लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश ने अब अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक ओर जहां गोरखपुर में महज चंद घंटों की बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया है, वहीं पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए विस्तार से जानते हैं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पूर्वी यूपी (UP East) और पश्चिमी यूपी (UP West) के मौसम का ताजा हाल।READ ALSO:-बिजनौर में खौफ का अंत: शिवाला कलां में पिंजरे में कैद हुआ खूंखार गुलदार, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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गोरखपुर में जल प्रलय जैसे हालात: 6 घंटे में 110 मिमी. बारिश

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पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर गोरखपुर में शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने शनिवार सुबह तक तबाही का मंजर ला दिया। सुबह 7 बजे तक महज 6 घंटे के भीतर शहर में 110 मिलीमीटर की जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। इस मूसलाधार बारिश के कारण:
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    सड़कें बनीं तालाब: शहर की प्रमुख सड़कें, गलियां और रिहायशी कॉलोनियां पूरी तरह से पानी में डूब गईं। जलभराव का आलम यह था कि कारें और बाइकें आधी से ज्यादा पानी में डूबी नजर आईं, और कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए।
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    अस्पताल और दुकानों में घुसा पानी: जिला अस्पताल की ओपीडी (OPD) में पानी भर जाने से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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    नाले ने मचाई तबाही: शाहपुर इलाके में राप्ती कॉम्प्लेक्स के पास एक बड़ा नाला फूट गया। इसके कारण कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित 200 से अधिक दुकानों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों का लाखों का नुकसान हुआ है। शहर के प्रमुख चौराहों पर 4 फीट तक जलभराव की स्थिति बन गई।
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    सरयू नहर टूटी: ग्रामीण इलाकों में सरयू नहर का तटबंध टूटने से किसानों की कई बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है।
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नदियां उफान पर: प्रयागराज से लेकर काशी तक बाढ़ का अलर्ट

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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर नदियों के जलस्तर पर पड़ रहा है। प्रयागराज के संगम तट पर गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर लोगों और श्रद्धालुओं को नदी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
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18 जुलाई 2026 (सुबह 8 बजे) के ताजा आंकड़े:

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    फाफामऊ (गंगा): 38.4 मिमी बारिश के बाद यहाँ गंगा का जलस्तर 77.89 मीटर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में यहाँ सबसे ज्यादा 20 सेंटीमीटर का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
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    छत्रनाग (गंगा): यहाँ गंगा का जलस्तर 9 सेमी बढ़कर 73.55 मीटर (बारिश 36.6 मिमी) रिकॉर्ड किया गया है।
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    नैनी (यमुना): यमुना नदी भी तेजी से बढ़ रही है। यहाँ जलस्तर 12 सेमी बढ़कर 73.93 मीटर (बारिश 9.8 मिमी) पर पहुंच गया है।
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    राहत की बात: हालांकि नदियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन अभी दोनों नदियां 84.734 मीटर के खतरे के निशान (Danger Mark) से काफी नीचे बह रही हैं।
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काशी और अन्य जिलों का हाल: वाराणसी (काशी) में गंगा का जलस्तर बढ़ने से विश्व प्रसिद्ध ललिता घाट पर होने वाली आरती का स्थान बदलना पड़ा है। वहीं दशाश्वमेध घाट की निचली सीढ़ियां पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। उधर, बलिया और बाराबंकी जिलों में सरयू नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है, जिसके चलते तटवर्ती 87 गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडराने लगा है।
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पूर्वी यूपी (UP East) के मौसम का हाल:

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पूर्वी उत्तर प्रदेश इस समय मानसून के मुख्य निशाने पर है। बंगाल की खाड़ी में बने 'लो प्रेशर एरिया' (Low Pressure Area) का सबसे ज्यादा असर इसी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।
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    वाराणसी, प्रयागराज और प्रतापगढ़: शुक्रवार को इन शहरों सहित पूर्वी यूपी के 20 शहरों में झमाझम बारिश हुई। प्रतापगढ़ में बारिश का रौद्र रूप ऐसा था कि पुलिस अधीक्षक (SP) दफ्तर में ही पानी भर गया, जिससे सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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    आगामी पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी यूपी के तराई और नेपाल से सटे जिलों (बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बस्ती आदि) में अगले 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) होने की प्रबल संभावना है। आकाशीय बिजली गिरने का भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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पश्चिमी यूपी (UP West) के मौसम का हाल:

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पूर्वी यूपी की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर थोड़ा कम है, लेकिन मौसम सुहावना बना हुआ है और बादलों की आवाजाही जारी है।
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    मेरठ और आस-पास: शनिवार की सुबह मेरठ में मौसम बेहद सुहावना रहा। आसमान में घने काले बादल छाए रहे और हल्की ठंडी हवाओं ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। शुक्रवार देर रात से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रातभर बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई है। दिन के समय भी मेरठ और एनसीआर (NCR) क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं।
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    आगरा और बरेली: आगरा, बरेली और लखीमपुर समेत पश्चिमी और मध्य यूपी के लगभग 15 शहरों में सुबह से ही रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का दौर जारी है।
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    लखनऊ-कानपुर: राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत 30 से अधिक शहरों में घने बादल छाए हुए हैं और छिटपुट बूंदाबांदी हो रही है।
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मौसम विभाग (IMD) का अलर्ट और वैज्ञानिक की चेतावनी

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मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में मानसून का दूसरा चरण बेहद सक्रिय (Active) हो गया है। आज पूरे प्रदेश के 31 शहरों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
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लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:

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"बंगाल की खाड़ी में बने शक्तिशाली 'लो प्रेशर एरिया' (Low Pressure Area) की वजह से पूर्वी यूपी में बारिश का यह नया सिलसिला शुरू हुआ है। आज यह मौसमी सिस्टम पश्चिमी यूपी (West UP) को भी पूरी तरह से कवर कर लेगा। इसके सीधे असर से पूरे यूपी में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ेगा और अगले एक हफ्ते तक प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।"
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प्रशासन की अपील: भारी बारिश और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, पेड़ों और जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लें, और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और नदियों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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