लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri Local News): उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से सोमवार की सुबह एक बेहद दुखद और मनहूस खबर सामने आई। रोजमर्रा की तरह लोग अपने-अपने काम पर जाने के लिए घरों से निकले थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर पीलीभीत-बस्ती हाईवे (Pilibhit-Basti Highway) पर अदलीसपुर गांव के पास एक बेकाबू ट्रक ने सवारियों से भरी एक मैजिक (टाटा मैजिक) गाड़ी को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण सड़क दुर्घटना में 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मरने वालों में अधिकतर लोग बहराइच और खीरी जिले के ही रहने वाले थे। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और हाईवे पर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।READ ALSO:-Meerut News: कलयुग में ईमानदारी की अनोखी मिसाल, कोट की जेब में मिले 75 हज़ार के गहने और नकदी कर्मचारियों ने किए वापस
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हादसे का खौफनाक मंजर: उछलकर सड़क पर गिरे लोग, सीट में फंसे शव

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सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे का समय था। मैजिक वाहन सवारियों को लेकर लखीमपुर से सिसैया की तरफ जा रहा था। इसी दौरान बहराइच की तरफ से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ट्रक ने मैजिक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
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चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण और जोरदार थी कि धमाके जैसी आवाज हुई। मैजिक गाड़ी आगे से पूरी तरह पिचक गई और उसमें बैठे लोगों के सिर बुरी तरह फट गए। टक्कर का असर इतना ज्यादा था कि गाड़ी में आगे बैठे दो लोग शीशा तोड़ते हुए उछलकर सीधे सड़क पर जा गिरे। बाकी सवारियां मैजिक की सीटों और लोहे के एंगल के बीच बुरी तरह फंस गईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। लोगों ने किसी तरह मैजिक के गेट और लोहे के हिस्से तोड़कर लहूलुहान लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक 9 लोग हमेशा के लिए मौत की नींद सो चुके थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: 'ओवरटेक' की जल्दबाजी ने ली 10 की जान

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इस दर्दनाक हादसे के चश्मदीद और नया गांव के प्रधान प्रदीप वर्मा ने उस खौफनाक सुबह का आंखों देखा हाल बयां किया। प्रदीप वर्मा ने बताया, "मैजिक की हालत और सड़क पर टायरों के निशान देखकर साफ लग रहा है कि चालक ने आगे चल रहे किसी वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की होगी। इसी ओवरटेक के चक्कर में वह सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की लेन में चला गया और सीधे उससे जा टकराया।"
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प्रधान ने आगे बताया कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो अंदर का नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। 9 लोगों की सांसें थम चुकी थीं, जबकि एक युवक बुरी तरह तड़प रहा था। उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी भी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने बाद में कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया।
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पुलिस और प्रशासन का एक्शन: ट्रक जब्त, आरोपी चालक फरार

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। खमरिया के क्षेत्राधिकारी (CO) शमशेर बहादुर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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सीओ शमशेर बहादुर सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:

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    ट्रक की पहचान: हादसे को अंजाम देने वाला ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 14 HT 5176) बरेली जिले के नगला फरीदपुर निवासी शेर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। शेर सिंह इस ट्रक के दूसरे मालिक (Second Owner) हैं।
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    गाजियाबाद का नंबर: ट्रक पर गाजियाबाद जिले की नंबर प्लेट लगी हुई है। जांच में पता चला है कि ट्रक में धान की पॉलिश की बोरियां लदी हुई थीं।
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    पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है, हालांकि ट्रक का चालक हादसे के तुरंत बाद मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खमरिया के अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद उनके अस्पताल में 2 महिलाओं और 7 पुरुषों के शव लाए गए थे। कई शवों की हालत इतनी खराब थी कि वे बुरी तरह कुचल गए थे। एक गंभीर रूप से घायल पुरुष को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन बदकिस्मती से रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है।
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मृतकों की पहचान: किसी के घर का चिराग बुझा, किसी ने भाई खोया

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इस हादसे ने कई घरों में मातम पसार दिया है। जान गंवाने वाले 10 लोगों में से 9 की पहचान कर ली गई है, जबकि एक अज्ञात मृतक की शिनाख्त के प्रयास अभी भी जारी हैं।
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हादसे का शिकार हुए लोगों की सूची:

