार के पिछले हिस्से से रगड़ता हुआ निकल गया, जिससे कार के पिछले दरवाजे लॉक हो गए और पेट्रोल की टंकी फट गई।
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टक्कर के बाद आग का गोला बनी कार
\r\n\r\nटंकी फटने के चंद सेकंड के भीतर ही कार में भयानक आग लग गई। आगे बैठे दान सिंह और रवि ने किसी तरह फुर्ती दिखाते हुए अपने दरवाजे खोले और जलती हुई कार से बाहर कूद गए। लेकिन असली त्रासदी पीछे की सीट पर हो रही थी। डंपर की टक्कर मुख्य रूप से पीछे के हिस्से में हुई थी, जिसके कारण पीछे के दरवाजे पूरी तरह से जाम (Lock) हो गए।
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महिला सिपाही लता अपने दो साल के बच्चे को सीने से लगाए बाहर निकलने की जद्दोजहद करती रही। बाहर खड़े पति दान सिंह और देवर रवि चीखते-चिल्लाते रहे, आग की लपटों के बीच पत्नी और बच्चे को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग इतनी विकराल रूप ले चुकी थी कि वे कुछ नहीं कर सके।
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इस खौफनाक रामपुर कार हादसा के वक्त घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर एक पेट्रोल पंप स्थित था। कार से उठती ऊंची लपटों और लोगों की चीख-पुकार सुनकर पेट्रोल पंप के कर्मचारी तुरंत फायर एक्स्टिंग्युशर लेकर दौड़े। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, और इसी बीच किसी ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी।
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पुलिस और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nसूचना मिलते ही गंज थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। (External link: source URL) दमकल कर्मियों ने तुरंत पानी की बौछारें शुरू कीं। करीब 10 से 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद कार में लगी आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक स्विफ्ट डिजायर कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।
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कार के अंदर का मंजर देखकर वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई। पुलिस ने आनन-फानन में महिला सिपाही लता और उनके बेटे को कार से बाहर निकाला। दुर्भाग्य से, 2 साल के मासूम लट्टू की मौके पर ही झुलसने से मौत हो चुकी थी। लता की सांसें चल रही थीं, लेकिन वे बहुत बुरी तरह से जल चुकी थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अनुराग सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे।
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पुलिस ने तुरंत लता, घायल पति दान सिंह और देवर रवि को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लता की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत बरेली रेफर कर दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; बरेली अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही महिला सिपाही लता ने भी दम तोड़ दिया।
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दान सिंह का दर्द: पहली पत्नी की भी हादसे में गई थी जान
\r\n\r\nइस रामपुर कार हादसा का सबसे दुखद और हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि दान सिंह के जीवन में यह पहला बड़ा सड़क हादसा नहीं था। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दान सिंह की पहली पत्नी रजनी सिंह की मौत भी एक सड़क हादसे में ही हुई थी।
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साल 2017 में दान सिंह की शादी शाहबाद तहसील के पस्तोर गांव की रजनी से हुई थी। 18 दिसंबर 2020 को मिलक थाना क्षेत्र के रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रॉन्ग साइड से आ रही एक रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी थी। उस वक्त बाइक पर दान सिंह और रजनी सवार थे। उस दर्दनाक हादसे में रजनी की मौत हो गई थी, जबकि दान सिंह का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया था। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी ज्योत्स्ना है, जो अभी फर्स्ट क्लास में पढ़ती है।
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पहली पत्नी की मौत के सदमे से उबरने के बाद, 15 जून 2022 को दान सिंह ने सीतापुर की रहने वाली लता से दूसरी शादी की थी। लता पुलिस विभाग में सिपाही थीं और दोनों का जीवन फिर से पटरी पर लौट रहा था। उनका दो साल का एक प्यारा सा बेटा भी था। लेकिन इस बुधवार की रात हुए रामपुर कार हादसा ने दान सिंह से उनका सब कुछ फिर से छीन लिया।
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घायलों की जुबानी: उस रात क्या हुआ था?
