नोएडा (पब्लिक ट्रांसपोर्ट डेस्क): दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो सेवाओं में लगातार आधुनिक बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच चलने वाली 'एक्वा लाइन मेट्रो' (Aqua Line Metro) में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है।READ ALSO:- फैक्ट चेक: क्या नए नियमों से बंद हो जाएंगे 11 करोड़ टीवी और 6 गुना महंगा होगा केबल-DTH? जानें सोशल मीडिया पर वायरल दावे का पूरा सच
\r\n\r\n\r\n\r\n
अक्सर यात्रियों को इस बात की शिकायत रहती थी कि दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड नोएडा की एक्वा लाइन में नहीं चलता, जिसके कारण उन्हें लाइन में लगकर अलग से टिकट या कार्ड लेना पड़ता है। लेकिन अब इस झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) यानी 'वन नेशन-वन कार्ड' की सुविधा शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत एक्वा लाइन के सभी स्टेशनों पर लगे पुराने ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेटों को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। आइए, इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत, टेंडर प्रक्रिया और यात्रियों को होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है 'वन नेशन-वन कार्ड' (NCMC) सुविधा?
\r\n\r\nनेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) भारत सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए एक ही कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराना है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n एक कार्ड, अनेक काम: इस सुविधा के शुरू होने के बाद, यात्रियों को बस, मेट्रो, या टोल टैक्स के लिए अलग-अलग कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी।\r\n \r\n
- \r\n सभी मेट्रो में मान्य: आपके बैंक द्वारा जारी किया गया NCMC रूपे (RuPay) कार्ड या दिल्ली मेट्रो का NCMC कार्ड अब सीधे नोएडा की एक्वा लाइन पर भी काम करेगा। आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड (जिनमें NCMC फीचर हो) को भी स्मार्ट कार्ड की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे।\r\n \r\n
\r\n\r\n
23 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड होंगे 200 एएफसी (AFC) गेट
\r\n\r\nNMRC ने इस सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्तमान में एक्वा लाइन के गेट इस 'यूनिवर्सल कार्ड' को रीड करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए सिस्टम में एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
परियोजना के मुख्य आंकड़े (एक नज़र में):
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n आंकड़े / जानकारी \r\n | \r\n
|---|---|
| \r\n मेट्रो लाइन का नाम \r\n | \r\n \r\n एक्वा लाइन (नोएडा से ग्रेटर नोएडा) \r\n | \r\n
| \r\n अपग्रेड होने वाले स्टेशन \r\n | \r\n \r\n सभी 21 मेट्रो स्टेशन \r\n | \r\n
| \r\n कुल AFC गेटों की संख्या \r\n | \r\n \r\n 200 गेट \r\n | \r\n
| \r\n परियोजना की अनुमानित लागत \r\n | \r\n \r\n लगभग 23 करोड़ रुपये \r\n | \r\n
| \r\n टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि \r\n | \r\n \r\n 30 जुलाई 2026 \r\n | \r\n
\r\n\r\n
NMRC ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर (Tender) जारी कर दिया है। तकनीकी क्षेत्र की इच्छुक और योग्य कंपनियां 30 जुलाई तक इस प्रोजेक्ट के लिए अपने आवेदन जमा कर सकती हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) की कनेक्टिविटी है मुख्य लक्ष्य
\r\n\r\nNMRC द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे एक बहुत बड़ी दूरगामी सोच छिपी है। नोएडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही वहां से उड़ानें शुरू होने वाली हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
भविष्य में देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट से नोएडा और दिल्ली तक का सफर तय करना होगा। ऐसे में विदेशी या दूसरे राज्यों के यात्रियों के पास हर शहर का अलग मेट्रो कार्ड होना संभव नहीं है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को ध्यान में रखते हुए ही यात्रियों को एक आधुनिक, सुगम और 'एकीकृत टिकटिंग सुविधा' (Integrated Ticketing System) उपलब्ध कराने के लिए यह मास्टरप्लान तैयार किया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मौजूदा AFC गेटों में आ रही तकनीकी दिक्कतों से मिलेगा छुटकारा
\r\n\r\nएक्वा लाइन पर यात्रियों की एक बड़ी समस्या मौजूदा गेटों में आने वाली तकनीकी खराबियां रही हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 2019 की तकनीक: आपको बता दें कि एक्वा लाइन पर मेट्रो सेवा की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। उसी समय स्टेशनों पर ये AFC गेट लगाए गए थे।\r\n \r\n
- \r\n ऐप-आधारित अपग्रेड: बीच के वर्षों में NMRC ने QR कोड और मोबाइल ऐप आधारित टिकटिंग सुविधाओं के लिए इन गेटों के सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया था।\r\n \r\n
- \r\n बार-बार खराब होना: सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बावजूद, कई स्टेशनों पर स्कैनर के काम न करने या गेटों के अचानक फंस जाने (Technical Glitches) की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
नए अपग्रेड के बाद, पुरानी मशीनरी और सेंसर को आधुनिक तकनीक से रिप्लेस कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को एंट्री और एग्जिट के समय स्कैनर पर कार्ड या फोन लगाते ही अधिक तेज, सुरक्षित और निर्बाध टिकटिंग सुविधा मिलने की उम्मीद है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
4 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी होगी एजेंसी की: NMRC
\r\n\r\nइस पूरी परियोजना को लेकर नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जिस भी एजेंसी (Company) को इस टेंडर का ठेका मिलेगा, उसकी जिम्मेदारी केवल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने तक ही सीमित नहीं रहेगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कार्यकारी निदेशक ने कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"चयनित एजेंसी एक्वा लाइन के सभी 200 एएफसी गेटों को नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के अनुरूप तैयार करेगी। इसके अलावा, अपग्रेडेशन के बाद अगले चार (4) वर्षों तक इन सभी गेटों की देखरेख (Maintenance) और तकनीकी रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी के पास रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्रियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।"\r\n
\r\n\r\n
आम यात्रियों को क्या होंगे सीधे फायदे?
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n समय की भारी बचत: टोकन या नया कार्ड लेने के लिए अब यात्रियों को टिकट काउंटर की लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।\r\n \r\n
- \r\n सहूलियत (Convenience): अगर आप दिल्ली से नोएडा आ रहे हैं, तो दिल्ली मेट्रो का कार्ड (NCMC वाला) ही एक्वा लाइन पर काम करेगा। जेब में कई कार्ड रखने का झंझट खत्म।\r\n \r\n
- \r\n स्मार्ट पेमेंट: यात्री अपने NCMC-सक्षम डेबिट/क्रेडिट कार्ड को सीधे गेट पर टैप करके सफर कर सकेंगे और किराया सीधे उनके बैंक खाते से कट जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो का यह कदम पूरे एनसीआर (NCR) की परिवहन व्यवस्था को एक धागे में पिरोने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 30 जुलाई को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही काम धरातल पर दिखने लगेगा। वह दिन अब दूर नहीं जब आप सिर्फ एक स्मार्ट कार्ड से पूरे भारत के किसी भी कोने में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सफर आसानी से कर सकेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.