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    पवन (23 वर्ष): निवासी मूर्तिहा गांव, बहराइच।
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    सोहन (21 वर्ष): निवासी मूर्तिहा गांव, बहराइच (पवन और सोहन सगे भाई थे, दोनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है)।
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    अदनान (15 वर्ष): निवासी सिसैया गांव, धौरहरा-खीरी।
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    पप्पू (18 वर्ष): निवासी देवदत्तपुर, थाना खैरी घाट (बहराइच)।
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    शहजाद (35 वर्ष): निवासी ककरहा मूर्तिहा (बहराइच)।
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    जुलेखा (55 वर्ष): निवासी धौरहरा (खीरी)।
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अधूरे रह गए सपने: होनहार इंजीनियर, महनती टीचर और कारोबारी की दर्दनाक मौत

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इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनके कंधों पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी या जो अपने करियर की नई उड़ान भरने वाले थे।
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1. जयवीर सिंह (उम्र- 25 वर्ष) - कतर की फ्लाइट से पहले कफन में लौटा होनहार: बहराइच के मन गोठिया गांव के रहने वाले जयवीर सिंह इस हादसे के सबसे दर्दनाक शिकार बने। जयवीर मुंबई की एक प्रतिष्ठित पावर कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनके पिता पेशकार सिंह एक रिटायर्ड होमगार्ड हैं। जयवीर के चाचा जितेंद्र ने रुंधे गले से बताया कि जयवीर ने हाल ही में 16 मई को मुंबई की कंपनी से इस्तीफा दिया था क्योंकि उसकी नौकरी विदेश (कतर) में लग गई थी। 21 मई को उसे पुणे से कतर के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। विदेश जाने से पहले वह अपने माता-पिता और परिवार का आशीर्वाद लेने और उनसे आखिरी बार मिलने के लिए घर आ रहा था। जयवीर के छोटे भाई प्रकाश सिंह ने बताया कि भाई घर में अकेले कमाने वाले थे। उनका सपना था कि विदेश जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारे, लेकिन इस हादसे ने परिवार का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छीन लिया।
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2. गायत्री देवी (उम्र- 44 वर्ष) - स्कूल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसों की डोर: सीतापुर जिले के विजय लक्ष्मी नगर की रहने वाली गायत्री देवी एक सरकारी शिक्षिका थीं। वे बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात थीं। सोमवार की सुबह वे रोजाना की तरह अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए स्कूल जाने के लिए निकली थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। स्कूल पहुंचने से पहले ही इस हादसे ने उनकी जान ले ली। उनके निधन की खबर से स्कूल के शिक्षकों और बच्चों में भी गहरी शोक की लहर है।
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3. राजेश गोयल (उम्र- 54 वर्ष) - बहन के घर से वापसी बनी आखिरी सफर: बहराइच के मिहींपुरवा निवासी राजेश गोयल एक सफल कारोबारी थे। वे घी, तेल और चीनी की सप्लाई का काम करते थे। जानकारी के मुताबिक, राजेश अपने बहनोई पवन सिंघल के घर लखीमपुर खीरी किसी काम से और मिलने-जुलने आए थे। सोमवार सुबह वे लखीमपुर से वापस अपने घर बहराइच लौट रहे थे, तभी मैजिक गाड़ी इस जानलेवा हादसे का शिकार हो गई।
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पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक, 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान

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लखीमपुर खीरी के इस दर्दनाक हादसे की गूंज देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से जारी संदेश में पीएम मोदी ने मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
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इसके साथ ही, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार की तरफ से भी स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ितों के परिवारों को हर संभव मदद और राहत तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराई जाए।
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लखीमपुर खीरी का यह सड़क हादसा उत्तर प्रदेश के हाईवे पर होने वाले हादसों की उस खतरनाक शृंखला का हिस्सा है, जहां रफ्तार का कहर और ओवरटेकिंग की मामूली सी चूक पल भर में दर्जनों जिंदगियां लील लेती है। यह घटना न केवल वाहन चालकों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि सड़क पर हमेशा यातायात नियमों का पालन करें, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है कि वे हाईवे पर गश्त और स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाएं, ताकि फिर किसी जयवीर के विदेश जाने के सपने न टूटें और किसी गायत्री का स्कूल पहुंचने का सफर अधूरा न रहे।
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