\r\n\r\nअस्पताल में भर्ती घायल देवर रवि ने रोते हुए मीडिया को इस भयानक रात की पूरी कहानी बताई। रवि ने बताया, "हमने दो हफ्ते पहले ही नई कार खरीदी थी। मंगलवार को ही हम मथुरा घूमकर लौटे थे और मैं बहुत थक गया था। बुधवार सुबह जब दान सिंह ने नैनीताल चलने को कहा, तो मैंने गाड़ी चलाने से मना कर दिया था, लेकिन फिर भी मैं उनके साथ चला गया।"
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रवि ने आगे बताया, "मिलक से बिलासपुर तक दान सिंह ने गाड़ी चलाई, फिर बिलासपुर से नैनीताल तक मैंने ड्राइव किया। वापस लौटते वक्त मेरी तबीयत थोड़ी खराब लग रही थी, तो मैंने गाड़ी दान सिंह को दे दी और मैं आगे की सीट पर सो गया। तभी अचानक एक बहुत जोर की आवाज आई। सामने से आ रहे डंपर ने हमारी कार में साइड से टक्कर मार दी थी। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। मैं और दान सिंह किसी तरह गेट खोलकर बाहर गिर पड़े, लेकिन पीछे का गेट नहीं खुला। हम कुछ नहीं कर पाए और भाभी और भतीजा अंदर ही जल गए।"
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वहीं, अपना परिवार खो चुके दान सिंह ने बताया, "पत्नी पीछे सो रही थी और बेटा जाग रहा था। डंपर चालक की लापरवाही ने मेरी पूरी दुनिया उजाड़ दी। हादसे के बाद वह रुका नहीं और डंपर लेकर भाग गया। मैं प्रशासन से मांग करता हूं कि आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।"
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डंपर चालक की तलाश में जुटी पुलिस
\r\n\r\nइस भयावह रामपुर कार हादसा के बाद आरोपी डंपर चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। हादसे के बाद काशीपुर रोड पर काफी लंबा जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने जली हुई कार को साइड करवाकर खुलवाया।
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पुलिस ने अब डंपर चालक की तलाश तेज कर दी है। घटनास्थल के आसपास और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि डंपर का नंबर और उसकी पहचान की जा सके। गंज थाना पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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कार में आग लगने के कारण और बचाव
\r\n\r\nयह रामपुर कार हादसा केवल एक खबर नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक चेतावनी है जो कार चलाता है। वाहनों में आग लगने की घटनाएं (Car Fire Incidents) लगातार बढ़ रही हैं। जब डंपर ने कार को टक्कर मारी, तो स्पार्क पैदा हुआ और उसी समय पेट्रोल की टंकी फटने से फ्यूल लीक हो गया। स्पार्क और पेट्रोल के संपर्क में आते ही कार ने तुरंत आग पकड़ ली।
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आधुनिक कारों में सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम होता है, जो एक्सीडेंट या आग लगने की स्थिति में इलेक्ट्रिकल वायरिंग के जल जाने के कारण अक्सर फेल हो जाता है और दरवाजे जाम हो जाते हैं।
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कार में आग लगने पर तुरंत क्या कदम उठाएं? सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कभी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़े, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जीवन रक्षक हो सकता है:
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- \r\n इग्निशन तुरंत बंद करें: कार रोकते ही सबसे पहले चाबी निकालें या इग्निशन बंद करें, ताकि फ्यूल पंप और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की सप्लाई तुरंत बंद हो जाए।\r\n \r\n
- \r\n जल्द से जल्द बाहर निकलें: बिना कोई कीमती सामान लिए सभी यात्री तुरंत कार से बाहर निकलें और कम से कम 30-40 मीटर की सुरक्षित दूरी बना लें।\r\n \r\n
- \r\n बोनट कभी न खोलें: यदि धुआं इंजन की तरफ से आ रहा है, तो बोनट को खोलने की गलती न करें। बोनट खोलने से आग को अचानक भारी मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है, जिससे लपटें तेजी से भड़क सकती हैं और व्यक्ति झुलस सकता है।\r\n \r\n
- \r\n शीशा तोड़ने वाला टूल: हमेशा कार के केबिन में एक छोटा 'ग्लास ब्रेकर हैमर' (Glass breaker hammer) रखें। सेंट्रल लॉकिंग फेल होने पर यह खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकलने में बहुत मदद करता है।\r\n \r\n
- \r\n सीएनजी वाहनों के लिए सावधानी: यदि गाड़ी सीएनजी है, तो सबसे पहले सीएनजी सप्लाई पाइप या वाल्व को बंद करने का प्रयास करें।\r\n \r\n
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रामपुर में हुआ यह हादसा शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक हंसता-खेलता परिवार चंद सेकंड की लापरवाही और तकनीकी विफलता की भेंट चढ़ गया। यह रामपुर कार हादसा हमें सिखाता है कि सड़क पर सुरक्षा केवल हमारे हाथ में नहीं होती, सामने वाले की एक गलती भी हमारी जान ले सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह फरार डंपर चालक को पकड़कर सख्त से सख्त सजा दे ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। इसके साथ ही, ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी कारों के सेफ्टी मैकेनिज्म, खासकर दुर्घटना के समय दरवाजों के जाम होने की समस्या पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। हमारी गहरी संवेदनाएं दान सिंह और उनके परिवार के साथ हैं।
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यूपी के रामपुर जिले में एक दुखद सड़क हादसे में 23 वर्षीय महिला सिपाही लता और उनके 2 वर्षीय बेटे की कार में जलकर मौत हो गई। नैनीताल से लौटते वक्त एक बेकाबू डंपर ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे पेट्रोल की टंकी फट गई और कार में भीषण आग लग गई। आगे बैठे पति दान सिंह और देवर रवि जान बचाने में सफल रहे, लेकिन पिछले दरवाजे लॉक होने के कारण मां-बेटे अंदर ही फंस गए। पुलिस फरार डंपर चालक की तलाश कर रही है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.